मेरठ में ध्वस्तीकरण कार्रवाई को लेकर शैंकी वर्मा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम अपने रक्त से पत्र लिखकर प्रभावित लोगों की समस्याओं पर ध्यान देने की अपील की। यह पत्र सोमवार 28 सितंबर 2026 को शहीद भगत सिंह की जयंती के अवसर पर लिखा गया। शैंकी वर्मा ने पत्र के माध्यम से मेरठ में चल रही बुलडोजर और ध्वस्तीकरण कार्रवाई को लेकर अपनी चिंता जताई और केंद्र स्तर पर मामले की जानकारी लेने का अनुरोध किया।
28 सितंबर को भगत सिंह की जयंती मनाई जाती है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी सोमवार को शहीद भगत सिंह को श्रद्धांजलि अर्पित की और उनके साहस तथा देश के लिए बलिदान की भावना को याद किया।
प्रधानमंत्री से मेरठ के लोगों की समस्याएं देखने की अपील
शैंकी वर्मा का कहना है कि उन्होंने प्रधानमंत्री के नाम लिखे पत्र के जरिए मेरठ में प्रभावित परिवारों और व्यापारियों की स्थिति पर ध्यान देने की अपील की है। उनके अनुसार शहर में चल रही ध्वस्तीकरण कार्रवाई को लेकर लोगों के बीच चिंता है।
उन्होंने प्रधानमंत्री से अनुरोध किया कि मामले की केंद्र स्तर पर गंभीरता से जानकारी ली जाए और प्रभावित लोगों की समस्याओं पर संवेदनशीलता से विचार किया जाए। उनका कहना है कि कानून और न्यायिक आदेशों का सम्मान करते हुए प्रभावित लोगों की समस्याओं के समाधान के लिए मानवीय और संवैधानिक रास्ता तलाशा जाना चाहिए।
Follow the Khabreelal News channel on WhatsApp Join ›शैंकी वर्मा ने कहा कि मेरठ को केवल एक शहर के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए, बल्कि यह लाखों लोगों के घर, रोजगार और जीवन से जुड़ा है। उन्होंने प्रभावित परिवारों और कारोबारियों की स्थिति पर विचार करने की अपील की।

बोले- रक्त-पत्र मेरठ की आवाज पहुंचाने का प्रयास
शैंकी वर्मा ने कहा कि भगत सिंह ने देश के लिए अपना जीवन बलिदान किया था। उनके अनुसार भगत सिंह की जयंती पर रक्त से पत्र लिखना किसी राजनीतिक प्रदर्शन के बजाय मेरठ के लोगों की चिंता प्रधानमंत्री तक पहुंचाने का प्रयास है।

उन्होंने कहा कि उनका यह पत्र मेरठ के उन लोगों की आवाज प्रधानमंत्री तक पहुंचाने का माध्यम है, जो ध्वस्तीकरण कार्रवाई को लेकर प्रभावित या चिंतित हैं।
उन्होंने अपने संदेश में प्रधानमंत्री से मेरठ के लोगों की समस्याओं को सुनने और प्रभावित परिवारों के लिए समाधान तलाशने की अपील की।
भगत सिंह जयंती पर देशभर में श्रद्धांजलि
शहीद भगत सिंह का जन्म 28 सितंबर 1907 को हुआ था और 28 सितंबर को उनकी जयंती मनाई जाती है। सोमवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी उन्हें श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि भगत सिंह ने अपने साहस और शौर्य से स्वतंत्रता आंदोलन को नई धार दी। प्रधानमंत्री ने उनके बलिदान की भावना को देश के युवाओं के लिए साहस और संकल्प का प्रतीक बताया।
मेरठ में शैंकी वर्मा द्वारा लिखा गया यह रक्त-पत्र इसी अवसर पर शहर में चल रही ध्वस्तीकरण कार्रवाई को लेकर प्रधानमंत्री का ध्यान आकर्षित करने की अपील के तौर पर सामने आया है।
यहां यह स्पष्ट करना जरूरी है कि मेरठ में ध्वस्तीकरण कार्रवाई को लेकर शैंकी वर्मा द्वारा लगाए गए आरोप और उनकी मांगें उनके व्यक्तिगत बयान हैं। संबंधित प्रशासनिक या न्यायिक पक्ष की जानकारी उपलब्ध होने पर उसे भी खबर में शामिल किया जाना चाहिए।
Sabse pehle comment karne wale banein.