मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन के बाद अब देश की दूसरी बड़ी हाई स्पीड रेल परियोजना को लेकर हलचल तेज हो गई है। नेशनल हाई स्पीड रेल कॉरपोरेशन लिमिटेड (NHSRCL) ने दिल्ली-वाराणसी-पटना-सिलीगुड़ी बुलेट ट्रेन कॉरिडोर की डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR) तैयार कर रेल मंत्रालय को सौंप दी है। इस कॉरिडोर के शुरू होने से उत्तर प्रदेश, बिहार और पश्चिम बंगाल के करोड़ों रेल यात्रियों की यात्रा सुगम हो जाएगी।

दो चरणों में तैयार होगा 1557 किलोमीटर लंबा कॉरिडोर

सरकार ने इस पूरे प्रोजेक्ट को दो चरणों में बनाने की रूपरेखा तैयार की है। पहले चरण में दिल्ली से वाराणसी के बीच बुलेट ट्रेन चलाई जाएगी, जिसकी दूरी लगभग 756 से 813 किलोमीटर होगी। इसके बाद दूसरे चरण में इस ट्रैक का विस्तार करते हुए वाराणसी से पटना होकर सिलीगुड़ी तक 744 किलोमीटर का कॉरिडोर निर्मित किया जाएगा। पूरे कॉरिडोर की कुल लंबाई लगभग 1,557 किलोमीटर होगी। डीपीआर को अंतिम तकनीकी समीक्षा के बाद केंद्रीय मंत्रिमंडल (कैबिनेट) की मंजूरी के लिए भेजा जाएगा।

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​परियोजना के जमीनी सर्वे के काम को गति देने के लिए अधिकारियों की नियुक्ति प्रक्रिया शुरू हो गई है। NHSRCL ने इसके लिए तीन विशेष कार्य अधिकारी और तीन अपर महाप्रबंधक स्तर के टेक्नोक्रेट्स की तैनाती की प्रक्रिया शुरू की है, जो अगले 30 दिनों में पूरी हो जाएगी। ये अधिकारी दिल्ली, नोएडा, आगरा, लखनऊ, वाराणसी और पटना में इस परियोजना के ग्राउंड ऑपरेशन्स और भूमि अधिग्रहण कार्यों की कमान संभालेंगे।

रूट और प्रमुख रेलवे स्टेशन

दिल्ली-वाराणसी बुलेट ट्रेन रूट की बात करें तो यह ट्रेन दिल्ली के सराय काले खां स्टेशन से शुरू होगी। इसके बाद यह नोएडा, जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट, मथुरा, आगरा, फिरोजाबाद, इटावा, कन्नौज, लखनऊ, अयोध्या (लिंक लाइन), रायबरेली, प्रयागराज, भदोही और वाराणसी तक जाएगी।

​बिहार के हिस्से में इस ट्रेन के संचालन के लिए लगभग 1,900 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण किया जाएगा और एलिवेटेड ट्रैक बनाया जाएगा। बिहार में बक्सर, आरा, पटना, मोकामा, हाथीदह, बेगूसराय, महेशखूंट, कटिहार और किशनगंज जैसे शहरों में स्टेशन बनाए जाने का प्रस्ताव है। पटना में बिहटा के पास नया स्टेशन विकसित करने का विचार भी शामिल है।

सफर के समय में आएगी ऐतिहासिक कमी

बुलेट ट्रेन कॉरिडोर चालू होने के बाद लंबी दूरी की यात्रा के समय में भारी कटौती होगी:

  • दिल्ली से वाराणसी: वर्तमान में लगने वाले 11-12 घंटे का समय घटकर मात्र 3 घंटे 40 मिनट रह जाएगा।
  • दिल्ली से पटना: 12-14 घंटे की यात्रा का समय घटकर मात्र 4 घंटे 41 मिनट (लगभग एक तिहाई) रह जाएगा।
  • दिल्ली से सिलीगुड़ी: वर्तमान के 20-24 घंटे के बजाय यह सफर केवल 6 घंटे 45 मिनट में पूरा होगा।

तकनीक, स्पीड और आर्थिक प्रभाव

भारत इस परियोजना के लिए 280 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार वाले स्वदेशी 'B28' बुलेट ट्रेन कोच तैयार कर रहा है। वहीं, जापान से 350 किलोमीटर प्रति घंटे की अधिकतम रफ्तार वाले शिंकानसेन बुलेट ट्रेन कोच 2029-30 तक मिलने की उम्मीद है।

​इस कॉरिडोर के निर्माण से पूर्वोत्तर और पूर्वी भारत का दिल्ली से संपर्क अत्यधिक सुदृढ़ हो जाएगा। व्यवसायी, छात्र और नौकरीपेशा लोग सुबह दिल्ली जाकर शाम तक पटना या वाराणसी वापस लौट सकेंगे। इससे क्षेत्रीय व्यापार, रियल एस्टेट और पर्यटन क्षेत्र को बड़ा आर्थिक बढ़ावा मिलेगा।