उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले में चल रही होमगार्ड भर्ती प्रक्रिया में एक बड़ा और दर्दनाक हादसा सामने आया है। कैलाश प्रकाश स्पोर्ट्स स्टेडियम में आयोजित शारीरिक दक्षता परीक्षा (फिजिकल टेस्ट) की दौड़ के दौरान बीमार पड़े दूसरे अभ्यर्थी तरुण की भी बुधवार को इलाज के दौरान दुखद मौत हो गई। इस घटना के बाद मृतक के परिवार में कोहराम मच गया है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। मेरठ होमगार्ड भर्ती की इस प्रक्रिया में अब तक दो युवाओं की जान जा चुकी है, जिससे प्रशासनिक व्यवस्थाओं और मेडिकल सुविधाओं पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
न्यूटीमा अस्पताल में जिंदगी की जंग हार गया तरुण मिली जानकारी के अनुसार, मंगलवार को चिलचिलाती धूप और उमस के बीच आयोजित दौड़ के दौरान कई अभ्यर्थियों की अचानक तबीयत बिगड़ गई थी। इन्हीं में से एक तरुण भी थे, जो दौड़ते समय मैदान में गिर पड़े थे। उनकी गंभीर हालत को देखते हुए उन्हें तुरंत मेरठ के न्यूटीमा अस्पताल में भर्ती कराया गया था। चिकित्सकों की एक विशेष टीम उन्हें बचाने का लगातार प्रयास कर रही थी, लेकिन दुर्भाग्यवश बुधवार को इलाज के दौरान तरुण ने दम तोड़ दिया। इससे पहले, मंगलवार को ही दौड़ के दौरान बेहोश हुए एक अन्य युवा अभ्यर्थी अंकुज मलिक की भी दुखद मौत हो गई थी।
मेडिकल अस्पताल में अब भी एक अभ्यर्थी भर्ती मंगलवार को फिजिकल टेस्ट के दौरान अचानक कई युवाओं के अचेत होने से स्टेडियम में अफरातफरी का माहौल बन गया था। आनन-फानन में कई अभ्यर्थियों को अलग-अलग अस्पतालों में पहुंचाया गया था। स्वास्थ्य विभाग की ताजा जानकारी के मुताबिक, ज्यादातर अभ्यर्थियों की हालत में सुधार होने के बाद उनके परिजन उन्हें अस्पताल से घर ले गए हैं। हालांकि, अभी भी एक अभ्यर्थी की स्थिति गंभीर बनी हुई है, जिसका इलाज मेरठ के मेडिकल अस्पताल में चल रहा है।
भर्ती व्यवस्थाओं और चिकित्सा सुविधाओं पर उठे सवाल लगातार दो होनहार युवाओं की मौत और दर्जनों के बीमार पड़ने के बाद मेरठ होमगार्ड भर्ती की ग्राउंड व्यवस्थाओं को लेकर प्रशासन पूरी तरह से कटघरे में है। परिजनों और स्थानीय लोगों का सवाल है कि जब इतनी बड़ी संख्या में युवा फिजिकल टेस्ट के लिए आ रहे थे, तो भीषण गर्मी से बचाव और आपातकालीन चिकित्सा के पुख्ता इंतजाम क्यों नहीं किए गए? मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने घटना की विस्तृत जानकारी जुटानी शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि अभ्यर्थियों की तबीयत बिगड़ने के वास्तविक कारणों और मौके पर मौजूद मेडिकल टीम की मुस्तैदी की गहन जांच की जा रही है।
दो मौतों के बावजूद नहीं रुकी फिजिकल प्रक्रिया इस पूरी त्रासदी के बीच सबसे ज्यादा हैरानी की बात यह रही कि दो युवा अभ्यर्थियों की मौत होने के बावजूद बुधवार को कैलाश प्रकाश स्पोर्ट्स स्टेडियम में होमगार्ड भर्ती की फिजिकल प्रक्रिया को स्थगित नहीं किया गया। प्रशासन ने अपने तय कार्यक्रम के अनुसार बुधवार को भी दौड़ और अन्य शारीरिक परीक्षण जारी रखे। हालांकि, स्टेडियम में पुलिस बल की तैनाती बढ़ा दी गई है और अधिकारियों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।