शकील अहमद
बिजनौर (क्राइम एवं पर्यावरण डेस्क): उत्तर प्रदेश के जनपद बिजनौर से वन्यजीवों की आवाजाही और उनके रेस्क्यू से जुड़ी एक बड़ी और सनसनीखेज खबर सामने आई है। जिले के चांदपुर थाना/क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले पेजनिया गांव में उस वक्त हड़कंप मच गया जब एक खूंखार गुलदार (लेपर्ड) लगभग 30 फीट गहरे एक सूखे कुएं में जा गिरा। रात के सन्नाटे में कुएं के अंदर से आ रही गुलदार की तेज दहाड़ सुनकर आसपास के ग्रामीण सहम गए और मौके पर भारी भीड़ जमा हो गई। गनीमत यह रही कि समय रहते वन विभाग को सूचना मिल गई और करीब दो घंटे तक चले सघन एवं जोखिम भरे अभियान के बाद गुलदार को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।
\r\n\r\n
 
\r\n\r\n

कैसे हुआ हादसे का खुलासा?

\r\n\r\n
​प्राप्त जानकारी के अनुसार, पेजनिया गांव के पास स्थित खेतों और झाड़ियों के बीच एक पुराना और सूखा कुआं बना हुआ है, जो करीब 30 फीट गहरा है। अंदेशा जताया जा रहा है कि रात के समय भोजन या पानी की तलाश में भटकते हुए यह गुलदार अनियंत्रित होकर इस खुले और गहरे कुएं में जा गिरा।
\r\n\r\n\r\n\r\n\r\n
 
\r\n\r\n
​रात के वक्त जब अचानक कुएं के भीतर से किसी भारी जानवर के गुर्राने और दहाड़ने की आवाजें आने लगीं, तो स्थानीय ग्रामीणों के कान खड़े हो गए। जब कुछ साहसी ग्रामीण लाठी-डंडों और टॉर्च के साथ उस कुएं के पास पहुंचे और अंदर झांककर देखा, तो उनकी सांसें थम गईं। कुएं के अंदर एक वयस्क गुलदार फंसे होने के कारण छटपटा रहा था। देखते ही देखते यह खबर आग की तरह पूरे गांव में फैल गई और मौके पर सैकड़ों ग्रामीणों की भीड़ एकत्र हो गई।
\r\n\r\n
 
\r\n\r\n

वन विभाग की तत्परता और 2 घंटे का रेस्क्यू ऑपरेशन

\r\n\r\n
​ग्रामीणों ने सूझबूझ का परिचय देते हुए तुरंत इसकी सूचना स्थानीय पुलिस और वन विभाग (Forest Department) के अधिकारियों को दी। सूचना मिलते ही वन विभाग की बचाव टीम तुरंत रेस्क्यू उपकरणों, पिंजरे, और सुरक्षा जालों के साथ मौके पर रवाना हो गई।
\r\n\r\n
 
\r\n\r\n
​जब वन विभाग की टीम घटनास्थल पर पहुंची, तो स्थिति काफी संवेदनशील थी। कुएं के चारों ओर भारी भीड़ जमा थी, जिससे गुलदार और अधिक भयभीत और आक्रामक हो सकता था। सबसे पहले पुलिस और वन कर्मियों ने ग्रामीणों को कुएं के मुहाने से दूर हटाया और सुरक्षा घेरा बनाया। इसके बाद टॉर्च की रोशनी में कुएं के अंदर फंसे गुलदार की स्थिति का जायजा लिया गया।
\r\n\r\n
 
\r\n\r\n
​वन विभाग के विशेषज्ञों ने बिना देर किए एक सुरक्षित रणनीति बनाई। कुएं की गहराई अधिक होने के कारण रेस्क्यू करना किसी चुनौती से कम नहीं था। टीम ने विशेष उपकरणों और जाल की मदद से गुलदार को सुरक्षित तरीके से ऊपर खींचने का प्रयास शुरू किया। करीब दो घंटे की कड़ी मशक्कत, सूझबूझ और धैर्य के बाद आखिरकार वन विभाग की टीम ने गुलदार को बिना कोई नुकसान पहुंचाए सुरक्षित बाहर निकालने में सफलता हासिल कर ली। गुलदार के सुरक्षित रेस्क्यू होने के बाद ग्रामीणों और प्रशासन ने राहत की सांस ली।
\r\n\r\n
 
\r\n\r\n

क्षेत्र में लगातार बढ़ रहा वन्यजीवों का आतंक

\r\n\r\n
​बिजनौर जिला अपने घने जंगलों, गन्ने के खेतों और नदी के तटीय इलाकों के लिए जाना जाता है, जिसके चलते अक्सर यहां गुलदार या अन्य वन्यजीवों का बस्तियों की तरफ आ जाना आम बात हो गई है। पिछले कुछ समय से लगातार सामने आ रही ऐसी घटनाओं ने ग्रामीणों और किसानों की चिंता बढ़ा दी है। रात के समय खेतों की ओर जाने वाले किसानों में अब डर का माहौल देखा जा रहा है।
\r\n\r\n
 
\r\n\r\n
​प्रशासन और वन विभाग ने क्षेत्र के लोगों से अपील की है कि वे सुनसान रास्तों पर अकेले जाने से बचें और यदि कहीं भी किसी जंगली जानवर की मौजूदगी की सूचना मिले, तो तुरंत वन विभाग को सूचित करें ताकि किसी अनहोनी को समय रहते टाला जा सके।
\r\n\r\n
 
\r\n\r\n

Disclaimer (अस्वीकरण):

\r\n\r\n
इस समाचार में दी गई सभी जानकारियां स्थानीय रिपोर्ट्स और वन विभाग के शुरुआती विवरणों पर आधारित हैं। हमारा उद्देश्य पाठकों तक पर्यावरण और वन्यजीव सुरक्षा से जुड़ी सटीक सूचना पहुंचाना है। जंगली जानवरों के रेस्क्यू या उनके करीब जाने का प्रयास खतरनाक हो सकता है। ऐसे मामलों में हमेशा प्रशिक्षित वन विभाग की टीम की मदद लें। पोर्टल किसी भी प्रकार की अप्रत्याशित घटना के लिए उत्तरदायी नहीं है।