चीन के राष्ट्रपति Xi Jinping अमेरिका पहुंच गए हैं। 23 से 25 सितंबर तक चलने वाली उनकी यह State Visit अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump के निमंत्रण पर हो रही है। यह 2015 के बाद Xi की पहली अमेरिकी State Visit है। हालांकि वह 2023 में APEC Summit के दौरान अमेरिका आए थे, लेकिन वह State Visit नहीं थी।
Xi का यह दौरा ऐसे समय हो रहा है, जब दुनिया की दो सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं के बीच संबंधों में व्यापार और तकनीक को लेकर तनाव बना हुआ है। दोनों देशों के बीच पिछले कुछ समय में Tariff War भी तेज हुआ और उसके बाद Trade Truce तक पहुंची। अब दोनों नेता इस अस्थायी समझौते को आगे बढ़ाने पर चर्चा कर सकते हैं।
Trump ने Xi को बुधवार को Joint Base Andrews पर रिसीव किया। इसके बाद 24 सितंबर को White House में State Arrival Ceremony रखी गई है। दोनों नेताओं की औपचारिक बातचीत भी इसी दौरान होगी।

यह यात्रा इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि मई 2026 में Trump चीन का दौरा कर Xi से मुलाकात कर चुके हैं। अब कुछ महीनों के भीतर दोनों नेताओं की दूसरी आमने-सामने मुलाकात हो रही है।
Follow the Khabreelal News channel on WhatsApp Join ›11 साल बाद क्यों खास है यह दौरा?
Xi Jinping ने आखिरी बार 2015 में अमेरिकी State Visit की थी। उस समय अमेरिका में Barack Obama राष्ट्रपति थे। इसके बाद Xi 2023 में अमेरिका आए थे, लेकिन वह यात्रा APEC Leaders' Summit से जुड़ी थी। इसलिए मौजूदा दौरा 11 साल बाद उनकी पहली अमेरिकी State Visit माना जा रहा है।
इस बार Trump प्रशासन ने Xi के स्वागत के लिए काफी औपचारिक कार्यक्रम रखा है। White House में State Ceremony और State Dinner के अलावा दोनों नेताओं के बीच बंद कमरे में बातचीत होगी।
Tariff War से Trade Truce तक पहुंची कहानी
Trump और Xi की मुलाकात का सबसे बड़ा मुद्दा व्यापार और टैरिफ है। 2025 में Trump प्रशासन ने चीन से आने वाले सामान पर टैरिफ बढ़ाए। इसके जवाब में चीन ने भी अमेरिकी उत्पादों पर शुल्क बढ़ाया और कुछ महत्वपूर्ण खनिजों के निर्यात पर नियंत्रण लगाया।
अप्रैल 2025 में दोनों देशों के बीच टैरिफ तेजी से बढ़े। कुछ समय के लिए अमेरिकी और चीनी टैरिफ 100 फीसदी से ऊपर पहुंच गए थे। मई में दोनों देशों ने बातचीत के बाद टैरिफ कम करने और 90 दिन की राहत देने पर सहमति बनाई। बाद में यह व्यवस्था आगे बढ़ाई गई।
इसके बाद अक्टूबर 2025 में Trump और Xi की बातचीत के बाद एक व्यापक Trade Truce बनी। इसके तहत दोनों पक्षों ने कुछ टैरिफ और व्यापारिक प्रतिबंधों में राहत दी। मौजूदा समझौते से जुड़ी कुछ व्यवस्थाएं नवंबर 2026 तक चलनी हैं।
अब फिर टैरिफ बढ़ेंगे या राहत मिलेगी?
यही इस बैठक का सबसे अहम सवाल है। मौजूदा Trade Truce नवंबर में खत्म होने वाली है। इसलिए बाजार और कारोबारी यह देख रहे हैं कि Trump और Xi इसे आगे बढ़ाने पर सहमत होते हैं या नहीं।
दोनों देशों के बीच करीब 30 अरब डॉलर के सामान पर आपसी टैरिफ में कटौती की संभावनाओं पर भी बातचीत चल रही है। अमेरिकी LNG, कृषि उत्पाद और चीन के Rare Earth exports भी चर्चा के मुद्दों में हैं।
Rare Earths और AI भी बातचीत में
व्यापार के अलावा Rare Earth minerals भी महत्वपूर्ण मुद्दा हैं। चीन इन महत्वपूर्ण खनिजों की वैश्विक आपूर्ति में बड़ी भूमिका रखता है। इनका इस्तेमाल स्मार्टफोन, इलेक्ट्रॉनिक्स से लेकर रक्षा उपकरणों तक में होता है।
अमेरिका चीन से Rare Earths की आपूर्ति बनाए रखने की मांग कर रहा है। वहीं चीन अमेरिकी Advanced Technology और Export Controls से जुड़ी पाबंदियों में राहत चाहता है।
Artificial Intelligence यानी AI भी Trump-Xi बातचीत का अहम हिस्सा रहने वाला है। दोनों देश AI और सेमीकंडक्टर तकनीक में बढ़त को लेकर प्रतिस्पर्धा कर रहे हैं।
सिर्फ व्यापार नहीं, Taiwan और Iran भी मुद्दे
Trump और Xi की बातचीत केवल व्यापार तक सीमित नहीं रहेगी। Taiwan, Iran और वैश्विक सुरक्षा भी चर्चा में रहने की संभावना है। Reuters के मुताबिक दोनों देशों के बीच तनाव वाले कई मुद्दे इस बैठक के एजेंडे में हैं।
इसलिए Xi Jinping का यह अमेरिका दौरा सिर्फ एक State Visit नहीं है। इसके दौरान दुनिया की दो बड़ी आर्थिक और सैन्य शक्तियों के बीच व्यापार, तकनीक और रणनीतिक रिश्तों की दिशा पर बातचीत होगी।
फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यह है कि Tariff War से बनी Trade Truce नवंबर के बाद भी जारी रहती है या दोनों देश फिर से टैरिफ की राह पर लौटते हैं।