शकील अहमद
रिपोर्टर: शकील अहमद, बिजनौर
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स्थान: नजीबाबाद, बिजनौर (उत्तर प्रदेश)
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बिजनौर (Bijnor Crime News):
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उत्तर प्रदेश में अपराधियों और गोकशी (Cow Slaughter) करने वालों के खिलाफ योगी सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति (Zero Tolerance Policy) का असर जमीन पर साफ दिखाई दे रहा है। बिजनौर जिले के नजीबाबाद इलाके में बीती रात पुलिस और बदमाशों के बीच एक बड़ी मुठभेड़ (Police Encounter) हो गई। यह मुठभेड़ उस वक्त हुई जब पुलिस गोकशी के एक संगीन मामले में वांछित आरोपियों की तलाश में सघन चेकिंग अभियान चला रही थी।
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​खुद को पुलिस से घिरता देख बदमाशों ने जान से मारने की नीयत से पुलिस टीम पर सीधा फायर झोंक दिया। लेकिन मुस्तैद पुलिस ने अदम्य साहस का परिचय देते हुए आत्मरक्षा में जवाबी फायरिंग की। इस 'ऑपरेशन लंगड़ा' में एक कुख्यात आरोपी के पैर में गोली लगी है, जिसे लहूलुहान हालत में गिरफ्तार कर तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया है। वहीं, उसके कुछ साथी रात के घने अंधेरे और जंगलों का फायदा उठाकर भागने में सफल रहे, जिनकी तलाश में पुलिस की कई टीमें लगातार दबिश दे रही हैं।
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क्या है पूरा मामला? (Background of the Case)

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​इस पूरे घटनाक्रम की शुरुआत 31 अगस्त 2026 को हुई थी। थाना नजीबाबाद क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम मौजमपुर तुलसी के बाहरी इलाके में गोवंशीय पशु के अवशेष (Cow Remains) मिलने से हड़कंप मच गया था। इस घटना से इलाके में आक्रोश फैलने की आशंका थी। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए नजीबाबाद पुलिस ने तुरंत सुसंगत धाराओं में अज्ञात बदमाशों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया।
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​वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP Bijnor) ने इस जघन्य अपराध का जल्द से जल्द खुलासा करने के कड़े निर्देश दिए थे। घटना के अनावरण के लिए थाना स्तर पर कई तेज-तर्रार पुलिस टीमों का गठन किया गया, जिन्होंने मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया और इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस की मदद ली।
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जांच में सामने आए कुख्यात नाम और पहली गिरफ्तारी

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​पुलिस की गहन विवेचना (Investigation) और मुखबिरों से मिली सटीक जानकारी के आधार पर इस गोकशी के मामले में इदरीश, शाहनवाज और मुजम्मिल समेत कुछ अन्य आरोपियों के नाम प्रमुखता से प्रकाश में आए। पुलिस ने इन अपराधियों की धरपकड़ के लिए जाल बिछाया और 5 सितंबर 2026 को बड़ी सफलता हासिल करते हुए नामजद आरोपी इदरीश और शाहनवाज को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ के बाद ठोस सबूतों के आधार पर पुलिस ने दोनों को न्यायिक हिरासत (जेल) में भेज दिया था। लेकिन मुख्य सूत्रधार मुजम्मिल और उसके अन्य साथी अभी भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर थे।
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मालन नदी के पास कैसे हुई मुठभेड़? (The Encounter Night)

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​फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए नजीबाबाद पुलिस लगातार जाल बिछा रही थी। रविवार, 6 सितंबर की रात नजीबाबाद पुलिस क्षेत्र में कानून-व्यवस्था बनाए रखने और वांछित अपराधियों की धरपकड़ के लिए सघन चेकिंग कर रही थी।
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​इसी दौरान पुलिस को एक बेहद खास मुखबिर (Informer) से गुप्त सूचना मिली कि गोकशी के मामले में फरार चल रहे बाकी आरोपी ग्राम क्लहेड़ी के पास स्थित मालन नदी के रास्ते से होते हुए हाईवे की तरफ एक बाइक पर सवार होकर आने वाले हैं।
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​सूचना को पूरी तरह पुख्ता मानते हुए नजीबाबाद पुलिस ने बिना समय गंवाए मौके पर पहुंचकर चारों तरफ से मजबूत घेराबंदी शुरू कर दी। रात का अंधेरा और जंगल का इलाका होने के कारण पुलिस टीम पूरी सावधानी बरत रही थी।
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​कुछ ही देर बाद पुलिस को एक बिना नंबर प्लेट की संदिग्ध मोटरसाइकिल आती हुई दिखाई दी। पुलिस ने टार्च की रोशनी से इशारा करते हुए उन्हें रुकने की चेतावनी दी। लेकिन पुलिस टीम को देखते ही मोटरसाइकिल सवार बदमाश घबरा गए और उन्होंने भागने का प्रयास किया। जब पुलिस ने उनका पीछा किया, तो बदमाशों ने खुद को घिरता देख पुलिस टीम पर जान से मारने की नीयत से अवैध असलहे से सीधे फायरिंग शुरू कर दी।
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जवाबी कार्रवाई में मुजम्मिल ढेर, पैर में लगी गोली

