मेरठ: पश्चिमी उत्तर प्रदेश में इलाहाबाद हाईकोर्ट की खंडपीठ स्थापित करने की मांग को लेकर सोमवार को मेरठ में अधिवक्ताओं और पुलिस-प्रशासन के बीच विवाद हो गया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात कर ज्ञापन देने जा रहे अधिवक्ताओं को सुभारती विश्वविद्यालय की ओर जाने से रोक दिया गया। पुलिस ने अधिवक्ताओं की बस को रास्ते में रोक दिया, जिसके बाद मौके पर बहस शुरू हो गई।
अधिवक्ताओं का कहना था कि वे मुख्यमंत्री के सामने पश्चिमी उत्तर प्रदेश में हाईकोर्ट बेंच स्थापित करने की मांग रखना चाहते हैं। बस रोके जाने के बाद पुलिसकर्मियों और वकीलों के बीच काफी देर तक नोकझोंक हुई। मामला बढ़ता देख पुलिस और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे।
अधिकारियों ने अधिवक्ताओं से की बातचीत
विवाद की जानकारी मिलने पर एसपी सिटी विनायक गोपाल भोसले और एडीएम सिटी बृजेश कुमार सिंह मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने अधिवक्ताओं से बातचीत कर उन्हें शांत कराने का प्रयास किया। वकीलों ने मुख्यमंत्री से मिलने की अनुमति नहीं दिए जाने पर नाराजगी जताई और कहा कि वे अपनी मांग का ज्ञापन मुख्यमंत्री को सौंपना चाहते हैं।
@khabreelal_news UP(W) में हाईकोर्ट की खंडपीठ की मांग को लेकर मेरठ में सोमवार को अधिवक्ताओं और पुलिस-प्रशासन के बीच विवाद हो गया। CM योगी आदित्यनाथ से मिलने जा रहे वकीलों की बस रोके जाने के बाद अधिवक्ता कमिश्नरी की ओर बढ़ गए। pic.twitter.com/omVSNCPYkt
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बातचीत के दौरान तत्काल रास्ता नहीं निकलने पर अधिवक्ता बस से उतरकर जुलूस की शक्ल में कमिश्नरी की ओर बढ़ने लगे। पुलिस ने उन्हें रोकने की कोशिश की, लेकिन अधिवक्ता अपनी मांग पर आगे बढ़ते रहे।
कमिश्नरी पहुंचकर फिर हुई बातचीत
अधिवक्ताओं के कमिश्नरी की ओर बढ़ने के बाद प्रशासन ने एक बार फिर उनसे बातचीत की। अधिकारियों और अधिवक्ताओं के बीच काफी देर तक चर्चा हुई। इसके बाद प्रशासन की ओर से दोपहर में अधिवक्ताओं के प्रतिनिधिमंडल की मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात कराने का आश्वासन दिया गया।
आश्वासन मिलने के बाद अधिवक्ताओं ने तत्काल आगे बढ़ने का फैसला टाल दिया। इस दौरान पुलिस-प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था भी बनाए रखी।
लंबे समय से उठ रही है हाईकोर्ट बेंच की मांग
पश्चिमी उत्तर प्रदेश में हाईकोर्ट की खंडपीठ स्थापित करने की मांग लंबे समय से अधिवक्ताओं के आंदोलन का प्रमुख मुद्दा रही है। वकीलों का कहना है कि पश्चिमी यूपी के लोगों को हाईकोर्ट से जुड़े मामलों के लिए प्रयागराज जाना पड़ता है। दूरी अधिक होने के कारण मुकदमों की पैरवी करने वाले लोगों को समय और आर्थिक संसाधन दोनों खर्च करने पड़ते हैं।
मेरठ में इस मांग को लेकर अधिवक्ता लगातार आंदोलन और न्यायिक कार्य से विरत रहने जैसे कदम उठाते रहे हैं। हाल ही में मेरठ बार एसोसिएशन और अन्य बार संगठनों की बैठकों में आंदोलन को आगे बढ़ाने की रणनीति पर भी चर्चा हुई थी।
योगी और नितिन नबीन के कार्यक्रम के दौरान हुआ घटनाक्रम
सोमवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन मेरठ पहुंचे थे। दोनों नेताओं का सुभारती विश्वविद्यालय में युवा संवाद समेत कई कार्यक्रमों में शामिल होने का कार्यक्रम था। नितिन नबीन के दौरे को लेकर पार्टी स्तर पर संगठनात्मक बैठकें भी निर्धारित थीं।
इसी दौरान अधिवक्ता मुख्यमंत्री से मुलाकात कर हाईकोर्ट बेंच की मांग का ज्ञापन देना चाहते थे। कार्यक्रम स्थल की ओर जाने से रोके जाने के बाद बस रोकने को लेकर विवाद हुआ और बाद में अधिवक्ताओं ने कमिश्नरी की ओर रुख किया।
अब अधिवक्ताओं की नजर मुख्यमंत्री के साथ प्रस्तावित प्रतिनिधिमंडल की मुलाकात पर है। इस मुलाकात में पश्चिमी उत्तर प्रदेश में हाईकोर्ट की खंडपीठ स्थापित करने की मांग को लेकर अधिवक्ता अपनी बात रखेंगे।