राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए विवाद और मारपीट के मामले में दिल्ली पुलिस (Delhi Police) ने एक और बड़ा कदम उठाया है। सोशल मीडिया कंटेंट क्रिएटर निशु आजाद (Nishu Azad) के पिता के साथ हुई मारपीट के मामले में मुख्य आरोपी स्वतंत्र भारद्वाज को पुलिस ने औपचारिक रूप से गिरफ्तार कर लिया है। बीते दिनों केस में एससी/एसटी एक्ट (SC/ST Act) जैसी गंभीर धाराएं जोड़े जाने के बाद पुलिस ने उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर से स्वतंत्र को हिरासत में लिया था, जिसके बाद आज उसे कड़कड़डूमा कोर्ट में पेश किया गया।
\r\n\r\nवीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए हुई पेशी, एक दिन की हिरासत मंजूर
\r\n\r\nसूत्रों और रिपोर्ट्स के मुताबिक, स्वतंत्र भारद्वाज को आज कड़कड़डूमा कोर्ट के समक्ष पेश किया गया। सुरक्षा कारणों और एहतियात के तौर पर यह पेशी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कराई गई। अदालत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपी स्वतंत्र भारद्वाज को एक दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया है। पुलिस अब इस एक दिन की रिमांड के दौरान घटना से जुड़े अन्य पहलुओं और सबूतों को खंगालने में जुटी है।
\r\n\r\nक्या है पूरा मामला? (23 जून की घटना)
\r\n\r\nयह पूरा विवाद इसी साल 23 जून का है, जब दिल्ली के जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के एक विरोध प्रदर्शन के दौरान भारी हंगामा हुआ था।
\r\n\r\nमारपीट का आरोप: आरोप है कि इस प्रदर्शन के दौरान स्वतंत्र भारद्वाज और उसके साथियों ने कंटेंट क्रिएटर निशु आजाद के पिता संजय कुमार के साथ मारपीट की थी।
\r\n\r\nगंभीर चोटें: संजय कुमार के सिर में कथित तौर पर कड़े से हमला किया गया था, जिसके चलते उनके सिर में गहरी चोट आई और कई टांके लगवाने पड़े थे।
\r\n\r\nशुरुआती लापरवाही का आरोप: शुरुआत में पुलिस द्वारा इस मामले में हल्की धाराएं दर्ज किए जाने के कारण आरोपी को राहत मिल गई थी, जिस पर परिजनों और CJP ने दिल्ली पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठाए थे।
\r\n\r\nथाने के बाहर प्रदर्शन और पुलिस पर दबाव
\r\n\r\nबीते दिनों स्वतंत्र भारद्वाज की गिरफ्तारी की मांग को लेकर CJP (कॉकरोच जनता पार्टी) कार्यकर्ताओं ने पार्लियामेंट स्ट्रीट थाने के बाहर जमकर विरोध प्रदर्शन किया था। करीब 3 घंटे चले इस धरने-प्रदर्शन के बाद दिल्ली पुलिस ने 72 घंटे के भीतर कार्रवाई का आश्वासन दिया था, लेकिन पुलिस ने महज 12 घंटे के भीतर ही उत्तर प्रदेश से आरोपी को दबोच लिया।
\r\n\r\nहालांकि, इस गिरफ्तारी के बाद राजनीति और विरोध का सिलसिला थमा नहीं है। आज स्वतंत्र की गिरफ्तारी के विरोध में कुछ हिंदू संगठनों के कार्यकर्ताओं ने भी थाने के बाहर प्रदर्शन किया और निशु आजाद तथा उनके पिता के खिलाफ लिखित शिकायत दर्ज कराई है।
\r\n\r\nतीनों पक्षों का क्या कहना है?
\r\n\r\n- \r\n
- \r\n पीडि़त पक्ष (संजय कुमार): निशु आजाद के पिता संजय कुमार ने अपनी शिकायत में बताया कि 23 जून को जंतर-मंतर पर उन्हें घेरकर मारा गया। स्वतंत्र ने उनके सिर पर कड़े से वार किया जिससे उन्हें अस्पताल में टांके लगवाने पड़े। उन्होंने पुलिस पर पहले उचित कार्रवाई न करने का भी आरोप लगाया था।\r\n \r\n
- \r\n आरोपी पक्ष (स्वतंत्र भारद्वाज): आरोपी स्वतंत्र ने एक पॉडकास्ट के दौरान स्वीकार किया था कि संजय के सिर में चोट लगी थी, लेकिन साथ ही उसने दावा किया कि उसने आत्मरक्षा (Self-Defense) में पलटवार किया था क्योंकि संजय कुमार समेत 10-15 लोगों ने उसे घेर लिया था और उसे जान का खतरा था।\r\n \r\n
- \r\n दिल्ली पुलिस का पक्ष: पुलिस का कहना है कि घटना के दिन संजय कुमार को आरएमएल अस्पताल ले जाया गया था। शुरुआती मेडिको-लीगल केस (MLC) में चोट को नॉर्मल बताया गया था और कोई फ्रैक्चर नहीं आया था। हालांकि, विरोध प्रदर्शन और नए सबूतों/शिकायत के बाद मामले में SC/ST एक्ट की धाराएं जोड़ी गईं और अब आरोपी को विधिवत गिरफ्तार कर लिया गया है।\r\n \r\n
एक दिन की पुलिस रिमांड मिलने के बाद अब दिल्ली पुलिस स्वतंत्र भारद्वाज से कड़ाई से पूछताछ कर रही है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि घटना के वक्त वहां और कौन-कौन लोग मौजूद थे और इस हिंसक झड़प के पीछे की असली वजह क्या थी। इस मामले पर स्थानीय प्रशासन और पुलिस की पैनी नजर बनी हुई है।