बिजनौर जिले के ग्राम कोतवाली से एक बेहद निंदनीय और रूह कंपा देने वाली घटना सामने आई है, जिसने लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पर सीधा हमला बोला है। यहां जनसमस्याओं और गांव की बदहाली की रिपोर्टिंग करने से बौखलाए ग्राम कोतवाली के प्रधानपति इमरान समी कुरैशी ने एक सम्मानित पत्रकार अज़हान अंसारी के साथ बीच बाजार अमानवीय बर्ताव किया है। सरेआम हुई इस गुंडागर्दी का वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस घटना ने जिले की कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
जनसमस्याएं उठाना बना पत्रकार का कसूर
रिपोर्टर शकील अहमद से मिली जानकारी के अनुसार, पत्रकार अज़हान अंसारी ने हाल ही में ग्राम कोतवाली क्षेत्र की बदहाली, अधूरे विकास कार्यों और स्थानीय जनता से जुड़ी जनसमस्याओं को अपने मंच के माध्यम से प्रमुखता से उठाया था। पत्रकार ने बिना किसी डर के गांव में फैली अव्यवस्थाओं की पोल खोली थी। अपनी इन्हीं कारगुजारियों को उजागर होता देख प्रधानपति इमरान समी कुरैशी बुरी तरह बौखला गए। सत्ता और दबंगई के नशे में चूर आरोपी प्रधानपति ने अपनी हदें पार करते हुए सरेबाजार पत्रकार अज़हान को पकड़ लिया। उनके साथ सरेआम गाली-गलौज, मारपीट और बदसलूकी की गई तथा सरेआम बेइज्जत करते हुए उन्हें बाजार में घुमाया गया।

दबंगई का वीडियो हुआ वायरल
इस सरेआम गुंडागर्दी और दुस्साहस का वीडियो वहां मौजूद लोगों ने रिकॉर्ड कर लिया, जो अब इंटरनेट के विभिन्न प्लेटफार्म्स पर वायरल हो रहा है। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि किस तरह एक पत्रकार को केवल जनता की आवाज उठाने की सजा दी जा रही है। इस घटना ने यह साबित कर दिया है कि दबंगों के हौसले इतने बुलंद हैं कि उन्हें पुलिस या प्रशासन का कोई खौफ नहीं है।
पत्रकार संघ और स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश
एक सम्मानित पत्रकार के साथ हुए इस अमानवीय बर्ताव के सामने आने के बाद से बिजनौर के पत्रकार संघ और स्थानीय प्रबुद्ध नागरिकों में भारी गुस्सा है। पत्रकारों का कहना है कि अगर सच लिखने पर इस तरह सरेआम बेइज्जत किया जाएगा, तो लोकतंत्र कैसे सुरक्षित रहेगा। सभी पत्रकारों और स्थानीय लोगों ने एक स्वर में पुलिस प्रशासन से मांग की है कि आरोपी प्रधानपति इमरान समी कुरैशी के खिलाफ तत्काल प्रभाव से सख्त धाराओं में मुकदमा दर्ज किया जाए और कठोर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, ताकि भविष्य में कोई भी मीडिया की आवाज को दबाने की हिम्मत न कर सके।