खबरीलाल डेस्क
खबरीलाल डेस्क। आज के इस डिजिटल और आधुनिक दौर में स्मार्टफोन हमारे जीवन का एक अनिवार्य हिस्सा बन चुका है। सुबह की शुरुआत से लेकर रात की नींद तक, बैंकिंग से लेकर मनोरंजन और ऑफिस के काम तक सब कुछ इसी मुट्ठी भर डिवाइस पर टिका है। लेकिन, तकनीक की इस सुविधा ने साइबर अपराधियों के लिए भी रास्ते खोल दिए हैं। आए दिन फोन चोरी, डेटा चोरी, डिजिटल अरेस्ट और बैंक खातों से पैसे उड़ाने जैसी घटनाएं आम हो गई हैं। इन तमाम आपराधिक गतिविधियों पर लगाम कसने और देश की डिजिटल सुरक्षा को अभेद्य बनाने के लिए भारत सरकार ने अब तक का सबसे कड़ा रुख अपनाया है।READ ALSO:-खौफनाक आतंकी साजिश और दो बेरोजगारों की जासूसी: 'वाइब' के ट्रेलर में प्रीति जिंटा का धांसू एक्शन और कुणाल खेमू का जलवा
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दूरसंचार विभाग (Department of Telecommunications - DoT) ने साफ कर दिया है कि मोबाइल फोन और सिम कार्ड का किसी भी प्रकार का अवैध या फर्जी इस्तेमाल अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सरकार ने टेलीकम्युनिकेशन एक्ट 2023 (Telecommunication Act 2023) के प्रावधानों को पूरी सख्ती से लागू कर दिया है। विभाग की नई एडवाइजरी के मुताबिक, मोबाइल के यूनिक टेलीकम्युनिकेशन आइडेंटिफायर (यानी IMEI नंबर) के साथ छेड़छाड़ करना, फर्जी दस्तावेजों पर सिम लेना या अपना सिम किसी अन्य व्यक्ति को गलत काम के लिए देना बहुत भारी पड़ सकता है। ऐसा करने वालों के लिए जेल की सलाखों के पीछे जाने और 50 लाख रुपये तक के जुर्माने का रास्ता साफ हो गया है।
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टेलीकम्युनिकेशन एक्ट 2023 के तहत तय किए गए कड़े दंड और प्रावधान

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नए कानूनों के तहत सरकार ने किसी भी तरह की कोताही न बरतने का फैसला किया है। नीचे दी गई तालिका में स्पष्ट किया गया है कि किस गलती के लिए कानून में क्या सजा तय की गई है:
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अपराध का प्रकार (Type of Offense)
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सजा और जुर्माने का प्रावधान (Penalty & Imprisonment)
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संबंधित कानून (Relevant Legal Section)
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मोबाइल फोन के IMEI नंबर के साथ छेड़छाड़ या बदलना
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3 साल तक की जेल या 50 लाख रुपये तक का जुर्माना (या दोनों)
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टेलीकम्युनिकेशन एक्ट 2023 (धारा 42(6))
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फर्जी दस्तावेजों या आईडी प्रूफ पर सिम कार्ड खरीदना
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3 साल तक की जेल और भारी आर्थिक दंड
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टेलीकम्युनिकेशन एक्ट 2023 के नियम
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अपना वैध सिम कार्ड किसी अन्य व्यक्ति को ट्रांसफर करना
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कानूनी कार्रवाई, सिम ब्लॉक और भारी जुर्माना
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दूरसंचार विभाग के नए निर्देश
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ऐप्स या वेबसाइट के जरिए फर्जी Caller ID का इस्तेमाल करना
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सख्त क्रिमिनल केस और धोखाधड़ी की धाराएं
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साइबर सुरक्षा और टेलीकॉम नियम
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ऐसे अपराधियों की मदद करना या उन्हें बढ़ावा देना
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मुख्य अपराधी के समान ही 3 साल की जेल और 50 लाख जुर्माना
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टेलीकम्युनिकेशन एक्ट 2023 (धारा 42(6))
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IMEI नंबर से छेड़छाड़: यह एक गंभीर अपराध क्यों है?

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IMEI (International Mobile Equipment Identity) असल में दुनिया भर में मौजूद हर एक मोबाइल हैंडसेट का 15 अंकों का एक यूनिक डिजिटल फिंगरप्रिंट होता है। जब भी कोई अपराधी किसी का फोन चुराता है, तो सबसे पहले वह कंप्यूटर सॉफ्टवेयर और हार्डवेयर टूल्स की मदद से उस फोन का IMEI नंबर बदल देता है, जिसे 'फ्लैशिंग' या 'टेम्परिंग' कहा जाता है। ऐसा करने से पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों के लिए उस चोरी हुए फोन को ट्रैक करना बेहद मुश्किल हो जाता है।
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दूरसंचार विभाग ने चेतावनी दी है कि ऐसे किसी भी मोबाइल डिवाइस, वाई-फाई मॉडेम या सिम बॉक्स का इस्तेमाल करना, जिसके IMEI नंबर के साथ छेड़छाड़ की गई हो, पूरी तरह से गैर-कानूनी है। एक्ट की धारा 42(6) के तहत, सिर्फ वह व्यक्ति ही अपराधी नहीं माना जाएगा जो खुद IMEI बदल रहा है, बल्कि वह व्यक्ति भी बराबर का दोषी है जो ऐसे टेम्पर्ड फोन को खरीदता है या इस अवैध काम में किसी भी तरह की मदद पहुंचाता है। सरकार का यह कदम चोरी के मोबाइलों के काले बाजार पर सीधा प्रहार है।
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फर्जी SIM और Caller ID: साइबर ठगों के हथियारों पर रोक

