अगर आपने हाल ही में अपनी पुरानी कार बेची है या बेचने की योजना बना रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद जरूरी है। अमूमन लोग अपनी कार बेचने के बाद सिर्फ आरसी (RC), प्रदूषण प्रमाण पत्र और बीमा जैसे जरूरी कागजात नए मालिक के नाम ट्रांसफर करके निश्चिंत हो जाते हैं। लेकिन एक बहुत ही महत्वपूर्ण काम ऐसा है, जिसे अक्सर नजरअंदाज कर दिया जाता है—वह है कार का FASTag डिएक्टिवेट करना। कार बेचने के बाद यदि आप फास्टैग को बंद नहीं कराते हैं, तो आपको बेवजह आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है, क्योंकि नई कार का मालिक टोल प्लाजा से गुजरेगा और पैसे आपके बैंक अकाउंट से कटते रहेंगे।
FASTag बंद कराना क्यों है इतना जरूरी? फास्टैग (FASTag) कार की विंडशील्ड पर लगा एक रेडियो फ्रीक्वेंसी आइडेंटिफिकेशन (RFID) टैग होता है। यह सीधे आपके बैंक अकाउंट, फास्टैग खाते या प्रीपेड वॉलेट से लिंक होता है। जब भी आपकी कार किसी टोल प्लाजा से गुजरती है, तो वहां लगे स्कैनर फास्टैग को रीड कर लेते हैं और टोल का पैसा ऑटोमैटिक तरीके से आपके खाते से कट जाता है। अब यदि आपने अपनी कार बेच दी है और टैग को बंद नहीं कराया है, तो यह टैग पुरानी तरह ही काम करता रहेगा।
भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) के नियमों और दिशानिर्देशों के अनुसार, कार बेचने या किसी अन्य व्यक्ति को ट्रांसफर करने की स्थिति में पुराने मालिक को अपना फास्टैग अकाउंट तुरंत बंद करा देना चाहिए। इसके बाद नई कार का मालिक अपने नाम और अपनी डिटेल्स के साथ नया फास्टैग जारी करवाता है। कई लोगों को अपनी इस गलती का एहसास तब होता है, जब उनके फोन पर टोल कटने के लगातार मैसेज आने लगते हैं।
वॉलेट में बचे पैसों का क्या होगा? फास्टैग अकाउंट बंद कराने से पहले अपने वॉलेट का बैलेंस जरूर चेक कर लें। अगर आपके फास्टैग अकाउंट में कुछ पैसे बचे हुए हैं, तो आप उसे आसानी से वापस पा सकते हैं। हालांकि, रिफंड की यह पूरी प्रक्रिया फास्टैग जारी करने वाले बैंक की शर्तों पर निर्भर करती है। अकाउंट क्लोजर की रिक्वेस्ट डालते समय ही कस्टमर केयर से यह जरूर पूछ लें कि बचा हुआ बैलेंस आपको किस खाते में और कितने दिन में वापस मिलेगा।
कैसे करें FASTag को डिएक्टिवेट? इसे डिएक्टिवेट करना बहुत ही आसान है। इसके लिए नीचे दिए गए स्टेप्स को फॉलो करें:
- सबसे पहले यह सुनिश्चित करें कि आपका टैग किस बैंक या एजेंसी द्वारा जारी किया गया था।
- इसके बाद उस संबंधित बैंक के कस्टमर केयर नंबर पर कॉल करें या उनके आधिकारिक फास्टैग पोर्टल पर जाएं।
- कस्टमर केयर अधिकारी को बताएं कि आपने कार बेच दी है और अब आप इस फास्टैग अकाउंट को परमानेंटली बंद करवाना चाहते हैं।
- वेरिफिकेशन के लिए बैंक आपसे आपका रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर, गाड़ी का रजिस्ट्रेशन नंबर (Vehicle Registration Number) और कुछ अन्य बेसिक जानकारी मांग सकता है।
- डिटेल्स वेरिफाई होने के बाद क्लोजर की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। एक बार प्रक्रिया पूरी होने पर ऑनलाइन स्टेटस भी चेक कर लें कि फास्टैग निष्क्रिय हुआ है या नहीं।
- यदि बैंक के स्तर पर आपकी समस्या का समाधान नहीं हो रहा है, तो आप फास्टैग से जुड़ी मदद के लिए IHMCL (इंडियन हाईवेज मैनेजमेंट कंपनी लिमिटेड) की हेल्पलाइन नंबर 1033 पर भी अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं।