शकील अहमद
बिजनौर (10 सितंबर): उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले में महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक नया और स्वर्णिम अध्याय जुड़ गया है। महिलाओं को केवल कागजों पर ही नहीं, बल्कि जमीनी स्तर पर आर्थिक और सामाजिक रूप से मजबूत बनाने के उद्देश्य से गुरुवार को एक भव्य संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया। राष्ट्रीय महिला आयोग (National Commission for Women - NCW) की माननीय अध्यक्षा श्रीमती विजया रहाटकर ने बिजनौर के चक्कर बायपास रोड स्थित जेवीएस रिजॉर्ट (JVS Resort) में आयोजित इस विशेष कार्यक्रम की अध्यक्षता की।Read also:-बिजनौर में राष्ट्रीय महिला आयोग की गूंज: बाल विवाह मुक्त भारत और कार्यस्थलों पर POSH एक्ट लागू करने के सख्त निर्देश
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इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में कार्य कर रहे स्वयं सहायता समूहों (Self Help Groups - SHG) की महिलाओं से सीधा संवाद करना, उनकी सफलता की कहानियां सुनना और उन्हें भविष्य के बड़े लक्ष्यों के लिए प्रेरित करना था। कार्यक्रम के दौरान भारी संख्या में जुटी महिलाओं में एक गजब का उत्साह और अपनी पहचान बनाने की ललक साफ दिखाई दे रही थी।
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'लखपति दीदी' से 'महा लखपति दीदी' बनने का संकल्प

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आज के दौर में केंद्र और राज्य सरकारें महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ने के लिए 'लखपति दीदी' (Lakhpati Didi) जैसी महत्वाकांक्षी योजनाएं चला रही हैं। इसी कड़ी को आगे बढ़ाते हुए संवाद कार्यक्रम में श्रीमती विजया रहाटकर ने महिलाओं को एक नया और बड़ा विजन दिया। उन्होंने उपस्थित स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को संबोधित करते हुए कहा कि अब समय आ गया है कि हमारी बहनें और बेटियां केवल लखपति बनने तक ही सीमित न रहें, बल्कि उन्हें 'महा लखपति दीदी' बनने की दिशा में अपने कदम बढ़ाने होंगे।
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अध्यक्षा ने जोर देकर कहा कि महिलाओं को अपने व्यापार, कुटीर उद्योगों और हस्तशिल्प कार्यों को योजनाबद्ध (Planned) तरीके से आगे बढ़ाना चाहिए। जब महिलाएं अपने उत्पादों की गुणवत्ता और मार्केटिंग पर ध्यान केंद्रित करेंगी, तो उनका मुनाफा भी कई गुना बढ़ जाएगा। उन्होंने उपस्थित महिलाओं से यह भी अपील की कि वे अपनी सफलता तक ही सीमित न रहें, बल्कि अपने आसपास की अन्य महिलाओं को भी इस मुहिम से जोड़कर उन्हें स्वावलंबी और आत्मनिर्भर (Self-Reliant) बनने के लिए प्रेरित करें। एक-दूसरे का हाथ पकड़कर ही समाज में बड़ा आर्थिक बदलाव लाया जा सकता है।
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महिला शिक्षा और सशक्तिकरण: एक पीढ़ी को संवारने का मंत्र

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समाज में शिक्षा के महत्व को रेखांकित करते हुए राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्षा ने एक बेहद प्रभावशाली और मार्मिक बात कही। उन्होंने कहा, "यदि समाज में एक पुरुष शिक्षित होता है, तो केवल एक व्यक्ति ही शिक्षित होता है। लेकिन, जब एक महिला शिक्षित होती है, तो वह अपने साथ पूरी एक पीढ़ी को शिक्षित कर देती है।"
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उन्होंने कहा कि परिवार की धुरी महिला ही होती है। अगर एक महिला मानसिक, शारीरिक और आर्थिक रूप से सशक्त होती है, तो उसका पूरा परिवार स्वतः ही सशक्त हो जाता है। जब परिवार सशक्त होगा, तो समाज मजबूत होगा और जब करोड़ों महिलाएं एक साथ विकास की मुख्यधारा में आगे बढ़ेंगी, तो इस देश को विश्व गुरु बनने और आर्थिक महाशक्ति बनने से दुनिया की कोई भी ताकत नहीं रोक सकती। महिलाओं की यही सामूहिक शक्ति नए भारत के निर्माण की सबसे बड़ी कुंजी है।
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'विदुर ब्रांड' की गूंज और लोकल उत्पादों की सराहना

