खबरीलाल डेस्क

मेरठ (खबरीलाल विशेष रिपोर्ट):

पश्चिमी उत्तर प्रदेश के प्रमुख औद्योगिक व व्यावसायिक केंद्र मेरठ में शनिवार को उस समय भारी अफरा-तफरी मच गई, जब दिल्ली रोड स्थित परतापुर थाना क्षेत्र के एक प्रसिद्ध होटल में अचानक भीषण आग लग गई। आग की लपटें इतनी तेज थीं कि देखते ही देखते पूरा होटल धुएं के गुबार से घिर गया। आग ने न सिर्फ होटल के ऊपरी कमरों को अपनी चपेट में ले लिया, बल्कि नीचे पार्किंग में खड़ी गाड़ियां भी धू-धू कर जलने लगीं।

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​घटना के वक्त होटल में मौजूद स्टाफ और मेहमानों में भगदड़ मच गई। लोगों ने भागकर अपनी जान बचाई। घटना की सूचना मिलते ही दमकल विभाग की कई गाड़ियां और भारी पुलिस बल मौके पर पहुंचे और काफी मशक्कत के बाद आग पर पूरी तरह काबू पाया गया।

परतापुर के होटल अविका में भीषण आग
परतापुर के होटल अविका में भीषण आग

​अचानक उठीं आग की लपटें, होटल स्टाफ में मची भगदड़

​प्रत्यक्षदर्शियों और स्थानीय निवासियों के अनुसार, शनिवार को परतापुर थाना क्षेत्र के दिल्ली रोड स्थित 'होटल अविका' (Hotel Avika) में अचानक धुएं का गुबार उठता दिखाई दिया। इससे पहले कि कोई कुछ समझ पाता, आग की लपटों ने विकराल रूप धारण कर लिया और देखते ही देखते होटल के कमरों को अपनी गिरफ्त में ले लिया।

​आग लगने की खबर मिलते ही होटल के भीतर मौजूद कर्मचारियों और ग्राहकों में हड़कंप मच गया। चीख-पुकार के बीच स्टाफ सदस्यों और वहां ठहरे लोगों ने बिना समय गंवाए बाहर की ओर दौड़ लगा दी और अपनी जान बचाई। दिल्ली रोड जैसे व्यस्त मार्ग पर आग की इतनी भयानक लपटें देखकर आसपास के दुकानदार और राहगीर भी सहम गए। स्थानीय लोगों ने तुरंत बिना देरी किए घटना की जानकारी फायर ब्रिगेड (Fire Brigade) और पुलिस को दी।

​पार्किंग में खड़ी कारें बनीं राख, दूर-दूर से दिखा धुएं का गुबार

​यह आग इतनी भयानक और भीषण थी कि होटल की ऊपरी मंजिलों के कमरों से लेकर नीचे पार्किंग एरिया तक आग की लपटें दूर-दूर से साफ दिखाई दे रही थीं। आसमान में हर तरफ काले धुएं का घना गुबार छा गया, जिससे आसपास के क्षेत्र में कुछ देर के लिए दृश्यता भी कम हो गई।

​आग की चपेट में आने से पार्किंग में खड़ी दो कारें पूरी तरह जलकर खाक हो गईं। जब तक दमकल की गाड़ियां मौके पर पहुंचतीं, तब तक गाड़ियों के ईंधन टैंक और प्लास्टिक पार्ट्स की वजह से आग ने और विकराल रूप ले लिया था। आग के कारण होटल की संपत्ति को भारी नुकसान पहुंचने की आशंका व्यक्त की जा रही है।

​भारी पुलिस बल के साथ एसपी सिटी विनायक गोपाल भोसले पहुंचे मौके पर

​हादसे की सूचना मिलते ही मेरठ पुलिस-प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गया। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए एसपी सिटी विनायक गोपाल भोसले (SP City Vinayak Gopal Bhosale) खुद भारी पुलिस बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे।

​सुरक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए और राहत कार्य को तेजी से चलाने के लिए तीन थानों का पुलिस बल मौके पर तैनात किया गया:

  • परतापुर थाना पुलिस
  • रेलवे रोड थाना पुलिस
  • ब्रह्मपुरी थाना पुलिस

​पुलिस ने तुरंत पूरे होटल और आसपास के इलाके को खाली कराया और ट्रैफिक को डायवर्ट किया ताकि दमकल गाड़ियों के आने-जाने में कोई बाधा न उत्पन्न हो। फायर ब्रिगेड की कई गाड़ियों ने मिलकर कड़ी मशक्कत और घंटों के ऑपरेशन के बाद आग पर पूरी तरह से काबू पाया।

