अलीगढ़ (खबरीलाल विशेष रिपोर्ट):
शिक्षा के मंदिर कहे जाने वाले अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (AMU) के हॉस्टल परिसर से एक बेहद सनसनीखेज और शर्मनाक मामला सामने आया है। यहां छात्रों के रहने के लिए बने हॉस्टल के कमरों को शातिर अपराधियों ने ब्लैकमेलिंग और 'हनीट्रैप' का अड्डा बना रखा था। अलीगढ़ की थाना सिविल लाइन पुलिस ने एक ऐसे गिरोह का पर्दाफाश किया है जो प्रसिद्ध डेटिंग ऐप्स के जरिए युवाओं को अपने जाल में फंसाकर हॉस्टल बुलाता था और फिर उनके आपत्तिजनक वीडियो बनाकर लाखों रुपये ऐंठता था।
पुलिस ने इस मामले में तेजी से कार्रवाई करते हुए AMU के एक BBA छात्र को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि गिरोह से जुड़े उसके अन्य साथियों की तलाश में पुलिस की कई टीमें लगातार दबिश दे रही हैं।

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थाना सिविल लाईन पुलिस टीम द्वारा मु0अ0सं0 515/26 धारा 61(2)/115(2)/140(4)/308(2)/ 351(3) बीएनएस में वांछित अभियुक्त को गिरफ्तार करने के संबंध में-#UPPolice pic.twitter.com/W5j138iuqo— ALIGARH POLICE (@aligarhpolice) September 11, 2026
कैसे बिछाया जाता था जाल? जानिए शातिरों की 'मोडस ऑपरेंडी'
पुलिस जांच में सामने आया कि यह गिरोह बीते छह महीनों से सक्रिय था। आरोपी बेहद आधुनिक और तकनीकी तरीके का इस्तेमाल कर वारदात को अंजाम देते थे:
- जियो-लोकेशन से ट्रैकिंग: आरोपी डेटिंग ऐप्स की मदद से अपने 50 किलोमीटर के दायरे में मौजूद युवकों को टारगेट करते थे।
- हॉस्टल में मुलाकात का झांसा: फर्जी प्रोफाइल बनाकर मीठी बातों में फंसाया जाता था और फिर AMU के हॉस्टल के कमरे में एकांत में मिलने के लिए बुलाया जाता था।
- बंधक बनाकर मारपीट और वीडियो: जैसे ही पीड़ित कमरे में दाखिल होता, वहां पहले से घात लगाकर बैठे गिरोह के अन्य सदस्य दरवाजा बंद कर देते थे। पीड़ित के साथ मारपीट की जाती और जबरन आपत्तिजनक वीडियो शूट कर लिए जाते थे।
- सोशल मीडिया पर वायरल करने की धमकी: इसके बाद वीडियो को रिश्तेदारों और सोशल मीडिया पर डालने का डर दिखाकर नकद और डिजिटल यूपीआई (UPI) के जरिए मोटी रकम ऐंठी जाती थी।
26 शिकार और 7 लाख की वसूली: ऐसे खुला राज
इस गिरोह की करतूतों का भांडा तब फूटा जब AMU के ही एक कर्मचारी के 19 वर्षीय बेटे ने हिम्मत दिखाई। पीड़ित को डेटिंग ऐप के जरिए हॉस्टल के कमरे में बुलाया गया था, जहां उसके साथ मारपीट कर 6,000 रुपये छीन लिए गए और अश्लील वीडियो बनाकर कुल 25,000 रुपये वसूले गए। लगातार बढ़ रही ब्लैकमेलिंग की मांग से परेशान होकर पीड़ित ने परिजनों को आपबीती बताई, जिसके बाद पुलिस में लिखित शिकायत दर्ज कराई गई।
| केस का विवरण | मुख्य तथ्य |
|---|---|
| मुख्य आरोपी | शहजिल (BBA छात्र, AMU - गिरफ्तार) |
| अन्य नामजद आरोपी | मन्नान, भोला भाई, ओगी और 1 अज्ञात |
| कुल पीड़ित | 26 से अधिक युवक |
| ऐंठी गई अनुमानित रकम | लगभग ₹ 7 लाख |
| बरामद सबूत | 15 आपत्तिजनक वीडियो और डिजिटल ट्रांजैक्शन रिकॉर्ड |
क्षेत्राधिकारी (CO 3rd) सरवम सिंह ने बताया कि गिरफ्तार छात्र शहजिल के मोबाइल से 15 अन्य युवकों के आपत्तिजनक वीडियो मिले हैं। पुलिस इन पीड़ितों की पहचान कर उनसे संपर्क साधने का प्रयास कर रही है।
AMU में हड़कंप: छात्र निलंबित, 10 कमरे सील
घटना उजागर होने के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन में हड़कंप मच गया है। AMU के प्रॉक्टर प्रोफेसर मोहम्मद नावेद ने बताया कि आरोपी छात्र शहजिल को विश्वविद्यालय से तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।
इसके साथ ही, परिसर के सभी 22 हॉस्टलों में औचक जांच अभियान चलाया गया, जिसके तहत अवैध कब्जे और संदिग्ध गतिविधियों वाले 10 कमरों को सील कर दिया गया है। हॉस्टलों में बाहरी लोगों के प्रवेश पर पूरी तरह से रोक लगा दी गई है।
ऑनलाइन सुरक्षा: इन 4 बातों का रखें खास ध्यान
- अंजान लोगों पर न करें भरोसा: डेटिंग ऐप्स पर बिना पहचान वाले लोगों के बुलावे पर कभी अकेले न जाएं।
- सार्वजनिक जगह चुनें: पहली मुलाकात हमेशा किसी सार्वजनिक स्थान (कैफे या मॉल) पर ही करें।
- निजी डेटा साझा न करें: अपनी निजी तस्वीरें या बैंक संबंधी जानकारी अनजान व्यक्ति से शेयर न करें।
- तुरंत शिकायत करें: ब्लैकमेल होने पर डरे नहीं, तुरंत 1930 (साइबर हेल्पलाइन) या स्थानीय पुलिस से संपर्क करें।
तकनीक का गलत इस्तेमाल कर युवाओं की जिंदगी से खेलने वाले इस गिरोह की गिरफ्तारी से कई अन्य पीड़ित सामने आ रहे हैं। इंटरनेट की आभासी दुनिया में किसी भी प्रकार के साइबर अपराध से बचने का एकमात्र तरीका सतर्कता और जागरूकता ही है।