नई दिल्ली: अगर आपके नाम पर मोबाइल SIM है और उसे कोई दूसरा व्यक्ति लंबे समय से इस्तेमाल कर रहा है, तो अब इस व्यवस्था को हल्के में लेना ठीक नहीं है। केंद्र सरकार ने Telecommunications (User Identification) Rules, 2026 लागू किए हैं, जिनमें मोबाइल कनेक्शन के user की पहचान और user बदलने की प्रक्रिया को लेकर नियम तय किए गए हैं।

नए नियमों के मुताबिक SIM या मोबाइल कनेक्शन का user बदलना सामान्य रूप से खुला विकल्प नहीं है। निर्धारित परिस्थितियों में ही user change किया जा सकता है और इसके लिए पहचान सत्यापन की प्रक्रिया पूरी करनी होती है।

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SIM अपने नाम पर, चला कोई और रहा है तो ध्यान दें

मान लीजिए आपने अपने दस्तावेजों पर SIM लिया और बाद में वह SIM किसी दोस्त, परिचित या किसी अन्य व्यक्ति को स्थायी रूप से इस्तेमाल करने के लिए दे दिया। ऐसी स्थिति में मोबाइल कनेक्शन के रिकॉर्ड में दर्ज ग्राहक और वास्तविक उपयोगकर्ता अलग हो सकते हैं।

नए User Identification Rules में user change की अनुमति रिश्तेदार, कानूनी उत्तराधिकारी या सरकार द्वारा निर्धारित अन्य श्रेणी के मामलों में दी गई है। इसके लिए मौजूदा और नए user की पहचान सत्यापन प्रक्रिया पूरी करनी होती है।

यानी सिर्फ SIM कार्ड हाथ में देकर यह मान लेना कि अब नंबर दूसरे व्यक्ति का हो गया, सही प्रक्रिया नहीं है।

User बदलने के लिए क्या करना होगा?

नियमों के तहत जहां user change की अनुमति है, वहां मौजूदा user की सहमति और नए user की पहचान सत्यापन जैसी प्रक्रियाएं लागू होती हैं। नए user की biometric identification भी नियमों का हिस्सा है।

किसी subscriber की मृत्यु होने की स्थिति में भी कानूनी उत्तराधिकारी के लिए अलग प्रक्रिया निर्धारित की गई है।

₹50 हजार जुर्माने की बात कहां से आई?

यहां सबसे जरूरी बात समझना जरूरी है।

Telecommunications Act, 2023 में ₹50,000 तक की civil penalty के प्रावधान मौजूद हैं, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि हर व्यक्ति द्वारा अपना SIM किसी दूसरे को देने पर सीधे ₹50,000 का चालान कट जाएगा।

Act की Third Schedule में अलग-अलग उल्लंघनों के लिए अलग penalties निर्धारित हैं। कुछ मामलों में पहली गलती पर ₹50,000 तक की civil penalty हो सकती है, जबकि SIM की निर्धारित सीमा से अधिक संख्या रखने के लिए अलग penalty का प्रावधान है।

इसलिए सोशल मीडिया पर चल रहे “SIM दूसरे को दिया और ₹50 हजार जुर्माना पक्का” जैसे दावे को सीधे सच मानना सही नहीं होगा।

SIM किसी दूसरे के नाम करना है तो क्या करें?

अगर मोबाइल नंबर वास्तव में किसी दूसरे व्यक्ति को इस्तेमाल करना है, तो सबसे सुरक्षित रास्ता है कि telecom operator के जरिए नियमों के मुताबिक user change या नया connection लिया जाए।

खासकर ऐसे मामलों में जहां कोई दोस्त, कर्मचारी या परिचित आपके नाम पर जारी SIM इस्तेमाल कर रहा है, नंबर को अनौपचारिक तरीके से सौंपने के बजाय उसकी वैध user identification कराना बेहतर है।

नए नियमों में biometric verification भी अहम

Telecommunications (User Identification) Rules, 2026 का बड़ा हिस्सा subscriber की पहचान मजबूत करने से जुड़ा है। नए कनेक्शन और कुछ अन्य प्रक्रियाओं में biometric-based identification का प्रावधान किया गया है। DoT ने इन नियमों के लिए अपना Telecom eServices Portal भी लागू किया है।

आपके नाम पर कितने SIM हैं, जरूर जांचें

अगर आपको शक है कि आपके नाम पर कोई ऐसा मोबाइल नंबर चल रहा है जिसे आप इस्तेमाल नहीं करते, तो Sanchar Saathi के जरिए अपने नाम से जुड़े मोबाइल कनेक्शनों की जानकारी जांची जा सकती है।

किसी अनजान नंबर की जानकारी मिलने पर उसे रिपोर्ट करने की सुविधा भी उपलब्ध है।

एक लाइन में समझिए

अपने नाम का SIM किसी दूसरे व्यक्ति को स्थायी रूप से सौंप देना और नियमों के तहत वैध user change कराना दो अलग चीजें हैं। नए नियमों में user की पहचान और बदलाव की प्रक्रिया को ज्यादा स्पष्ट किया गया है। वहीं ₹50 हजार की penalty को हर SIM-sharing मामले पर सीधे लागू बताना सही नहीं है।

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