अंतरिक्ष और खगोल विज्ञान में रुचि रखने वालों के लिए 19 सितंबर 2026 का दिन बेहद खास होने वाला है। इस दिन दुनियाभर में 'अंतर्राष्ट्रीय चंद्र अवलोकन रात्रि' (International Observe the Moon Night - InOMN) मनाई जाएगी। गोरखपुर के वीर बहादुर सिंह नक्षत्रशाला के खगोलविद अमर पाल सिंह के अनुसार, यह नासा के 'लूनर रिकॉनिसेंस ऑर्बिटर' (LRO) और 'सौरमंडल अन्वेषण प्रभाग' द्वारा प्रायोजित एक निःशुल्क वैश्विक आयोजन है। इसका मुख्य उद्देश्य केवल चंद्रमा को देखना नहीं है, बल्कि लोगों को इसके इतिहास, संरचना, वैज्ञानिक महत्व और भविष्य के अंतरिक्ष-अन्वेषण में इसकी भूमिका से अवगत कराना है। इस अवसर पर आम लोग घर, विद्यालय, विज्ञान केंद्र या ऑनलाइन माध्यमों से चंद्रमा का अवलोकन कर सकते हैं।

प्रथम चौथाई अवस्था और 'टर्मिनेटर' का अद्भुत नजारा यह आयोजन आमतौर पर सितंबर या अक्टूबर में उस समय किया जाता है जब चंद्रमा अपनी 'प्रथम चौथाई' (First Quarter) अवस्था में होता है। वर्ष 2026 में यह स्थिति 18 सितंबर को बन रही है, इसलिए आधिकारिक आयोजन शाम के समय आसानी से दर्शन के लिए 19 सितंबर, शनिवार को रखा गया है। खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि इस दिन चंद्रमा को साधारण आंखों या दूरबीन से देखने पर 'टर्मिनेटर' (प्रकाश और अंधकार को अलग करने वाली सीमा रेखा) का अद्भुत नजारा दिखता है। इसके आसपास सूर्य के प्रकाश से बनने वाली लंबी परछाइयों के कारण चंद्रमा के गड्ढे (क्रेटर), प्राचीन ज्वालामुखीय लावा से बने मैदान (समुद्र), घाटियां और पर्वत अधिक स्पष्ट और रोमांचक रूप से दिखाई देते हैं।

बिना उपकरण और ऑनलाइन भी कर सकते हैं प्रतिभाग इस खगोलीय आयोजन की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें हिस्सा लेने के लिए किसी महंगे उपकरण की आवश्यकता नहीं है। साफ मौसम में इसे नंगी आंखों से भी निहारा जा सकता है। विद्यालयों और खगोलीय क्लबों में इस दिन विशेष आयोजन किए जा सकते हैं, जहां विद्यार्थी चंद्रमा के चित्र बनाने से लेकर चंद्र-मानचित्र पर प्रमुख स्थलों की पहचान कर सकते हैं। यदि 19 सितंबर को मौसम खराब हो या बादल छाए रहें, तब भी नासा की आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से वर्चुअल मून टूर और चंद्र-डेटा विजुअलाइजेशन जैसी डिजिटल सुविधाओं का निःशुल्क लाभ उठाकर इस कार्यक्रम में हिस्सा लिया जा सकता है।

NASA से ऐसे प्राप्त करें निःशुल्क प्रमाणपत्र जो लोग इस वैश्विक उत्सव का हिस्सा बनना चाहते हैं, वे नासा की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर कार्यक्रम के मानचित्र पर अपनी भागीदारी दर्ज कर सकते हैं। प्रतिभागी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर #ObserveTheMoon (#ऑब्जर्व द मून) हैशटैग के जरिए दुनिया भर के लोगों के साथ अपनी तस्वीरें और अनुभव साझा कर सकते हैं। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि इस आयोजन में शामिल होने वाले सभी प्रतिभागी नासा की वेबसाइट से 2026 का अपना नाम दर्ज किया हुआ आधिकारिक 'प्रतिभागिता प्रमाणपत्र' (Certificate of Participation) निःशुल्क डाउनलोड कर सकते हैं। भारत में इस अवसर का उपयोग विद्यार्थियों को इसरो के चंद्रयान अभियानों और भविष्य के अंतरिक्ष अन्वेषणों के प्रति जागरूक करने के लिए किया जा सकता है।
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