मेरठ में सोमवार 28 सितंबर 2026 को कांग्रेस ने विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली के विरोध में प्रदर्शन किया। पार्टी के प्रदेशव्यापी कार्यक्रम के तहत जिला मुख्यालय पर कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता एकत्र हुए। उपलब्ध विवरण के अनुसार कार्यकर्ताओं ने पहले कमिश्नरी के पास प्रदर्शन किया और इसके बाद डीएम कार्यालय की ओर मार्च किया।
प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ नारे लगाए। इस दौरान “वोट चोर, गद्दी छोड़” और “वोट चोर कहां मिलेंगे, बीजेपी के दफ्तर में” जैसे नारे लगाए गए। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने “चुनाव आयुक्त हटाओ, लोकतंत्र बचाओ” का नारा भी लगाया।
SIR को लेकर कांग्रेस ने उठाए सवाल
Meerut Congress Protest का मुख्य मुद्दा मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण को लेकर कांग्रेस की आपत्तियां रहीं। पार्टी का कहना है कि मतदाता सूची में नाम जोड़ने और हटाने की प्रक्रिया को लेकर लोगों के बीच सवाल हैं। कांग्रेस चुनाव आयोग से इस प्रक्रिया में पारदर्शिता बरतने और पात्र मतदाताओं को आपत्ति दर्ज कराने का पर्याप्त अवसर देने की मांग कर रही है।

प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता अभिमन्यु त्यागी ने कहा कि SIR की प्रक्रिया को लेकर मतदाताओं के मन में कई सवाल हैं। उनके मुताबिक मतदान का अधिकार मतदाता सूची में नाम दर्ज होने से सीधे जुड़ा है। इसलिए किसी पात्र व्यक्ति का नाम उचित प्रक्रिया का पालन किए बिना नहीं हटाया जाना चाहिए।
Follow the Khabreelal News channel on WhatsApp Join ›त्यागी ने कहा कि मतदाता सूची में नाम जोड़ने और हटाने की प्रक्रिया पारदर्शी होनी चाहिए। SIR को लेकर उठ रहे सवालों पर चुनाव आयोग को स्पष्ट जवाब देना चाहिए।

कांग्रेस ने प्रदर्शन के दौरान मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने और उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग भी उठाई। पार्टी की ओर से उनके कार्यकाल में लिए गए फैसलों और मतदाता सूची में हुए बदलावों की जांच की मांग किए जाने की बात कही गई।
जिला मुख्यालयों पर प्रदर्शन का निर्देश
उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने SIR और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली के विरोध में 28 सितंबर को प्रदेश के जिला मुख्यालयों पर विरोध मार्च निकालने के निर्देश दिए थे। इसके लिए जिला और शहर कांग्रेस कमेटियों को संयुक्त रूप से कार्यक्रम आयोजित करने को कहा गया था।
प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रभारी राजबहादुर की ओर से जारी निर्देशों में जिला और शहर इकाइयों से अधिक से अधिक पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं की भागीदारी सुनिश्चित करने को कहा गया। कार्यक्रम में पार्टी नेताओं, वर्तमान और पूर्व जनप्रतिनिधियों तथा कार्यकर्ताओं के शामिल होने की बात कही गई।
कांग्रेस का कहना है कि चुनाव आयोग एक संवैधानिक संस्था है और चुनावी प्रक्रिया में लोगों का भरोसा बनाए रखने के लिए पारदर्शिता तथा जवाबदेही जरूरी है।
ज्ञानेश कुमार का मेरठ-वाराणसी कार्यक्रम स्थगित
इस बीच मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का उत्तर प्रदेश में प्रस्तावित कार्यक्रम भी स्थगित हो चुका है। उन्हें 25 सितंबर को मेरठ में Electoral Literacy Clubs और ECINET से जुड़े कार्यक्रम में शामिल होना था। इसके बाद 28 सितंबर को वाराणसी में युवाओं के साथ संवाद का कार्यक्रम प्रस्तावित था। दोनों कार्यक्रम स्थगित कर दिए गए हैं।
निर्वाचन आयोग के अधिकारियों ने कहा है कि कार्यक्रमों की तारीखों में बदलाव कई कारणों से होता रहता है और इन दोनों कार्यक्रमों को स्थगित करने का फैसला 21 सितंबर को लिया गया था। आयोग के अनुसार इसका संबंध मौजूदा विवाद से नहीं था और कार्यक्रमों के आयोजन में स्थान की उपलब्धता, अधिकारियों के कार्यक्रम तथा अन्य स्थानीय और लॉजिस्टिक कारणों को ध्यान में रखा जाता है।
इसलिए CEC के यूपी दौरे के स्थगन को SIR विवाद का परिणाम बताना पुष्ट तथ्य नहीं है। कांग्रेस ने जहां इसे लेकर अपनी राजनीतिक मांगें और सवाल उठाए हैं, वहीं निर्वाचन आयोग ने कार्यक्रम स्थगित करने की अलग वजह बताई है।
SIR से संबंधित मतदाता सेवाओं के लिए निर्वाचन आयोग के आधिकारिक पोर्टल पर मतदाता अपना नाम और पुराने SIR रिकॉर्ड से जुड़ी जानकारी भी देख सकते हैं।
Sabse pehle comment karne wale banein.