​एसपी सिटी विनायक गोपाल भोसले का आधिकारिक बयान

​घटनास्थल का निरीक्षण करने के बाद एसपी सिटी विनायक गोपाल भोसले ने मीडिया को स्थिति की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया:

​"जैसे ही पुलिस कंट्रोल रूम को होटल अविका में आग लगने की सूचना प्राप्त हुई, बिना किसी देरी के आसपास के अलग-अलग थाना क्षेत्रों से पुलिस टीमों को मौके पर रवाना किया गया। दमकल की टीमों ने तुरंत मोर्चा संभाला। राहत की सबसे बड़ी बात यह है कि इस दर्दनाक हादसे में किसी भी तरह की कोई जनहानि (No Casualties) नहीं हुई है। होटल के अंदर से सभी लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया था। आग लगने के सटीक कारणों का अभी पता नहीं चल सका है। फायर ब्रिगेड की तकनीकी टीम कारणों की गहन जांच करेगी और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों व प्रत्यक्षदर्शियों से भी जानकारी जुटाई जा रही है।"

​होटल अविका का विवादित इतिहास: तुर्कमेनिस्तान की महिला की हत्या से जुड़ा है नाता

​होटल अविका में हुई आगजनी की इस घटना के बाद स्थानीय स्तर पर एक बार फिर इस होटल का पुराना विवादित इतिहास चर्चा में आ गया है। आपको बता दें कि यह वही होटल अविका है, जो कुछ समय पहले एक अंतरराष्ट्रीय अपराध और मर्डर केस की वजह से सुर्खियों में आया था।

​इस होटल के एक कमरे में तुर्कमेनिस्तान (Turkmenistan) की रहने वाली एक विदेशी महिला की संदिग्ध परिस्थितियों में हत्या कर दी गई थी। उस हाई-प्रोफाइल हत्याकांड के सामने आने के बाद पुलिस और प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया था। मामले में गंभीर लापरवाही और संलिप्तता के आरोप में होटल के मालिक को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया था। उस घटना के बाद से ही यह होटल हमेशा पुलिस और स्थानीय प्रशासन की निगरानी सूची में रहा है।

​कमर्शियल इमारतों में फायर सेफ्टी मानकों पर उठते सवाल

​दिल्ली रोड पर हुए इस हादसे ने एक बार फिर मेरठ शहर के होटलों, रेस्टोरेंटों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों (Commercial Establishments) में अग्निशमन मानकों और सुरक्षा व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं:

  1. फायर एनओसी और उपकरण: क्या होटल अविका के पास दमकल विभाग से वैध फायर सेफ्टी NOC (No Objection Certificate) उपलब्ध था?
  2. इमर्जेंसी एग्जिट (Emergency Exit): क्या होटल में आपातकालीन स्थिति में बाहर निकलने के लिए मानक सुरक्षा द्वार बनाए गए थे?
  3. शॉर्ट सर्किट या लापरवाही?: शुरुआती अनुमानों के अनुसार आग की मुख्य वजह इलेक्ट्रिक शॉर्ट सर्किट हो सकती है, हालांकि आधिकारिक जांच रिपोर्ट के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो पाएगी।

​भविष्य में आगजनी के हादसों से बचने के लिए आवश्यक टिप्स

​व्यावसायिक इमारतों और घरेलू स्तर पर आग जैसी आपदाओं से सुरक्षा के लिए निम्नलिखित बातों का ध्यान रखना बेहद जरूरी है:

सुरक्षा मानकविवरण व सावधानियां
इलेक्ट्रिकल ऑडिटपुरानी या ओवरलोडेड वायरिंग की नियमित जांच करवाएं।
फायर एक्सटिंग्विशरहर मंजिल और रसोईघर के पास काम करने योग्य अग्निशामक यंत्र रखें।
स्मोक डिटेक्टर्सइमारतों में ऑटोमैटिक स्मोक अलार्म व स्प्रिंकलर सिस्टम स्थापित करें।
आपातकालीन निकासइमरजेंसी एग्जिट पर कभी भी सामान रखकर रास्ता बंद न करें।

शनिवार को परतापुर के होटल अविका में हुआ हादसा एक बड़ी त्रासदी में बदल सकता था, लेकिन समय रहते दमकल विभाग और पुलिस की मुस्तैदी से एक बड़ा हादसा टल गया और किसी की जान नहीं गई। फिलहाल पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम आग के वास्तविक कारणों और नुकसान के आकलन की जांच में जुटी हुई है।

​मेरठ और आसपास के सभी नागरिक व व्यापारी भाई अपने व्यावसायिक परिसरों में अग्निशमन उपकरणों की नियमित जांच अवश्य करवाएं और सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन करें। सतर्कता ही सुरक्षा की सबसे बड़ी चाबी