बैंकिंग सेक्टर में एक बहुत बड़ा और क्रांतिकारी बदलाव होने जा रहा है। अब तक आप एटीएम का इस्तेमाल सिर्फ कैश निकालने, बैलेंस चेक करने या पिन बदलने के लिए करते आए हैं, लेकिन अब एटीएम मशीनों से सिर्फ कैश ही नहीं, बल्कि नए डेबिट और क्रेडिट कार्ड भी तुरंत प्राप्त किए जा सकेंगे। अब ग्राहकों को नया कार्ड बनवाने के लिए न तो बैंक की ब्रांच के चक्कर काटने पड़ेंगे और न ही डाक या कूरियर से कार्ड घर आने का हफ्तों तक इंतजार करना पड़ेगा।
क्या है यह नई तकनीक? हाल ही में मुंबई में आयोजित 'ग्लोबल फिनटेक फेस्ट 2026' में वित्तीय सेवा विभाग (DFS) और नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) ने बैंकिंग को आसान बनाने के लिए कई नई पहलों का प्रदर्शन किया। इनमें 'ओपन-सोर्स एंड्रॉइड-बेस्ड एटीएम सॉल्यूशन' सबसे प्रमुख है। इस नई तकनीक से लैस एटीएम मशीनों के जरिए ग्राहक सेल्फ-सर्विस के माध्यम से मिनटों में अपना पर्सनलाइज्ड RuPay डेबिट, क्रेडिट कार्ड और नेशनल कॉमन मोबिलिटी कार्ड (NCMC) प्राप्त कर सकेंगे।
कौन से 9 बैंक कर रहे हैं टेस्टिंग? फिलहाल यह नई सुविधा मूल्यांकन (Valuation) और टेस्टिंग के चरण में है। इस नए सिस्टम को लेकर NPCI और एटीएम मैन्युफैक्चरर्स के साथ मिलकर देश के 9 बड़े बैंक काम कर रहे हैं। इनमें शामिल हैं:
- स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI)
- बैंक ऑफ बड़ौदा (Bank of Baroda)
- यूनियन बैंक ऑफ इंडिया (Union Bank of India)
- पंजाब नेशनल बैंक (PNB)
- बैंक ऑफ इंडिया (Bank of India)
- सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया (Central Bank of India)
- यूको बैंक (UCO Bank)
- स्लाइस स्मॉल फाइनेंस बैंक (Slice Small Finance Bank)
- एयरटेल पेमेंट्स बैंक (Airtel Payments Bank)
इन बैंकों की भागीदारी से यह परखा जा रहा है कि यह नई सुविधा विभिन्न ग्राहक वर्गों के बीच कैसे काम करेगी।
एटीएम में मिलेंगी अन्य बैंकिंग सुविधाएं इस नेक्स्ट-जेनरेशन एटीएम को सिर्फ कार्ड जारी करने तक सीमित नहीं रखा जाएगा। इसके जरिए व्यापारी (Merchants) तुरंत अपने पेमेंट कलेक्शन के लिए UPI QR कोड भी प्राप्त कर सकेंगे। इसके अलावा, इन एडवांस मशीनों को चेक जमा करने, नया बैंक खाता खोलने और लोन के लिए आवेदन करने जैसी सुविधाओं से भी लैस किया जाएगा।
ग्राहकों और बैंकों को क्या होगा फायदा?
- ग्राहकों का समय बचेगा: कार्ड के लिए आवेदन करने और उसे हाथ में पाने के बीच का लंबा इंतजार अब खत्म हो जाएगा। मशीन से कार्ड निकलते ही ग्राहक कैश निकासी या शॉपिंग के लिए उसका उपयोग तुरंत कर सकेंगे।
- बैंकों की लागत में कमी: इस तकनीक से बैंकों को नए ग्राहकों को जोड़ने (Customer onboarding) में आसानी होगी और कूरियर, फिजिकल कार्ड डिलीवरी तथा ब्रांच विजिट से जुड़े ऑपरेशनल खर्चों में भी भारी कमी आएगी।
- हाई-फुटफॉल इलाकों में सुविधा: बैंकों की योजना इन स्मार्ट मशीनों को एयरपोर्ट, कॉलेज कैंपस, कॉर्पोरेट पार्क, मेट्रो स्टेशन और ट्रांजिट हब जैसे भीड़भाड़ वाले इलाकों में स्थापित करने की है, जहां पूरी ब्रांच खोलना संभव नहीं होता।
कुल मिलाकर, आने वाले समय में एटीएम पारंपरिक कैश पॉइंट से बदलकर डिजिटल बैंकिंग यूनिट (DBU) के रूप में काम करेंगे, जिससे आम लोगों के लिए बैंकिंग सेवाएं और भी अधिक सुलभ हो जाएंगी।