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आज देश में जितने भी बड़े साइबर फ्रॉड हो रहे हैं, उनके पीछे सबसे बड़ा हथियार फर्जी सिम कार्ड होते हैं। स्कैमर्स अक्सर भोले-भाले या गरीब लोगों के दस्तावेजों (जैसे आधार कार्ड, पैन कार्ड या वोटर आईडी) की फोटोकॉपी का दुरुपयोग करके उनके नाम पर फर्जी सिम जारी करवा लेते हैं और फिर उनका इस्तेमाल ठगी के लिए करते हैं।
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DoT ने जनता को चेतावनी दी है कि वे अपने नाम पर जारी किए गए सिम कार्ड को किसी भी अनजान व्यक्ति को न दें। इसके अलावा, आजकल कई साइबर ठग ऐप या वेबसाइट्स के जरिए फर्जी कॉलर आईडी (Caller ID Spoofing) का इस्तेमाल करते हैं। इसके जरिए वे कॉल करते समय विक्टिम के फोन की स्क्रीन पर कोई भी सरकारी नंबर या पुलिस का नंबर दिखा देते हैं। सरकार ने इस तरह के किसी भी टूल के इस्तेमाल को पूर्ण रूप से अवैध घोषित कर दिया है और इसे गंभीर अपराध माना है।
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आम नागरिकों के लिए DoT की जरूरी एडवाइजरी

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यह पूरी सख्ती केवल साइबर अपराधियों के लिए ही नहीं है, बल्कि आम नागरिकों को जागरूक करने के लिए भी है। दूरसंचार विभाग ने देश की जनता से अपील की है कि वे कुछ बुनियादी सावधानियां जरूर बरतें:
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    सेकंड-हैंड फोन खरीदते वक्त सावधानी: कभी भी ऐसा पुराना मोबाइल या वाई-फाई डिवाइस न खरीदें जिसका पक्का बिल न हो या जिसके बॉक्स पर दिया गया IMEI नंबर फोन के सॉफ्टवेयर से मैच न करता हो।
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    घरेलू असेंबली से बचें: बिना लाइसेंस या ऑथराइजेशन के घर पर टेलीकॉम उपकरणों को असेंबल करने से बचें, जिनके जरिए IMEI से छेड़छाड़ की संभावना रहती है।
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    सिम कार्ड की गोपनीयता: अपने आधार या आईडी पर लिए गए सिम को अपने तक ही सीमित रखें। अगर आपके नाम का सिम किसी और के हाथ लग गया और उससे कोई गैर-कानूनी काम हुआ, तो कानून की नजर में आप ही मुख्य जिम्मेदार माने जाएंगे।
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'संचार साथी' पोर्टल: अपनी डिजिटल सुरक्षा खुद मजबूत करें

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मोबाइल चोरी होने की घटनाओं या फर्जी सिम के जाल से खुद को बचाने के लिए भारत सरकार ने ‘संचार साथी’ (sancharsaathi.gov.in) नाम से एक बेहद शक्तिशाली और पारदर्शी डिजिटल पोर्टल शुरू किया है। दूरसंचार विभाग ने नागरिकों से आग्रह किया है कि वे अपने मोबाइल हैंडसेट और सिम कार्ड्स को वेरिफाई करने के लिए इस पोर्टल का नियमित उपयोग करें।
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इस पोर्टल के जरिए आप घर बैठे कई बड़े काम कर सकते हैं:
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    IMEI वेरिफिकेशन: कोई भी नया या पुराना फोन खरीदने से पहले आप संचार साथी ऐप या पोर्टल पर उसका IMEI नंबर डालकर चेक कर सकते हैं कि वह डिवाइस ऑरिजिनल है या किसी चोरी के मामले से जुड़ा हुआ है।
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    चोरी हुआ फोन ब्लॉक करना (CEIR): यदि आपका फोन कहीं खो जाता है या चोरी हो जाता है, तो आप पुलिस शिकायत के आधार पर इस पोर्टल के जरिए उस फोन का IMEI हमेशा के लिए ब्लॉक कर सकते हैं। इसके बाद वह फोन देश के किसी भी सिम नेटवर्क पर कभी काम नहीं करेगा।
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    अपने नाम पर एक्टिव सिम की जांच (TAFCOP): इस शानदार फीचर की मदद से आप अपना नंबर डालकर यह देख सकते हैं कि आपके आईडी प्रूफ पर वर्तमान में कुल कितने सिम कार्ड एक्टिव हैं। यदि आपको कोई ऐसा नंबर दिखाई देता है जो आपका नहीं है, तो आप तुरंत उसे ऑनलाइन रिपोर्ट कर सकते हैं और ब्लॉक करवा सकते हैं।
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सरकार का यह नया टेलीकम्युनिकेशन एक्ट देश में साइबर अपराधों पर नकेल कसने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है। तकनीक के इस युग में थोड़ी सी लापरवाही आपको जेल की हवा खिला सकती है। इसलिए सजग रहें, सतर्क रहें और सरकार के इन नए नियमों का पूरा पालन करें।