दिल्ली-मेरठ रैपिड रेल (नमो भारत ट्रेन) के संचालन से यात्रियों को काफी सहूलियत मिली है, लेकिन रोजाना यात्रा करने वाले नौकरीपेशा लोगों के लिए इसका किराया परेशानी का सबब बन रहा है। इसी समस्या को लेकर रविवार को मेरठ के दैनिक यात्रियों के एक प्रतिनिधिमंडल ने राज्यसभा सांसद डॉ. लक्ष्मीकांत बाजपेयी से उनके आवास पर मुलाकात की। यात्रियों ने सांसद को अपनी समस्याओं से अवगत कराते हुए नमो भारत ट्रेन में मासिक पास (Monthly Pass) प्रणाली लागू करने और रात के समय इसके फेरे बढ़ाने की प्रमुख मांग रखी।
420 रुपये का दैनिक किराया नौकरीपेशा लोगों की पहुंच से बाहर दैनिक यात्रियों ने सांसद डॉ. बाजपेयी को बताया कि वर्तमान में नमो भारत ट्रेन का संचालन सुबह 6 बजे से रात 10 बजे तक किया जा रहा है। मोदीपुरम से दिल्ली के सराय काले खां तक का एक तरफ का किराया 210 रुपये निर्धारित है। ऐसे में रोजाना दिल्ली-एनसीआर अप-डाउन करने वाले यात्रियों को दोनों तरफ से 420 रुपये खर्च करने पड़ रहे हैं।
यात्रियों का तर्क है कि दिल्ली और एनसीआर की निजी कंपनियों, फैक्ट्रियों और अन्य प्रतिष्ठानों में काम करने वाले कर्मचारियों का वेतन इतना अधिक नहीं होता कि वे प्रतिदिन 420 रुपये केवल यात्रा पर खर्च कर सकें। इसके चलते हजारों दैनिक यात्रियों और छात्र-छात्राओं को आर्थिक दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। यात्रियों ने मांग की है कि दैनिक यात्रियों की सुविधा के लिए रेलवे की तर्ज पर नमो भारत ट्रेन में भी 'मासिक पास' की व्यवस्था तुरंत लागू की जानी चाहिए।
रात 10 बजे के बाद भी हर आधे घंटे में चले ट्रेन किराये के साथ-साथ समय सारिणी को लेकर भी यात्रियों ने अपनी मांगें रखीं। यात्रियों ने कहा कि रात 10 बजे के बाद ट्रेन सेवा बंद होने से उन लोगों को भारी परेशानी होती है, जिनकी शिफ्ट देर रात खत्म होती है या जिन्हें रात में इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय (IGI) एयरपोर्ट से फ्लाइट पकड़नी होती है। यात्रियों ने सुझाव दिया है कि रात 10 बजे के बाद और सुबह 6 बजे से पहले भी नमो भारत ट्रेन को हर आधे घंटे के अंतराल पर चलाया जाए, ताकि रात्रिकालीन यात्रियों को सुरक्षित और सुगम यातायात मिल सके।
रेवाड़ी शटल ट्रेन की लेटलतीफी से कट रहा वेतन नमो भारत के अलावा, यात्रियों ने मेरठ कैंट से दिल्ली होते हुए रेवाड़ी जाने वाली शटल ट्रेन की बदहाली का मुद्दा भी उठाया। यात्रियों ने बताया कि यह शटल ट्रेन पिछले दो वर्षों से लगातार विलंब से चल रही है। ट्रेन के रोज लेट होने के कारण नौकरीपेशा लोग अपने कार्यालय समय पर नहीं पहुंच पाते हैं, जिसके कारण निजी कंपनियां उनके वेतन में कटौती कर रही हैं।
यात्रियों ने सांसद से मांग की है कि या तो इस शटल ट्रेन का संचालन समयबद्ध तरीके से सुनिश्चित कराया जाए, या फिर मेरठ से दिल्ली के बीच नई फास्ट ईएमयू (Fast EMU) ट्रेन का संचालन शुरू किया जाए। इस मुलाकात के दौरान प्रतिनिधिमंडल में सौरभ शर्मा, औचित्य शर्मा, संजीव मेहता, दीपक वर्मा और तरुण मेहता सहित कई दैनिक यात्री मौजूद रहे। सांसद ने यात्रियों की समस्याओं को गंभीरता से सुना और संबंधित अधिकारियों व मंत्रालय के समक्ष इन मांगों को मजबूती से रखने का आश्वासन दिया।