जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान एक कार्यकर्ता के पिता पर कथित हमले और अन्य आरोपों के संबंध में गिरफ्तार स्वतंत्र भारद्वाज को दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। अदालत ने स्वतंत्र भारद्वाज की याचिका पर सुनवाई करते हुए उन्हें तीन सप्ताह (3 हफ्ते) की अंतरिम जमानत दे दी है। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश सौरभ प्रताप सिंह लालेर की अदालत ने 50 हजार रुपये के निजी मुचलके (जमानती बॉन्ड) और उतनी ही राशि की जमानत पर आरोपी को यह राहत प्रदान की है।
कोर्ट में पेश की गईं दलीलें और वीडियो क्लिप्स
सुनवाई के दौरान स्वतंत्र भारद्वाज के वकील ने अदालत के समक्ष मुख्य दलीलें पेश कीं। बचाव पक्ष के वकील ने दावा किया कि उनके मुवक्किल को केवल कुछ 'राजनीतिक घटनाक्रमों' के बाद गिरफ्तार किया गया है। वकील ने अदालत को बताया कि वास्तविकता यह है कि शिकायतकर्ता ने स्वयं जून महीने में सीजेपी (CJP) के प्रदर्शन के दौरान स्वतंत्र भारद्वाज पर हमला किया था।
बचाव पक्ष ने अदालत में कहा कि इस पूरी घटना के वीडियो सोशल मीडिया पर व्यापक रूप से उपलब्ध हैं, जिनमें साफ तौर पर देखा जा सकता है कि स्वतंत्र भारद्वाज जमीन पर गिर गए थे और मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने उन्हें बचाया था। जब वकील ने मुद्दा उठाया कि पुलिस ने इन वीडियो साक्ष्यों पर ध्यान नहीं दिया, तो अदालत ने स्वयं संज्ञान लेते हुए मामले से संबंधित वीडियो क्लिप्स अदालत कक्ष में चलवाए और पूरी घटना का अवलोकन किया।
जातिसूचक शब्द और एससी/एसटी एक्ट पर कोर्ट का सवाल
मामले की सुनवाई के दौरान अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश ने दिल्ली पुलिस से सवाल किया कि क्या घटना के समय स्वतंत्र भारद्वाज ने जातिसूचक गाली दी थी। इस पर दिल्ली पुलिस की ओर से अदालत में स्वीकार किया गया कि शुरुआत में दर्ज की गई शिकायत में जातिसूचक टिप्पणी का कोई उल्लेख नहीं था। हालांकि, बाद में जब दोबारा बयान दर्ज किए गए, तब जातिसूचक शब्द कहे जाने की बात जोड़ी गई और इसी आधार पर प्राथमिकी में एससी/एसटी (SC/ST) एक्ट की धाराएं शामिल की गईं। इसके अलावा आरोपी पर पॉक्सो एक्ट भी लगाया गया था।
बुलंदशहर से हुई थी गिरफ्तारी, जानिए पूरा घटनाक्रम
मामले के घटनाक्रम के अनुसार, स्वतंत्र भारद्वाज के खिलाफ 23 जून को एफआईआर दर्ज की गई थी। इसके बाद 27 जून को पुलिस ने उन्हें पूछताछ में शामिल होने का नोटिस जारी किया। भारद्वाज 29 जून को पुलिस के समक्ष पेश हुए और पूछताछ के बाद उन्हें जाने दिया गया।
इसके बाद सीजेपी कार्यकर्ताओं ने संसद मार्ग थाने के बाहर प्रदर्शन कर आरोपी की गिरफ्तारी की मांग की। 4 सितंबर को दिल्ली पुलिस ने स्वतंत्र भारद्वाज को उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर से हिरासत में लिया। इसके बाद 7 सितंबर को अदालत ने उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत के तहत 21 सितंबर तक के लिए जेल भेजा था। अब पटियाला हाउस कोर्ट से अंतरिम जमानत मिलने के बाद उन्हें अस्थायी रिहाई मिलेगी।