खबरीलाल डेस्क

मेरठ (Meerut): उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले में शुक्रवार का दिन एक खौफनाक वारदात का गवाह बना। जुमे की नमाज अदा करने के बाद घर लौट रहे एक कारोबारी पर दिनदहाड़े अंधाधुंध फायरिंग कर दी गई। गोलियों की तड़तड़ाहट से पूरा इलाका दहल उठा। यह कोई फिल्मी सीन नहीं था, बल्कि मेरठ के लोहियानगर थाना क्षेत्र के फतेउल्लापुर रोड पर घटी एक खौफनाक हकीकत थी। महज 24 लाख रुपये के विवाद में एक हंसते-खेलते कारोबारी की जान लेने की कोशिश की गई। इस घटना ने पूरे इलाके में दहशत का माहौल पैदा कर दिया है।

घटना का विस्तृत विवरण: नमाज के बाद मौत से सामना

अलीबाग कॉलोनी के रहने वाले हारुन इलाके के एक जाने-माने स्क्रैप (कबाड़) कारोबारी हैं और साथ ही प्रॉपर्टी डीलिंग का भी बड़ा काम करते हैं। शुक्रवार को वह अपनी दिनचर्या के अनुसार अलीबाग कॉलोनी की ही एक मस्जिद में जुमे की नमाज अदा करने गए थे। नमाज के बाद जब वे शांति से अपने घर की तरफ लौट रहे थे, तभी रास्ते में उनका सामना इरशाद (पुत्र बशीर) से हो गया। इरशाद खलचूरी का थोक व्यापारी है।

दोनों के बीच पहले से ही पैसों का लेन-देन चल रहा था। हारुन ने इरशाद को देखते ही अपने बकाया 24 लाख रुपये की मांग की। बस इसी बात पर दोनों के बीच तीखी बहस शुरू हो गई। बात इतनी बढ़ गई कि इरशाद ने अपना आपा खो दिया और बिना कुछ सोचे-समझे अपनी पिस्टल निकालकर हारुन पर सीधे फायरिंग शुरू कर दी। एक या दो नहीं, बल्कि करीब 10 राउंड गोलियां चलाई गईं, जिसने पूरे इलाके को थर्रा दिया।

500 मीटर की वह खौफनाक दौड़: जिंदगी और मौत के बीच का फासला

फायरिंग के इस दुस्साहसिक हमले में हारुन को तीन गोलियां लगीं। खून से लथपथ होने के बावजूद हारुन ने हिम्मत नहीं हारी। शरीर में गोलियां धंसने के बाद भी उसकी जीने की अदम्य इच्छा ने उसे वहीं गिरने नहीं दिया। वह अपनी जान बचाने के लिए बदहवास हालत में सड़क पर दौड़ पड़ा। गोलियों की गूंज और पीछे मौत को दौड़ता देख, हारुन ने लगभग 500 मीटर तक दौड़ लगाई और फिर अंततः जब उसके शरीर ने पूरी तरह से जवाब दे दिया, तो वह सड़क पर अचेत होकर गिर पड़ा।

यह दृश्य देखकर आसपास के लोग सहम गए। हालांकि, कुछ साहसी लोगों ने तुरंत तत्परता दिखाई और गंभीर रूप से घायल हारुन को एक बाइक पर बिठाकर आनन-फानन में नजदीकी अस्पताल पहुंचाया। अस्पताल में उसकी हालत बेहद नाजुक बनी हुई है और डॉक्टर उसकी जान बचाने के लिए लगातार संघर्ष कर रहे हैं।

विवाद की असली जड़: 24 लाख रुपये और कमेटी का पैसा

इस पूरे जानलेवा हमले के पीछे की मुख्य वजह 24 लाख रुपये की भारी-भरकम रकम बताई जा रही है। पीड़ित हारुन के भाई उमर ने मीडिया और पुलिस को जानकारी देते हुए बताया कि इरशाद पर हारुन के लगभग 24 लाख रुपये बकाया थे। यह पैसा किसी कमेटी के लेनदेन से जुड़ा हुआ था। उमर के अनुसार, यह रकम पहले भी कई बार मांगी जा चुकी थी, लेकिन इरशाद हर बार टालमटोल कर रहा था। शुक्रवार को भी हारुन ने सिर्फ अपने हक के पैसे ही मांगे थे, जिसके बदले में उसे गोलियां खानी पड़ीं।

उमर ने यह भी गंभीर आरोप लगाया है कि जब हारुन पर हमला हुआ, तो पहले इरशाद ने अपनी पिस्टल से गोलियां बरसाईं और उसके बाद उसके बेटे ने भी हारुन पर फायरिंग की। इस दोहरे हमले का सीधा मकसद हारुन की हत्या करना था।

आरोपी का खौफनाक बयान: "हम यहां के राजा हैं..."

