उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले में आगामी विधानसभा चुनाव 2027 (UP Assembly Election 2027) को लेकर प्रशासनिक स्तर पर तैयारियां अभी से तेज कर दी गई हैं। इसी कड़ी में शनिवार को बिजनौर की जिला निर्वाचन अधिकारी (DEO) और जिलाधिकारी जसजीत कौर ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) और वोटर वेरिफिएबल पेपर ऑडिट ट्रेल (वीवीपैट) की प्रथम स्तरीय जांच (फर्स्ट लेवल चेकिंग - FLC) के कार्यों का बारीकी से निरीक्षण किया। उन्होंने निरीक्षण के दौरान संबंधित अधिकारियों और इंजीनियरों को स्पष्ट निर्देश दिए कि भारत निर्वाचन आयोग (ECI) द्वारा प्रथम स्तरीय जांच के लिए बनाई गई मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) का अक्षरशः अनुपालन सुनिश्चित किया जाए। इस दौरान उन्होंने एफएलसी केंद्र पर रखी आगंतुक पुस्तिका में अपना विवरण दर्ज कर हस्ताक्षर भी किए।
चुनाव आयोग की गाइडलाइन का सख्त अनुपालन निरीक्षण के दौरान जिला निर्वाचन अधिकारी जसजीत कौर ने बताया कि निष्पक्ष, स्वतंत्र और पारदर्शी चुनाव संपन्न कराने के लिए इन मशीनों की तकनीकी जांच सबसे अहम कदम है। प्रत्येक निर्वाचन से पूर्व, उपयोग में लाई जाने वाली ईवीएम और वीवीपैट मशीनों का कड़ाई से परीक्षण किया जाता है। यह पूरी चेकिंग संबंधित निर्माता कंपनी के अधिकृत इंजीनियरों द्वारा जिला निर्वाचन अधिकारी की सीधी निगरानी में की जाती है। उन्होंने स्पष्ट किया कि केवल प्रथम स्तरीय जांच (एफएलसी) में पास होने वाली ईवीएम और वीवीपैट मशीनों का ही उपयोग आगामी विधानसभा चुनाव में किया जाएगा। एफएलसी की यह पूरी विस्तृत प्रक्रिया भारत निर्वाचन आयोग की आधिकारिक वेबसाइट पर इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन नियमावली में विस्तार से उपलब्ध है।

17 सितंबर से चल रही है जांच प्रक्रिया जिला निर्वाचन अधिकारी ने जानकारी दी कि 2027 के विधानसभा सामान्य निर्वाचन में इस्तेमाल होने वाली मशीनों की यह जांच 17 सितंबर 2026 से कलेक्ट्रेट परिसर में शुरू हो चुकी है, जो एफएलसी की समाप्ति तक जारी रहेगी। यह तकनीकी कार्य भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (BEL) और इलेक्ट्रॉनिक्स कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (ECIL) के अधिकृत इंजीनियरों की टीम द्वारा किया जा रहा है। चुनाव आयोग के मौजूदा दिशा-निर्देशों के मुताबिक एफएलसी प्रक्रिया को सुचारू और सुरक्षित रूप से संपन्न कराने के लिए सभी जरूरी व्यवस्थाएं पूरी कर ली गई हैं। इस महत्वपूर्ण प्रक्रिया की निगरानी केवल जिला स्तर पर ही नहीं, बल्कि मुख्य निर्वाचन अधिकारी और भारत निर्वाचन आयोग के स्तर से भी निरंतर की जा रही है।

राजनीतिक दलों की मौजूदगी में खुले वेयरहाउस चुनाव प्रक्रिया में पूरी पारदर्शिता बनाए रखने के लिए गुरुवार को ई0वी0एम0 वेयरहाउस (कलेक्ट्रेट बिजनौर) और वीवीपैट वेयरहाउस (झण्डापुर चांदपुर रोड, बिजनौर) को प्रथम स्तरीय जांच के लिए वीडियोग्राफी के तहत खोला गया। इस दौरान राष्ट्रीय और राज्य स्तरीय मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि भी विशेष रूप से वहां मौजूद रहे। वेयरहाउस को खोलने और काम खत्म होने के बाद बंद करने की पूरी प्रक्रिया इन्हीं प्रतिनिधियों की मौजूदगी में संपन्न कराई गई। मशीनों के सुरक्षित भंडारण से जुड़ी सभी प्रक्रियाएं भी चुनाव आयोग के मैनुअल के अनुसार ही की जा रही हैं। इस अहम निरीक्षण कार्यक्रम में अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) देवेंद्र पाल सिंह सहित अन्य संबंधित अधिकारी और अभियंता भी मौजूद रहे।
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