खबरीलाल डेस्क
उत्तर प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी 'रानी लक्ष्मीबाई स्कूटी योजना 2026' के तहत छात्राओं को सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में तेजी से काम चल रहा है। इसी कड़ी में, मेरठ स्थित चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय (CCSU) ने वर्ष 2026 में स्नातक (Graduation) स्तर पर अध्ययनरत छात्राओं के लिए एक बेहद महत्वपूर्ण और अंतिम सूचना जारी की है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि जिन छात्राओं ने अभी तक योजना से संबंधित अपने आवश्यक अभिलेख (दस्तावेज) जमा नहीं किए हैं, उनके लिए 7 सितंबर 2026 आखिरी मौका है। यदि इस निर्धारित तिथि तक दस्तावेज विश्वविद्यालय को उपलब्ध नहीं कराए जाते हैं, तो संबंधित छात्रा का पंजीकरण निरस्त कर दिया जाएगा और वह इस लाभकारी योजना से पूरी तरह वंचित रह जाएगी।READ ALSO:-दिल्ली के सत्य निकेतन में काल बनी चार मंजिला इमारत: पीजी बिल्डिंग ढहने से 3 की मौत, 9 सुरक्षित निकाले गए; मलबे में जिंदगी की तलाश जारी
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विश्वविद्यालय का सख्त निर्देश: बार-बार सूचना के बाद भी लापरवाही क्यों?

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चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय प्रशासन के संज्ञान में यह बात आई है कि कई बार आधिकारिक सूचना और रिमाइंडर जारी किए जाने के बावजूद, बड़ी संख्या में छात्राओं ने अब तक अपने आवश्यक अभिलेख विश्वविद्यालय में जमा नहीं कराए हैं।
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विश्वविद्यालय के अधिकारियों के अनुसार, स्थिति दो तरह की है। कुछ छात्राओं ने तो अब तक एक भी कागज जमा नहीं किया है, जबकि कई छात्राओं द्वारा जमा किए गए दस्तावेजों के सेट में एक या एक से अधिक कागज अपूर्ण या गायब हैं। सरकारी योजनाओं में पारदर्शिता और नियमों का पालन बेहद जरूरी होता है। ऐसे में, आधे-अधूरे दस्तावेजों के आधार पर किसी भी छात्रा का फॉर्म आगे राज्य सरकार को नहीं भेजा जा सकता। इसी लापरवाही को देखते हुए विश्वविद्यालय ने कड़ा रुख अपनाया है और 7 सितंबर की डेडलाइन तय की है। यह अंतिम अवसर है, इसके बाद कोई भी अतिरिक्त समय या मोहलत नहीं दी जाएगी।
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ऑनलाइन और ऑफलाइन: कैसे जमा करें अपने दस्तावेज?

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छात्राओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए और समय की कमी को देखते हुए, चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय ने दस्तावेज जमा करने के लिए दोनों विकल्प (भौतिक और डिजिटल) खुले रखे हैं।
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    भौतिक रूप से (Offline Submission): छात्राएं स्वयं विश्वविद्यालय परिसर में जाकर संबंधित विभाग की खिड़की पर अपने सभी दस्तावेजों की प्रमाणित फोटोकॉपी का सेट जमा कर सकती हैं। यह तरीका उन छात्राओं के लिए सबसे सुरक्षित है जो मेरठ या उसके आस-पास ही रहती हैं।
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    ई-मेल के माध्यम से (Online Submission): जो छात्राएं किसी कारणवश भौतिक रूप से उपस्थित नहीं हो सकती हैं, वे अपने सभी दस्तावेजों को स्पष्ट रूप से स्कैन करके विश्वविद्यालय द्वारा निर्धारित आधिकारिक ई-मेल आईडी पर भेज सकती हैं।
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    ई-मेल भेजने का अनिवार्य नियम: विश्वविद्यालय ने सख्त हिदायत दी है कि ई-मेल भेजते समय ई-मेल के 'विषय' (Subject Line) में छात्रा का क्रम संख्या (Serial Number) और उसका पूरा नाम लिखा होना अनिवार्य है। यदि सब्जेक्ट लाइन में यह जानकारी नहीं होगी, तो उस ई-मेल पर विचार नहीं किया जाएगा और आवेदन रद्द माना जाएगा।
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आधार OTP सत्यापन में आ रही समस्या? यहाँ है समाधान

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योजना के पंजीकरण में सबसे बड़ी तकनीकी बाधा आधार कार्ड के सत्यापन (Verification) को लेकर आ रही है। कई छात्राओं ने अपने सभी दस्तावेज समय पर जमा कर दिए हैं, लेकिन उनके आधार कार्ड का ओटीपी (OTP) सत्यापन सफलतापूर्वक नहीं हो पाया है। बिना आधार सत्यापन के सरकारी सब्सिडी या योजना का लाभ ट्रांसफर नहीं किया जा सकता।
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इस समस्या के समाधान के लिए विश्वविद्यालय ने एक विशेष व्यवस्था की है। जिन छात्राओं का आधार OTP सत्यापन पेंडिंग है, उन्हें 7 सितंबर को विश्वविद्यालय परिसर में स्थित कंप्यूटर सेंटर (Computer Center) पर व्यक्तिगत रूप से पहुंचना होगा।
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कंप्यूटर सेंटर जाते समय ध्यान रखें:

