उत्तर प्रदेश के जनपद बिजनौर से वन्यजीव संघर्ष की बड़ी खबर सामने आई है। थाना शेरकोट क्षेत्र के गांव परमावाला स्थित गन्ना सेंटर के पास लंबे समय से मंडरा रहा गुलदार अंततः वन विभाग द्वारा लगाए गए पिंजरे में कैद हो गया। कई दिनों से गांव और आसपास के कृषि खेतों में गुलदार की लगातार आवाजाही के कारण ग्रामीणों में भारी दहशत का माहौल बना हुआ था।
गुलदार के पकड़े जाने की सूचना जैसे ही गांव में फैली, सैकड़ों ग्रामीणों की भीड़ मौके पर जुट गई। वन विभाग की टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए कैद हुए गुलदार का सुरक्षित रेस्क्यू किया और उसे सुरक्षित स्थान पर ले जाया गया। इस सफलता से ग्रामीणों ने अस्थाई रूप से राहत की सांस जरूर ली है, लेकिन खतरा पूरी तरह टला नहीं है।
कई दिनों से बना हुआ था डर का माहौल
गांव परमावाला और आसपास के इलाकों में पिछले काफी दिनों से गुलदार की आवाजाही देखी जा रही थी। गन्ना सेंटर के आसपास घने गन्ने के खेत होने के कारण गुलदार आसानी से छिपकर शाम ढलते ही आबादी और सड़कों की तरफ आ जाता था।

- किसानों का खेत जाना हुआ मुश्किल: गन्ने के खेतों में काम करने जाने वाले किसानों और मजदूरों को लगातार अपनी सुरक्षा का डर सता रहा था।
- शाम होते ही घरों में कैद होने को मजबूर: दहशत के कारण ग्रामीण शाम सूरज ढलते ही अपने बच्चों और पशुओं को घरों के भीतर सुरक्षित कर लेते थे।
- वन विभाग को दी गई थी सूचना: ग्रामीणों की लगातार मांग और शिकायतों को ध्यान में रखते हुए वन विभाग ने गन्ना सेंटर के पास संवेदनशील स्थान पर लोहे का मजबूत पिंजरा लगाया था।
वन विभाग की टीम ने किया सुरक्षित रेस्क्यू
वन विभाग की टीम पिछले कई दिनों से क्षेत्र में कॉम्बिंग और निगरानी कर रही थी। बीती रात जैसे ही गुलदार चारे के लालच में पिंजरे के भीतर दाखिल हुआ, पिंजरे का दरवाजा अपने आप बंद हो गया।
@Shakeel57767846 शेरकोट थाना क्षेत्र के परमावाला गन्ना सेंटर के पास हफ्तों की दहशत के बाद वन विभाग को मिली बड़ी सफलता, ग्रामीणों ने आसपास एक और गुलदार दिखने का किया दावा। pic.twitter.com/s0AL6nu990
— MK Vashisth (@vadhisth) September 12, 2026
सुबह जब ग्रामीणों ने पिंजरे में गुलदार को दहाड़ते देखा तो तुरंत वन विभाग के अधिकारियों को सूचित किया। मौके पर पहुंची वन विभाग की रेस्क्यू टीम ने विशेषज्ञ प्रक्रिया का पालन करते हुए पिंजरे को कपड़े से ढका और गाड़ी में लोड कर रेंज कार्यालय भिजवा दिया। प्राथमिक स्वास्थ्य जांच के बाद गुलदार को गहरे आरक्षित वन क्षेत्र (डीप फॉरेस्ट) में छोड़ने की तैयारी की जा रही है।
दूसरे गुलदार की मौजूदगी से बना नया खतरा
एक गुलदार के पकड़े जाने के बाद जहां लोगों ने राहत महसूस की, वहीं ग्रामीणों ने एक और चिंताजनक बात साझा की है।
ग्रामीणों का दावा: गांव के प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि उन्होंने हाल ही में गन्ना सेंटर और आसपास के खेतों में एक और गुलदार को घूमते हुए देखा है। संभवतः इलाके में दो या उससे अधिक गुलदार सक्रिय हैं।
ग्रामीणों ने वन विभाग के अधिकारियों से मांग की है कि इलाके में पिंजरे को हटाया न जाए और गश्त (Patrolling) जारी रखी जाए ताकि दूसरे गुलदार को भी जल्द से जल्द पकड़कर क्षेत्र को पूरी तरह सुरक्षित बनाया जा सके।
सुरक्षा निर्देश एवं सावधानी
वन विभाग और स्थानीय पुलिस प्रशासन ने परमावाला तथा आसपास के गांवों के निवासियों के लिए सुरक्षा अलर्ट जारी किया है:
- समूह में निकलें: खेतों में काम करने जाने वाले किसान अकेले न जाएं, हमेशा 3-4 लोगों के समूह में जाएं और अपने पास लाठी-डंडा रखें।
- शोर मचाएं: घने गन्ने के खेतों के पास से गुजरते समय रेडियो बजाएं या आपस में तेज आवाज में बातचीत करते रहें, जिससे वन्यजीव दूर रहें।
- बच्चों और मवेशियों की सुरक्षा: छोटे बच्चों को अकेले खेत की तरफ न जाने दें और पालतू मवेशियों को बाड़े के भीतर ही बांधकर रखें।
- तत्काल सूचना दें: यदि किसी को दूसरा गुलदार दिखाई देता है, तो स्वयं उस पर हमला न करें बल्कि तुरंत वन विभाग की हेल्प लाइन या पुलिस को सूचना दें।