पीड़ित परिवार के आरोप सिर्फ फायरिंग तक सीमित नहीं हैं। भाई उमर के मुताबिक, फायरिंग करने के बाद आरोपी इरशाद ने बेहद खौफनाक और दुस्साहसिक धमकियां दीं। इरशाद ने सरेआम कहा, 'कोई हमारा कुछ नहीं बिगाड़ सकता। हम अवैध हथियारों का काम करते हैं। हमारे पास तमाम अवैध असलहे मौजूद हैं। हम जो चाहें वो कर सकते हैं। कोई हमारा कुछ नहीं बिगाड़ सकता, न यह पुलिस और न ही यहां का प्रशासन। हम इस इलाके के राजा हैं।'

अगर इन आरोपों में सच्चाई है, तो यह सीधा-सीधा कानून-व्यवस्था को खुली चुनौती है। हालांकि पुलिस अभी इस बयान और अवैध हथियारों के कारोबार के दावों की गहन जांच कर रही है।

फिल्मी अंदाज में पुलिस की कार्रवाई: सीढ़ी लगाकर घर में घुसी टीम

दिनदहाड़े फायरिंग की इस सनसनीखेज घटना की सूचना मिलते ही लोहियानगर थाना पुलिस और सीओ (CO) कोतवाली की टीम पूरे दलबल के साथ मौके पर पहुंच गई। पुलिस सबसे पहले आरोपी इरशाद के घर पहुंची। वहां पहुंचने पर पुलिस ने देखा कि मकान का मुख्य गेट अंदर से पूरी तरह से बंद था।

पुलिस अधिकारियों ने कई बार दरवाजा खटखटाया और खुलवाने की कोशिश की, लेकिन अंदर से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली। जब सीधे तरीके से बात नहीं बनी, तो पुलिस ने एक अलग रणनीति अपनाई। पुलिसकर्मियों ने एक लंबी लकड़ी की सीढ़ी मंगवाई और उसे मकान की बालकनी पर लगाया। एक जांबाज पुलिसकर्मी सीढ़ी के सहारे बालकनी से होते हुए घर के अंदर दाखिल हुआ और फिर उसने अंदर जाकर मुख्य दरवाजा खोला।

मकान के अंदर पुलिस को मुख्य आरोपी इरशाद या उसका बेटा तो नहीं मिले, लेकिन वहां मौजूद परिवार की 3 महिलाओं को पुलिस ने तत्काल हिरासत में ले लिया। पुलिस उनसे कड़ी पूछताछ कर रही है ताकि आरोपियों के छिपने के ठिकानों का पता लगाया जा सके। इसके साथ ही, पुलिस ने इलाके और घर के आसपास लगे सभी सीसीटीवी कैमरों की डीवीआर (DVR) को अपने कब्जे में ले लिया है, ताकि घटना की पूरी फुटेज और आरोपियों के भागने का रूट मैप तैयार किया जा सके।

बेड बॉक्स में छिपा था खजाना: 30 लाख कैश और अवैध हथियार बरामद

पुलिस की कार्रवाई सिर्फ गिरफ्तारी के प्रयास तक सीमित नहीं रही। जब पुलिस टीम ने आरोपी इरशाद के घर की सघन तलाशी ली, तो बेडरूम के बेड बॉक्स के अंदर से एक रहस्यमयी बैग बरामद हुआ। जब पुलिस ने उस बैग को खोला, तो सभी की आंखें फटी रह गईं।

  • भारी कैश: बैग के अंदर से लगभग 30 लाख रुपये नकद बरामद हुए हैं।
  • हथियार: तलाशी के दौरान पुलिस को घर से दो अवैध हथियार भी मिले हैं, जिन्हें जब्त कर लिया गया है।

इस भारी भरकम रकम के मिलने के बाद इलाके में कई तरह की चर्चाएं तेज हो गई हैं। स्थानीय लोगों का मानना है कि यह वही पैसा हो सकता है जो आरोपी ने हारुन या अन्य लोगों की कमेटी के नाम पर इकट्ठा किया था। हालांकि, पुलिस ने इस बेहिसाब नकदी को जब्त कर लिया है और अब इनकम टैक्स विभाग को भी इसकी सूचना दी जा सकती है। बरामद रकम का हारुन के बकाया पैसों से क्या सीधा संबंध है, इसकी पुष्टि होना अभी बाकी है।

पुलिस अधिकारी का आधिकारिक बयान

इस पूरी घटना पर पुलिस क्षेत्राधिकारी (CO) संग्राम सिंह ने आधिकारिक बयान जारी करते हुए कहा कि, "हमें फतेउल्लापुर रोड पर कमेटी के पैसों के विवाद में इरशाद द्वारा हारुन पर फायरिंग किए जाने की सूचना मिली थी। तत्काल प्रभाव से पुलिस मौके पर पहुंची। घायल हारुन को गंभीर अवस्था में अस्पताल में भर्ती कराया गया है जहां उसका इलाज जारी है। हमने प्राथमिक जांच में पाया है कि गोली पिस्टल से मारी गई है।"

सीओ ने आगे बताया, "पुलिस ने आरोपी के घर से दो हथियार बरामद किए हैं और भारी मात्रा में कैश भी मिला है जिसकी गिनती और जांच की जा रही है। पीड़ित परिवार की तहरीर के आधार पर सुसंगत धाराओं में हत्या के प्रयास का मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। मुख्य आरोपी इरशाद और उसके बेटे की गिरफ्तारी के लिए हमारी कई टीमें लगातार अलग-अलग ठिकानों पर दबिश दे रही हैं। जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेजा जाएगा।"

निष्कर्ष: मेरठ में घटी यह घटना एक बार फिर दिखाती है कि कैसे पैसों का लेनदेन और आपसी विवाद कुछ ही पलों में खूनी संघर्ष में तब्दील हो जाता है। दिनदहाड़े 10 राउंड फायरिंग और 500 मीटर तक जान बचाने के लिए भागते कारोबारी का मंजर इलाके के लोगों के जहन में खौफ पैदा कर गया है। अब देखना यह है कि मेरठ पुलिस कितनी जल्दी खुद को 'इलाके का राजा' बताने वाले इस आरोपी को गिरफ्तार कर कानून का राज स्थापित करती है।