बिजनौर जिले के धामपुर में नगर पालिका परिषद द्वारा लगाए गए नए 'कूड़ा कर' (यूजर चार्ज) का विरोध शहर में शुरू हो गया है। महाराणा प्रताप क्षत्रिय राजपूत सभा, धामपुर के एक प्रतिनिधिमंडल ने नगर पालिका कार्यालय पहुंचकर जमकर अपना एतराज दर्ज कराया। सभा के पदाधिकारियों ने धामपुर नगर पालिका परिषद के अध्यक्ष और अधिशासी अधिकारी (ईओ) रवि शंकर शुक्ला को संयुक्त रूप से एक ज्ञापन सौंपा। इस ज्ञापन में नगर पालिका के इस नए टैक्स को जनता के लिए अनुचित बताते हुए इसे तुरंत प्रभाव से वापस लेने की जोरदार मांग की गई है।
मिडिल क्लास पर पड़ेगा सीधा आर्थिक बोझ ज्ञापन सौंपने के दौरान महाराणा प्रताप क्षत्रिय राजपूत सभा के पदाधिकारियों ने कड़ा विरोध जताते हुए कहा कि धामपुर की जनता पहले से ही महंगाई की मार झेल रही है। नगर पालिका प्रशासन द्वारा शहरवासियों से पहले ही जलकर (वाटर टैक्स) और गृह कर (हाउस टैक्स) के रूप में मोटी रकम वसूली जा रही है। अब इन दो करों के ऊपर यह तीसरा 'कूड़ा कर' लगाकर जनता की जेब पर अतिरिक्त आर्थिक भार डालना पूरी तरह से गलत है।

पदाधिकारियों ने प्रशासन का ध्यान इस ओर दिलाया कि धामपुर शहर में लगभग 9000 परिवार निवास करते हैं। इनमें से अधिकांश लोग मध्यम वर्ग (मिडिल क्लास) और निम्न आय वर्ग से ताल्लुक रखते हैं। रोजमर्रा के खर्चों के बीच इस तरह के नए कर को किसी भी दृष्टिकोण से न्यायसंगत नहीं ठहराया जा सकता है।

समाजवादी नेताओं और कार्यकर्ताओं का मिला साथ इस विरोध प्रदर्शन और ज्ञापन सौंपने वाले प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व वरिष्ठ समाजवादी कार्यकर्ता रविंद्र चौहान 'पप्पू' ने किया। उनके साथ भारी संख्या में सभा के पदाधिकारी और स्थानीय नागरिक मौजूद रहे। इस प्रतिनिधिमंडल में मुख्य रूप से पूनम चौहान, अजय कुमार, राजपाल सिंह, उदयवीर सिंह और दिसंबर सिंह आदि ने अपनी सक्रिय भागीदारी निभाई।

सभा के सदस्यों ने प्रशासन को स्पष्ट संदेश दिया है कि यदि जनहित को ध्यान में रखते हुए इस कूड़ा कर को वापस नहीं लिया गया, तो आने वाले दिनों में यह विरोध प्रदर्शन और तेज किया जाएगा। स्थानीय लोगों का मानना है कि शहर की साफ-सफाई करना नगर पालिका की प्राथमिक जिम्मेदारी है, जिसके लिए पहले ही टैक्स दिया जा रहा है। ऐसे में अलग से कूड़ा कर वसूलना पूरी तरह से अव्यावहारिक है।