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बिजनौर जिले की एक खास ऐतिहासिक और सांस्कृतिक पहचान है। इसी पहचान को स्वयं सहायता समूह की महिलाओं ने अपने उत्पादों के जरिए एक नया रूप दिया है। कार्यक्रम के दौरान अध्यक्षा श्रीमती रहाटकर ने बिजनौर के चर्चित 'विदुर ब्रांड' (Vidur Brand) की जमकर प्रशंसा की।
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विदुर ब्रांड के तहत स्थानीय महिलाओं द्वारा तैयार किए गए उत्पादों की गुणवत्ता और उनकी पैकेजिंग को देखकर उन्होंने खुशी जाहिर की। उन्होंने कहा कि ऐसे स्थानीय ब्रांड्स ही प्रधानमंत्री के 'वोकल फॉर लोकल' (Vocal for Local) के सपने को साकार कर रहे हैं। अध्यक्षा ने महिलाओं को निरंतर लगनशीलता, नवाचार और नए विचारों के साथ अपने उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने महिलाओं को स्पष्ट संदेश दिया कि उन्हें अपने सपनों के साथ कभी कोई समझौता नहीं करना चाहिए, और इसी दृढ़ इच्छाशक्ति के बल पर ही उत्तर प्रदेश और पूरे देश को विकास के पथ पर आगे ले जाना है।
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संवाद, अनुभव और सफलता की कहानियां

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यह कार्यक्रम केवल भाषणों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह एक सच्चा 'संवाद' था। कार्यक्रम के एक विशेष सत्र में जिले के विभिन्न हिस्सों से आईं स्वयं सहायता समूह की महिलाओं ने मंच से अपने-अपने अनुभव साझा किए।
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कई महिलाओं ने बताया कि कैसे उन्होंने शून्य से शुरुआत की और आज वे अपने समूह के माध्यम से हजारों रुपये कमा रही हैं और अपने बच्चों को अच्छी शिक्षा दे रही हैं। इन जमीनी अनुभवों को सुनकर अध्यक्षा श्रीमती रहाटकर बेहद प्रभावित हुईं और उन्होंने तालियां बजाकर महिलाओं का उत्साहवर्धन किया। उन्होंने अधिकारियों से भी कहा कि इन सफल महिलाओं की कहानियों को ज्यादा से ज्यादा प्रचारित किया जाए ताकि अन्य महिलाएं भी इससे प्रेरणा ले सकें।
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उत्कृष्ट महिलाओं का सम्मान और कैंटीन का उद्घाटन

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कार्यक्रम की शुरुआत पूरे विधि-विधान और सांस्कृतिक गरिमा के साथ हुई। मुख्य कार्यक्रम से ठीक पहले राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्षा ने परिसर में महिलाओं द्वारा संचालित की जाने वाली एक विशेष कैंटीन का फीता काटकर उद्घाटन किया। उन्होंने वहां प्रदर्शित स्वयं सहायता समूह के विभिन्न उत्पादों के स्टॉल का बारीकी से निरीक्षण किया और महिलाओं के हुनर की खुले कंठ से सराहना की।
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इसके पश्चात, मंच पर विद्या की देवी मां सरस्वती के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ किया गया। देशभक्ति की भावना को जागृत करते हुए राष्ट्रगीत और राष्ट्रगान का भी सस्वर गान हुआ। कार्यक्रम के सबसे अहम पलों में से एक वह था जब अध्यक्षा ने अपने-अपने क्षेत्रों और समूहों में उत्कृष्ट कार्य करने वाली प्रतिभावान और कर्मठ महिलाओं को मंच पर बुलाकर विशेष रूप से सम्मानित किया। यह सम्मान पाकर महिलाओं के चेहरे पर गर्व और खुशी साफ छलक रही थी।
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इस भव्य और प्रेरणादायक आयोजन के अवसर पर बिजनौर के मुख्य विकास अधिकारी (CDO) रणविजय सिंह, राष्ट्रीय महिला आयोग के वरिष्ठ अधिकारी, पुलिस व प्रशासनिक महकमे के अन्य अधिकारीगण और पूरे जिले से आई बड़ी संख्या में स्वयं सहायता समूह की महिलाएं मौजूद रहीं। यह संवाद कार्यक्रम बिजनौर की महिलाओं के लिए एक नई ऊर्जा और असीम संभावनाओं के द्वार खोल गया है।
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