उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले के बहुचर्चित 'ब्लू ड्रम हत्याकांड' (सौरभ राजपूत हत्याकांड) में न्याय की घड़ी अब बेहद नजदीक आ गई है। जिला जज की अदालत में इस सनसनीखेज मामले की अंतिम बहस पूरी हो चुकी है। अदालत ने इस मामले में फैसले के लिए 30 सितंबर की तारीख मुकर्रर की है। इस दिन यह तय होने की पूरी संभावना है कि अपने ही पति की खौफनाक हत्या करने वाली पत्नी और उसके प्रेमी को क्या सजा मिलेगी। पूरे मेरठ शहर और मृतक के परिजनों को इस बड़े फैसले का बेसब्री से इंतजार है।
अभियोजन पक्ष ने की फांसी (मृत्युदंड) की मांग अदालत में मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने आरोपियों के खिलाफ पुख्ता सबूत, वैज्ञानिक साक्ष्य और गवाह पेश किए हैं। अभियोजन ने इसे 'रेयरेस्ट ऑफ द रेयर' (दुर्लभ से दुर्लभ) श्रेणी का जघन्य अपराध बताते हुए मुख्य आरोपी पत्नी मुस्कान और उसके प्रेमी साहिल के लिए अधिकतम सजा की गुहार लगाई है। सरकारी वकील ने अदालत से अपील की है कि जिस बेरहमी और साजिश के तहत सौरभ राजपूत की हत्या की गई, उसे देखते हुए दोनों आरोपियों को मृत्युदंड (फांसी) की सजा दी जानी चाहिए, ताकि समाज में एक कड़ा संदेश जाए।
क्या था खौफनाक ब्लू ड्रम हत्याकांड? यह दिल दहला देने वाली वारदात मेरठ में हुई थी, जिसने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी थी। सौरभ राजपूत की बेरहमी से हत्या करने के बाद, उसके शव को ठिकाने लगाने के लिए एक नीले रंग के प्लास्टिक के ड्रम (ब्लू ड्रम) में ठूंस कर रख दिया गया था। सौरभ के लापता होने के बाद जब परिजनों ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई, तो जांच के दौरान पत्नी की भूमिका संदिग्ध लगी। पुलिस की सख्ती से पूछताछ में जब सच सामने आया और ड्रम बरामद हुआ, तो उसके अंदर से सौरभ की लाश मिली थी। इस खौफनाक तरीके के कारण ही इसे मीडिया और स्थानीय लोगों के बीच 'ब्लू ड्रम हत्याकांड' के नाम से जाना गया।
अवैध संबंधों के चलते रची गई थी हत्या की खौफनाक साजिश पुलिस की विस्तृत जांच और चार्जशीट में यह पूरी तरह से साफ हो गया था कि सौरभ की पत्नी मुस्कान के साहिल नाम के युवक के साथ अवैध संबंध थे। सौरभ को जब इन संबंधों की भनक लगी, तो वह इसका कड़ा विरोध करता था और यही उसकी मौत का सबसे बड़ा कारण बन गया। मुस्कान ने अपने प्रेमी साहिल के साथ मिलकर सौरभ को रास्ते से हटाने की साजिश रची। दोनों ने मिलकर पहले सौरभ की निर्मम हत्या की और फिर जुर्म छिपाने के लिए लाश को ड्रम में पैक कर दिया। पुलिस ने मोबाइल कॉल डिटेल्स और अन्य सुरागों को जोड़कर मुस्कान और साहिल को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।
Follow the Khabreelal News channel on WhatsApp Join ›30 सितंबर पर टिकीं सबकी निगाहें अब इस मामले में अभियोजन और बचाव पक्ष, दोनों की जिरह और अंतिम बहस पूरी हो चुकी है। सबूतों और गवाहों के बयानों को देखते हुए 30 सितंबर को जिला जज की अदालत द्वारा बड़ा फैसला सुनाए जाने की उम्मीद है। मृतक सौरभ के परिजन लंबे समय से न्याय की आस लगाए बैठे हैं। लोगों की निगाहें अब अदालत पर टिकी हैं कि क्या मुस्कान और साहिल को उनके जघन्य अपराध की सबसे सख्त सजा मिलेगी या नहीं।