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    अपना मूल (Original) आधार कार्ड साथ लेकर जाएं।
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    वह मोबाइल फोन अवश्य साथ ले जाएं जिसका नंबर आपके आधार कार्ड से लिंक है, क्योंकि OTP उसी नंबर पर आएगा।
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    वहां मौजूद तकनीकी टीम तुरंत आपका सत्यापन पूरा कर देगी।
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योजना का लाभ लेने के लिए आवश्यक दस्तावेजों की पूरी सूची

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रानी लक्ष्मीबाई स्कूटी योजना का लाभ केवल वास्तविक और पात्र छात्राओं को ही मिले, इसके लिए सरकार ने दस्तावेजों की एक विस्तृत सूची तैयार की है। छात्राओं को यह सुनिश्चित करना होगा कि उनके पास निम्नलिखित सभी दस्तावेज मौजूद हों और वे नवीनतम हों:
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    अपार आईडी (APAAR ID): शिक्षा मंत्रालय द्वारा जारी छात्रों की यह विशेष आईडी अब सभी सरकारी कामों के लिए अनिवार्य कर दी गई है।
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    जन्मतिथि प्रमाण: इसके लिए 10वीं कक्षा की मार्कशीट या जन्म प्रमाण पत्र का उपयोग किया जा सकता है।
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    आधार कार्ड: पहचान के सबसे मुख्य दस्तावेज के रूप में।
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    आधार से लिंक मोबाइल नंबर: ताकि भविष्य में कोई भी सरकारी सूचना या OTP आसानी से प्राप्त हो सके।
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    श्रेणी प्रमाण पत्र (Category Certificate): यदि छात्रा एससी, एसटी या ओबीसी वर्ग से आती है, तो उसका जाति प्रमाण पत्र।
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    नवीनतम निवास प्रमाण पत्र (Domicile): यह साबित करने के लिए कि छात्रा उत्तर प्रदेश की मूल निवासी है। इस प्रमाण पत्र की आवेदन संख्या और आईडी देना अनिवार्य है।
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    नवीनतम आय प्रमाण पत्र (Income Certificate): योजना के आर्थिक मानदंडों को पूरा करने के लिए परिवार की आय का नवीनतम प्रमाण पत्र, साथ ही इसकी आवेदन संख्या और आईडी।
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    स्नातक की अंकतालिकाएं: छात्रा जिस वर्ष में है, उससे पहले के सभी सेमेस्टर की मार्कशीट (अंकतालिकाएं) जमा करनी होंगी, ताकि यह साबित हो सके कि वह नियमित रूप से पढ़ाई कर रही है।
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संबद्ध महाविद्यालयों को भी दिए गए हैं सख्त निर्देश

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चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय (CCSU) का दायरा बहुत बड़ा है और इससे मेरठ, सहारनपुर मंडल सहित कई जिलों के सैकड़ों कॉलेज संबद्ध (Affiliated) हैं। विश्वविद्यालय प्रशासन ने अपने सभी संबद्ध महाविद्यालयों के प्राचार्यों (Principals) और विभिन्न विभागों के विभागाध्यक्षों को भी कड़े निर्देश जारी किए हैं।
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महाविद्यालयों से कहा गया है कि वे इस अंतिम चेतावनी की सूचना को अपने स्तर पर भी छात्राओं तक व्यापक रूप से पहुंचाएं। इसके लिए कॉलेज के नोटिस बोर्ड, व्हाट्सएप ग्रुप्स और सोशल मीडिया पेजों का इस्तेमाल किया जाए। उद्देश्य यह है कि कोई भी पात्र और होनहार छात्रा केवल जानकारी के अभाव में या कागजी कार्रवाई पूरी न कर पाने के कारण इस शानदार अवसर से वंचित न रह जाए।
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रानी लक्ष्मीबाई स्कूटी योजना 2026 उत्तर प्रदेश की छात्राओं के लिए उड़ान भरने का एक बेहतरीन मौका है। यह स्कूटी न केवल उनके कॉलेज आने-जाने के सफर को आसान बनाएगी, बल्कि उन्हें आत्मनिर्भर भी करेगी। इसलिए, बिना एक भी पल गंवाए, आज (7 सितंबर) ही अपने सभी दस्तावेजों की जांच करें और चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय की गाइडलाइंस के अनुसार उन्हें जमा करवाकर अपना भविष्य सुरक्षित करें।