न्यूयॉर्क: संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद यानी UNSC में भारत की स्थायी सदस्यता की मांग को रूस से एक बार फिर मजबूत समर्थन मिला है। रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने संयुक्त राष्ट्र महासभा के 81वें सत्र में कहा कि सुरक्षा परिषद में एशिया, अफ्रीका और लैटिन अमेरिका का प्रतिनिधित्व बढ़ाया जाना चाहिए। उन्होंने साफ कहा कि रूस भारत और ब्राजील की स्थायी सदस्यता की उम्मीदवारी का समर्थन करता है।
लावरोव ने सुरक्षा परिषद में सुधार की जरूरत पर जोर देते हुए कहा कि मौजूदा व्यवस्था दुनिया की वर्तमान राजनीतिक और आर्थिक वास्तविकताओं को पूरी तरह प्रतिबिंबित नहीं करती। उनके मुताबिक सुधार का उद्देश्य ग्लोबल साउथ को सुरक्षा परिषद में ज्यादा प्रभावी प्रतिनिधित्व देना होना चाहिए।
भारत के साथ ब्राजील की उम्मीदवारी का भी समर्थन
रूसी विदेश मंत्री ने अपने भाषण में भारत के साथ ब्राजील को भी स्थायी सदस्यता का समर्थन दिया। उन्होंने कहा कि एशिया, अफ्रीका और लैटिन अमेरिका की भागीदारी बढ़ाना जरूरी है और रूस भारत व ब्राजील की उम्मीदवारी के पक्ष में है।
रूस का यह रुख नया नहीं है। 12 सितंबर 2026 को नई दिल्ली में हुए BRICS Summit के बाद जारी घोषणा में भी रूस और चीन ने भारत और ब्राजील की संयुक्त राष्ट्र में बड़ी भूमिका की आकांक्षा का समर्थन दोहराया था। BRICS घोषणा में विकासशील देशों की सुरक्षा परिषद में अधिक प्रतिनिधित्व की जरूरत भी बताई गई थी।
Follow the Khabreelal News channel on WhatsApp Join ›जर्मनी और जापान को लेकर रूस का अलग रुख
लावरोव ने सुरक्षा परिषद में अतिरिक्त पश्चिमी देशों को स्थायी सीट देने का विरोध किया। उन्होंने खास तौर पर जर्मनी और जापान का नाम लिया।
लावरोव के मुताबिक सुरक्षा परिषद में सुधार के नाम पर पश्चिमी देशों को अतिरिक्त सीट नहीं दी जानी चाहिए। उन्होंने जर्मनी और जापान पर “militarism and revanchism” की दिशा में बढ़ने का आरोप लगाया। यह रूस का राजनीतिक आकलन है, जिसे दोनों देशों की विदेश और सुरक्षा नीतियों के संदर्भ में देखा जाना चाहिए।
भारत, ब्राजील, जर्मनी और जापान चारों देश G4 समूह का हिस्सा हैं और सुरक्षा परिषद में स्थायी सदस्यता के लिए संयुक्त रूप से अभियान चलाते हैं। रूस का ताजा रुख इस मायने में महत्वपूर्ण है कि उसने G4 के दो देशों—भारत और ब्राजील—का समर्थन किया, लेकिन जर्मनी और जापान के लिए अतिरिक्त स्थायी सीट का विरोध किया।
UNSC में अभी कितने स्थायी सदस्य हैं?
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में कुल 15 सदस्य होते हैं। इनमें पांच स्थायी सदस्य हैं—अमेरिका, रूस, चीन, ब्रिटेन और फ्रांस। इन पांचों के पास वीटो पावर है। बाकी 10 सदस्य दो साल के कार्यकाल के लिए चुने जाते हैं।
सुरक्षा परिषद में भारत की स्थायी सदस्यता लंबे समय से भारतीय विदेश नीति का प्रमुख मुद्दा रही है। भारत का तर्क है कि दुनिया की बदलती राजनीतिक, आर्थिक और जनसंख्या संबंधी वास्तविकताओं को देखते हुए सुरक्षा परिषद की संरचना में बदलाव जरूरी है।
भारत को और देशों का भी समर्थन
UN General Assembly के मौजूदा सत्र में रूस के अलावा मॉरीशस ने भी भारत की स्थायी सदस्यता की उम्मीदवारी का समर्थन दोहराया। पुर्तगाल ने भी सुरक्षा परिषद में अफ्रीका, भारत और ब्राजील के लिए स्थायी प्रतिनिधित्व की वकालत की।
हालांकि, किसी देश का समर्थन मिलना अपने आप में भारत को स्थायी सदस्य बना देने के लिए पर्याप्त नहीं है। सुरक्षा परिषद की संरचना में बदलाव के लिए संयुक्त राष्ट्र की निर्धारित संवैधानिक प्रक्रिया पूरी करनी होगी। मौजूदा पांच स्थायी सदस्यों की भूमिका भी इस प्रक्रिया में महत्वपूर्ण है।
रूस के ताजा बयान से भारत की UNSC सदस्यता की मांग को एक मौजूदा स्थायी सदस्य का स्पष्ट समर्थन जरूर मिला है, लेकिन भारत की स्थायी सदस्यता अभी तय नहीं हुई है। सुरक्षा परिषद के विस्तार पर सदस्य देशों के बीच बातचीत और सहमति की प्रक्रिया आगे भी जारी रहेगी।
Sabse pehle comment karne wale banein.