उत्तर प्रदेश के बिजनौर (Bijnor News) से एक बेहद दर्दनाक और विचलित कर देने वाली खबर सामने आई है। यहां के प्रसिद्ध बिजनौर गंगा बैराज पुल (Bijnor Ganga Barrage) से एक व्यक्ति ने उफनती गंगा नदी में छलांग लगा दी। इस खौफनाक घटना का लाइव सीसीटीवी फुटेज (CCTV Video) भी अब सामने आ गया है, जिसने हर किसी के रोंगटे खड़े कर दिए हैं। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, व्यक्ति अपनी किसी गंभीर बीमारी से लंबे समय से जूझ रहा था और इसी शारीरिक व मानसिक कष्ट से तंग आकर उसने अपनी जीवन लीला समाप्त करने का यह खौफनाक कदम उठाया। घटना शुक्रवार की बताई जा रही है। सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस, प्रशासन और स्टेट डिजास्टर रिस्पांस फोर्स (SDRF) की टीम मौके पर पहुंच गई। गोताखोरों की मदद से व्यक्ति की तलाश लगातार की जा रही है, लेकिन नदी में तेज बहाव होने के कारण अभी तक उसका कोई सुराग नहीं मिल पाया है।
सीसीटीवी में कैद हुई खौफनाक घटना
बिजनौर के गंगा बैराज पुल पर सुरक्षा और यातायात की निगरानी के लिए लगाए गए सीसीटीवी कैमरों में यह पूरी घटना कैद हो गई है। सोशल मीडिया और स्थानीय लोगों के बीच वायरल हो रहे इस वीडियो फुटेज में साफ देखा जा सकता है कि एक व्यक्ति पुल की रेलिंग के पास आता है। वह कुछ पलों के लिए वहां रुकता है, नीचे बहती नदी की ओर देखता है और फिर अचानक रेलिंग पार कर तेज बहाव वाली गंगा नदी में कूद जाता है। आस-पास से गुजर रहे राहगीरों और वाहन चालकों को जब तक कुछ समझ आता या वे उसे रोकने के लिए दौड़ते, तब तक वह नदी की गहराइयों में समा चुका था। सीसीटीवी फुटेज सामने आने के बाद पुलिस ने वीडियो को कब्जे में लेकर व्यक्ति की सही पहचान सुनिश्चित करने की कार्रवाई तेज कर दी है। दिनदहाड़े और पुल पर यातायात होने के बावजूद इस तरह अचानक उठाए गए कदम से मौके पर मौजूद लोग भी सन्न रह गए।
@Shakeel57767846 UP के बिजनौर में गंगा बैराज पुल से एक व्यक्ति के नदी में कूदने का खौफनाक लाइव सीसीटीवी वीडियो सामने आया है। बताया जा रहा है कि वह लंबी बीमारी से परेशान था। शुक्रवार से एसडीआरएफ और गोताखोरों की टीम उसकी तलाश में जुटी है, लेकिन अब तक कोई सुराग नहीं मिला है। pic.twitter.com/KWXZZRa1iz
— MK Vashisth (@vadhisth) September 13, 2026
बीमारी से डिप्रेशन और खौफनाक कदम
स्थानीय सूत्रों और पुलिस की प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि नदी में छलांग लगाने वाला व्यक्ति किसी गंभीर बीमारी से बुरी तरह पीड़ित था। लंबे समय से चल रहे इलाज, दवाओं और शारीरिक कष्ट के कारण वह धीरे-धीरे गहरे अवसाद (डिप्रेशन) का शिकार हो गया था। मानसिक और शारीरिक पीड़ा जब बर्दाश्त से बाहर हो गई, तो उसने गंगा बैराज पुल पर आकर यह आत्मघाती कदम उठाया। हालांकि, पुलिस अभी भी व्यक्ति के परिवार वालों से संपर्क स्थापित कर इस पूरे मामले और पृष्ठभूमि की आधिकारिक पुष्टि करने में जुटी हुई है। यह दर्दनाक घटना एक बार फिर समाज में मानसिक स्वास्थ्य और गंभीर बीमारियों से जूझ रहे मरीजों की उचित काउंसलिंग और भावनात्मक सहयोग की आवश्यकता की ओर हमारा ध्यान खींचती है।
एसडीआरएफ और गोताखोरों का सर्च ऑपरेशन जारी
शुक्रवार को जैसे ही इस घटना की सूचना पुलिस कंट्रोल रूम को मिली, बिजनौर पुलिस और स्थानीय प्रशासन तुरंत हरकत में आ गया। गंगा नदी में पानी का जलस्तर अधिक होने और तेज बहाव के कारण बचाव कार्य में बड़ी चुनौती आ रही है। प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए एसडीआरएफ की प्रशिक्षित टीम और स्थानीय कुशल गोताखोरों को मौके पर तैनात कर दिया है। मोटर बोट्स और रेस्क्यू उपकरणों की मदद से नदी में लगातार सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है। नदी के बहाव की दिशा में कई किलोमीटर तक जाल डालकर व्यक्ति की तलाश की जा रही है। प्रशासन के आला अधिकारी भी मौके पर नजर बनाए हुए हैं। हालांकि, घंटों की कड़ी मशक्कत के बाद भी अभी तक लापता व्यक्ति का कोई अता-पता नहीं चल सका है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जब तक व्यक्ति का पता नहीं चल जाता, तब तक रेस्क्यू अभियान अनवरत जारी रहेगा।
प्रशासन की अपील और बैराज पर सुरक्षा
इस दुःखद घटना के तुरंत बाद बिजनौर गंगा बैराज पर स्थानीय लोगों और राहगीरों की भारी भीड़ जमा हो गई थी। पुलिस टीम ने मुस्तैदी दिखाते हुए भीड़ को वहां से हटाया ताकि रेस्क्यू ऑपरेशन में कोई तकनीकी बाधा न आए। इस घटना के बाद पुलिस प्रशासन ने आम जनता से अपील की है कि वे किसी भी तरह की शारीरिक बीमारी या मानसिक परेशानी होने पर अपने परिजनों, दोस्तों या पेशेवर मेडिकल काउंसलर से बात करें, आत्महत्या किसी भी समस्या का समाधान नहीं है। इसके साथ ही बिजनौर गंगा बैराज जैसे संवेदनशील स्थानों पर पुलिस गश्त (पैट्रोलिंग) बढ़ाने और सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक चुस्त-दुरुस्त करने की भी रूपरेखा तैयार की जा रही है। प्रशासन का प्रयास है कि भविष्य में इस तरह की दुखद घटनाओं की पुनरावृत्ति को रोका जा सके। फिलहाल, पीड़ित के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और सभी की निगाहें एसडीआरएफ के सर्च ऑपरेशन के नतीजों पर टिकी हुई हैं।