दिल्ली-मेरठ नमो भारत (रैपिड रेल) कॉरिडोर के पिलर्स जल्द ही विज्ञापनों से पटे नजर आएंगे। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र परिवहन निगम (एनसीआरटीसी) ने साहिबाबाद से मोदीपुरम खंड तक पिलर और पोर्टल स्ट्रक्चर्स पर विज्ञापन के लिए ई-निविदाएं आमंत्रित की हैं। उत्तर प्रदेश सरकार से हरी झंडी मिलने के बाद इस योजना को धरातल पर उतारा जा रहा है। विज्ञापन एजेंसियां 12 अक्टूबर तक टेंडर प्रक्रिया में हिस्सा ले सकती हैं। इस पहल से एनसीआरटीसी के गैर-किराया राजस्व (Non-Fare Revenue) में भी इजाफा होगा।
ब्रांड्स को मिलेगी शानदार विजिबिलिटी
दिल्ली-मेरठ कॉरिडोर गाजियाबाद और मेरठ के घनी आबादी वाले रिहायशी इलाकों, प्रमुख बाजारों, व्यावसायिक केंद्रों और भारी ट्रैफिक वाले मुख्य मार्गों के बीच से होकर गुजरता है। सड़क के बीच (मीडियन) में स्थित इन विशाल पिलर्स पर विज्ञापन लगाने से कंपनियों और ब्रांड्स को उच्च दृश्यता (High Visibility) मिलेगी। एनसीआरटीसी का मानना है कि यह औद्योगिक केंद्रों, शैक्षणिक संस्थानों, अस्पतालों और रियल एस्टेट डेवलपर्स के लिए अपनी ब्रांडिंग को मजबूत करने का एक बेहतरीन और प्रभावी माध्यम साबित होगा।
रोजाना एक लाख से ज्यादा यात्री कर रहे सफर
नमो भारत ट्रेनों की लोकप्रियता लगातार बढ़ रही है। एनसीआरटीसी के अधिकारियों के मुताबिक, वर्तमान में इस कॉरिडोर पर प्रतिदिन लगभग एक लाख यात्री सफर कर रहे हैं। अब तक कुल 4.5 करोड़ से अधिक यात्री अपनी यात्रा पूरी कर चुके हैं। ऐसे में न केवल सड़क मार्ग से गुजरने वाले हजारों वाहन चालक, बल्कि रैपिडएक्स के यात्री भी इन विज्ञापनों के दर्शक होंगे, जिससे विज्ञापनों की रीच कई गुना बढ़ जाएगी।
ऐसे लें टेंडर प्रक्रिया में भाग
एनसीआरटीसी के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी (CPRO) पुनीत वत्स ने बताया कि जो भी लाइसेंसधारी एजेंसी चुनी जाएगी, वह विज्ञापन इंफ्रास्ट्रक्चर के डिजाइन, इंस्टॉलेशन, संचालन और रखरखाव के लिए पूरी तरह से उत्तरदायी होगी। इच्छुक बोलीदाता (Bidders) टेंडर से जुड़ी पात्रता, नियम और समय-सीमा की पूरी जानकारी आधिकारिक वेबसाइट ncrtc.in या सीपीपी पोर्टल etenders.gov.in पर जाकर प्राप्त कर सकते हैं। आवेदन की अंतिम तिथि 12 अक्टूबर निर्धारित की गई है।