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​बदमाशों द्वारा की गई अचानक फायरिंग से पुलिस टीम बाल-बाल बची। पुलिस ने बदमाशों को सरेंडर करने की चेतावनी दी, लेकिन जब वे नहीं माने तो पुलिस टीम ने भी अदम्य साहस दिखाते हुए 'आत्मरक्षा (Self Defense)' में संयमित तरीके से जवाबी फायरिंग की।
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​इस क्रॉस फायरिंग (Cross Firing) में एक बदमाश के बाएं पैर में पुलिस की गोली जा लगी और वह मोटरसाइकिल समेत कच्ची सड़क पर गिरकर बुरी तरह छटपटाने लगा। पुलिस टीम ने तुरंत स्थिति को कंट्रोल में लेते हुए घायल बदमाश को दबोच लिया। पूछताछ में घायल बदमाश ने अपना नाम मुजम्मिल बताया, जो 31 अगस्त के गोकशी मामले में मुख्य रूप से वांछित था।
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​हालांकि, मौके का फायदा उठाकर मुजम्मिल के अन्य साथी घने अंधेरे, झाड़ियों और जंगल के रास्ते भागने में कामयाब हो गए।
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क्या-क्या हुआ बरामद? (Police Recovery at the Crime Scene)

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​घायल बदमाश मुजम्मिल के कब्जे से पुलिस ने कई आपत्तिजनक और अवैध सामग्रियां बरामद की हैं, जो इस बात की पुष्टि करती हैं कि वे फिर से किसी बड़ी आपराधिक वारदात (संभवतः गोकशी) को अंजाम देने की फिराक में थे। पुलिस रिकवरी में निम्नलिखित चीजें शामिल हैं:
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    एक अवैध तमंचा (315 बोर) - जिससे पुलिस पर फायरिंग की गई थी।
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    दो खोखा कारतूस - मौके पर चले हुए (फायर किए गए)।
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    एक जिंदा कारतूस (315 बोर) - तमंचे में लोड करने के लिए रखा हुआ।
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    एक बिना नंबर प्लेट की मोटरसाइकिल - जिसका इस्तेमाल अपराध में किया जा रहा था।
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    गोकशी के उपकरण - एक प्लास्टिक के कट्टे (बोरे) में छिपाकर रखे गए एक भारी रस्सा, तेज धार वाली छुरी और एक भारी चापड़ (Meat Cleaver)।
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घायल आरोपी मुजम्मिल को पुलिस अभिरक्षा में प्राथमिक उपचार के लिए स्थानीय सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उसका इलाज चल रहा है।
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फरार आरोपियों की तलाश में कॉम्बिंग जारी

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​मुठभेड़ के तुरंत बाद पुलिस ने फरार हुए अन्य अज्ञात आरोपियों की धरपकड़ के लिए इलाके में भारी पुलिस फोर्स बुलाकर कॉम्बिंग (Search Operation) शुरू कर दी। पुलिस जंगलों और आसपास के गांवों में दबिश दे रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि फरार आरोपियों को भी जल्द ही सलाखों के पीछे भेज दिया जाएगा।
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पुलिस की आगे की कार्रवाई

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​इस सनसनीखेज मुठभेड़ के संबंध में थाना नजीबाबाद में पुलिस पर जानलेवा हमला (धारा 307) और आर्म्स एक्ट सहित अन्य संबंधित धाराओं में एक नया (अलग से) मुकदमा दर्ज किया गया है। बिजनौर पुलिस का साफ संदेश है कि जिले में गोकशी और अपराध करने वालों के लिए कोई जगह नहीं है, और ऐसे मामलों में शामिल किसी भी अपराधी को बख्शा नहीं जाएगा।
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अस्वीकरण (Disclaimer):

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यह समाचार बिजनौर पुलिस द्वारा जारी की गई प्रेस विज्ञप्ति और स्थानीय रिपोर्टर (शकील अहमद) द्वारा दी गई प्रारंभिक जानकारी पर आधारित है। खबर में बताए गए तथ्यों, घटना के समय और गिरफ्तारियों की पुष्टि पुलिस की आधिकारिक जांच का हिस्सा है। न्यायालय द्वारा दोष सिद्ध होने तक सभी आरोपी निर्दोष माने जाते हैं। हमारा न्यूज़ पोर्टल अपराध को किसी भी रूप में बढ़ावा नहीं देता है। इस खबर का उद्देश्य केवल आम जनता और पाठकों तक सही और सटीक जानकारी पहुंचाना है।