उत्तर प्रदेश के कन्नौज जिले में आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर शुक्रवार दोपहर एक बड़ा सड़क हादसा हो गया। तेज बारिश के दौरान एक बेकाबू फॉर्च्यूनर कार डिवाइडर की फेंसिंग तोड़ते हुए दूसरी लेन में जाकर पलट गई। इस दर्दनाक कन्नौज एक्सप्रेसवे हादसा में सुल्तानपुर की जिला पंचायत अध्यक्ष उषा सिंह सहित कुल पांच लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के बाद कार के दरवाजे लॉक हो गए और सभी सवार अंदर फंस गए। ऐसे समय में वहां से गुजर रहे एक सिपाही दंपती ने देवदूत बनकर अपनी सर्विस राइफल से कार का शीशा तोड़ा और सभी को सुरक्षित बाहर निकाल लिया।

हादसे का कारण बनी तेज बारिश जानकारी के अनुसार, यह घटना तालग्राम थाना क्षेत्र में आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे के किलोमीटर 171 के पास शुक्रवार दोपहर करीब दो बजे घटित हुई। फॉर्च्यूनर कार लखनऊ से नोएडा की तरफ जा रही थी। अचानक तेज बारिश शुरू हो गई, जिससे दृश्यता कम हो गई और सड़क पर फिसलन बढ़ गई। इसी दौरान चालक ने कार से नियंत्रण खो दिया। अनियंत्रित कार डिवाइडर की करीब 20 मीटर फेंसिंग को तोड़ते हुए दूसरी लेन में जा घुसी और पलट गई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि कार बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई और उसके सभी दरवाजे जाम हो गए।

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कार में फंसे थे ये पांच लोग हादसाग्रस्त कार में पांच लोग सवार थे, जिनमें सुल्तानपुर की जिला पंचायत अध्यक्ष उषा सिंह भी शामिल थीं। उनके अलावा कार में चालक विकास यादव, लखीमपुर खीरी निवासी आयुष वर्मा, हेड कांस्टेबल अरविंद कुमार और नोएडा निवासी गीतांजलि सिंह सवार थे। कार पलटने के बाद सभी लोग अंदर फंस गए और अपनी जान बचाने के लिए संघर्ष कर रहे थे।

सिपाही दंपती ने दिखाई सूझबूझ और बहादुरी इसी दौरान आशा ज्योति केंद्र कन्नौज में तैनात महिला कांस्टेबल अर्चना सिंह अपने पति कांस्टेबल अमित तेवतिया के साथ उसी रास्ते से गुजर रही थीं। जैसे ही उन्होंने सड़क पर पलटी हुई फॉर्च्यूनर और उसमें फंसे लोगों को देखा, उन्होंने तुरंत अपना वाहन रोक लिया। बिना एक भी पल गंवाए, दोनों ने रेस्क्यू अभियान शुरू कर दिया। जब उन्होंने देखा कि कार के दरवाजे नहीं खुल रहे हैं, तो सिपाही अमित तेवतिया ने अपनी सर्विस राइफल के बट का इस्तेमाल किया। उन्होंने राइफल से कार का शीशा तोड़ा और अपनी पत्नी अर्चना की मदद से अंदर फंसे सभी पांच लोगों को एक-एक कर सुरक्षित बाहर निकाला।

घायलों को भेजा गया अस्पताल रेस्क्यू के तुरंत बाद सिपाही दंपती ने पुलिस कंट्रोल रूम को हादसे की सूचना दी। कुछ ही देर में यूपीडा (UPEIDA) की टीम, स्थानीय पुलिस और एंबुलेंस मौके पर पहुंच गई। घायल जिला पंचायत अध्यक्ष उषा सिंह, आयुष वर्मा और हेड कांस्टेबल अरविंद कुमार की स्थिति को देखते हुए उन्हें तुरंत इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज तिर्वा में भर्ती कराया गया। अन्य दो घायलों को भी प्राथमिक उपचार दिया गया।

इस पूरी घटना के दौरान सिपाही दंपती के रेस्क्यू का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें उनकी तत्परता साफ देखी जा सकती है। उनकी इस बहादुरी की हर तरफ तारीफ हो रही है। अधिकारियों ने भी स्पष्ट किया है कि 302 किलोमीटर लंबे इस एक्सप्रेसवे पर बारिश के दौरान रफ्तार पर नियंत्रण रखना बेहद जरूरी है, ताकि ऐसी दुर्घटनाओं से बचा जा सके। फिलहाल पुलिस मामले की आगे की जांच कर रही है।

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