खबरीलाल डेस्क
खबरीलाल स्पेशल डेस्क (पालघर/मुंबई):
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अंतर्राष्ट्रीय साक्षरता दिवस के अवसर पर साक्षरता की अवधारणा अब केवल किताबें पढ़ने या हस्ताक्षर करने तक सीमित नहीं रह गई है। आधुनिक दौर में अपने संवैधानिक अधिकारों को समझना, कानूनी दस्तावेजों की सही जानकारी रखना और अपने भविष्य के लिए सही समय पर सही फैसला लेना ही वास्तविक साक्षरता है। विशेष रूप से देश के अन्नदाता यानी किसानों के लिए यह जागरूकता उनकी जमीन, आजीविका और आने वाली पीढ़ियों की सुरक्षा से सीधे जुड़ी हुई है।
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​इसी सोच को धरातल पर उतारने का काम कर रही है इंफ्रास्ट्रक्चर क्षेत्र की प्रमुख कंपनी नावड़ा 4C पावर ट्रांसमिशन लिमिटेड (Khavda 4C Power Transmission Limited)। कंपनी बिजली ट्रांसमिशन परियोजनाओं से प्रभावित होने वाले किसानों को केवल औपचारिक मुआवजा देने तक सीमित नहीं है, बल्कि उन्हें भूमि मुआवजा प्रक्रिया, स्वामित्व रिकॉर्ड, आवश्यक कागजात और ट्रांसमिशन नेटवर्क के तकनीकी पहलुओं की पारदर्शी जानकारी देकर वास्तविक रूप से सशक्त बना रही है।
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एक नजर में: साक्षरता दिवस विशेष पहल (Key Highlights Table)

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पैरामीटर (Parameters)
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विवरण (Details)
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विषय / अवसर
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अंतर्राष्ट्रीय साक्षरता दिवस (International Literacy Day Special)
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पहलकर्ता संस्था
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खावड़ा 4C पावर ट्रांसमिशन लिमिटेड
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प्रमुख क्षेत्र
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भिवंडी तालुका (पालघर/ठाणे/मुंबई रीजन)
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सहयोगी प्रशासनिक निकाय
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भूमि अभिलेख उपअधीक्षक (TILR) एवं उपविभागीय अधिकारी (SDM) भिवंडी
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प्रमुख उपलब्धि
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3 दिनों में 16 में से 15 गांवों के 105 सर्वे नंबरों का मानचित्रण
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मुख्य उद्देश्य
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किसानों को भूमि अधिकारों, पोट हिस्सा सर्वे व मुआवजे के प्रति जागरूक करना
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भिवंडी तालुका में 'पोट हिस्सा सर्वेक्षण': 3 दिनों में 105 सर्वे नंबरों की मैपिंग

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जागरूकता और प्रशासनिक तालमेल का सबसे बेहतरीन उदाहरण भिवंडी तालुका में आयोजित 'पोट हिस्सा सर्वेक्षण' के दौरान देखने को मिला।
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पारंपरिक रूप से भूमि सर्वे और रिकॉर्ड संशोधन में महीनों का समय लग जाता है, जिससे किसानों में भ्रम और असुरक्षा का माहौल बनता है। लेकिन खावड़ा 4C पावर ट्रांसमिशन लिमिटेड ने TILR (भूमि अभिलेख उपअधीक्षक) और SDM भिवंडी के सहयोग से एक पारदर्शी अभियान चलाया:
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त्वरित कार्यवाही: महज तीन दिनों के रिकॉर्ड समय के भीतर 16 में से 15 गांवों को कवर किया गया।
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व्यापक कवरेज: कुल 115 सर्वे नंबरों में से 105 सर्वे नंबरों का सटीकता से मानचित्रण (Mapping) पूरा किया गया।
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स्पष्ट स्वामित्व रिकॉर्ड: इस त्वरित और पारदर्शी प्रक्रिया से भू-स्वामियों के रिकॉर्ड पूरी तरह सत्यापित हो गए, जिससे किसानों को बिना किसी मध्यस्थ या परेशानी के उनका जायज मुआवजा पाने का रास्ता साफ हो गया।
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"जागरूक किसान ही सशक्त किसान है": निनाद पितले

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कंपनी के इस व्यापक जन-जागरूकता अभियान और साक्षरता के बदलते दृष्टिकोण पर अपने विचार व्यक्त करते हुए निनाद पितले (सीनियर वाइस प्रेसिडेंट एवं ग्रुप हेड, कॉर्पोरेट अफेयर्स, खावड़ा 4C पावर ट्रांसमिशन लिमिटेड) ने कहा:
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"साक्षरता सिर्फ पढ़ने और लिखने तक सीमित नहीं है। अपने अधिकारों, जिम्मेदारियों और आजीविका से जुड़ी प्रक्रियाओं को समझना भी उतना ही जरूरी है। हमारा मानना है कि एक जागरूक किसान ही वास्तविक अर्थों में सशक्त किसान है। जब हम लगातार संवाद करते हैं और सही जानकारी सीधे किसान तक पहुंचाते हैं, तो वर्षों पुरानी भ्रांतियां और आशंकाएं दूर होती हैं। इससे स्थानीय समुदाय किसी भी विकास परियोजना में डर के बजाय भरोसे और आत्मविश्वास के साथ भागीदार बनता है।"
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भ्रम से भरोसे की ओर: विकास प्रक्रिया में किसानों की भागीदारी

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आमतौर पर बड़े बुनियादी ढांचे या पावर ट्रांसमिशन लाइनों के निर्माण के दौरान स्थानीय ग्रामीणों और किसानों में मुआवजे व भूमि अधिग्रहण को लेकर कई तरह की आशंकाएं होती हैं। खावड़ा 4C पावर ट्रांसमिशन लिमिटेड की यह पहल यह दर्शाती है कि यदि कॉरपोरेट संस्थाएं और सरकारी प्रशासन मिलकर किसानों को प्रक्रिया का हिस्सा बनाएं, तो विकास की रफ्तार दोगुनी हो जाती है।
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पारदर्शी संवाद से न केवल प्रशासनिक प्रक्रियाएं आसान होती हैं, बल्कि किसानों को यह अहसास होता है कि देश के इंफ्रास्ट्रक्चर विकास में उनकी जमीन और योगदान का पूरा सम्मान किया जा रहा है।
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साक्षरता का नया और व्यावहारिक स्वरूप

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साक्षरता दिवस पर पालघर और मुंबई से सटकर चल रही यह पहल पूरे देश के लिए एक नजीर है। जब ज्ञान और सही जानकारी खेत तक पहुंचती है, तो किसान न केवल अपने अधिकारों की रक्षा करने में सक्षम होता है, बल्कि वह देश की प्रगति में एक स्वाभिमान और सशक्त भागीदार के रूप में खड़ा होता है। खावड़ा 4C पावर ट्रांसमिशन लिमिटेड का यह कदम साबित करता है कि सच्चा विकास वही है जो अंतिम व्यक्ति को जागरूक और आत्मनिर्भर बनाए।