गाजियाबाद में एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। यहां एक दादा और चाचा ने मिलकर अपने ही पोते (भतीजे) अश्वनी उर्फ आशू की बेरहमी से हत्या कर दी। हत्या की वजह अश्वनी की शराब की लत और आए दिन परिवार के साथ होने वाली मारपीट बताई जा रही है। पुलिस ने इस गाजियाबाद मर्डर केस का खुलासा करते हुए दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और वारदात में इस्तेमाल हथियार भी बरामद कर लिए हैं।
14 साल से शराबी पोते से परेशान था परिवार नंदग्राम के एसीपी जियाउद्दीन अहमद ने बताया कि मृतक अश्वनी शराब पीने का बेहद आदी था। वह अक्सर शराब के नशे में धुत होकर घर आता था और परिवार के सदस्यों के साथ गाली-गलौज व मारपीट करता था। पूछताछ में आरोपी दादा भीम सिंह ने अपना दर्द बयां करते हुए बताया कि वह पिछले 14 सालों से अपने पोते की इन हरकतों से त्रस्त थे। अश्वनी की शराब की लत के कारण परिवार कर्ज के बोझ तले दबता जा रहा था। स्थिति यह आ गई थी कि भीम सिंह को अपने हिस्से का आधा मकान 9 लाख रुपए में बेचना पड़ा था, जिसमें से डेढ़ लाख रुपए सिर्फ अश्वनी के शराब के कर्ज को चुकाने में गए। इसके बावजूद उसका रोज पैसे मांगना और मारपीट करना बंद नहीं हुआ।

पैसे नहीं मिलने पर रची गई हत्या की साजिश पुलिस के अनुसार, 12 सितंबर की रात करीब 8:30 बजे अश्वनी फिर शराब के नशे में घर लौटा और दादा से शराब के लिए रुपयों की मांग करने लगा। पैसे न मिलने पर वह धमकी देकर चला गया। इस रोज-रोज के टॉर्चर से तंग आकर दादा भीम सिंह ने अपने बेटे (अश्वनी के चाचा) राजेश को पूरी बात बताई और दोनों ने मिलकर अश्वनी को रास्ते से हटाने की साजिश रची। रात करीब 10 बजे दोनों ने अश्वनी पर धारदार दांव और डंडेनुमा बल्ली से ताबड़तोड़ कई वार किए। इस जानलेवा हमले में उसकी मौके पर ही मौत हो गई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मृतक के शरीर पर 11 गंभीर चोटों के निशान पाए गए हैं।
पुलिस को गुमराह करने के लिए रची झूठी कहानी हत्या को अंजाम देने के बाद दोनों ने बड़ी चालाकी से सबूत मिटाने की कोशिश की। खून से सने दांव को तकिए के कवर से पोंछकर घर में छिपा दिया, जबकि डंडे को खाली प्लॉट में फेंक दिया। अगली सुबह 7 बजे दादा भीम सिंह छत पर जाकर हत्या का शोर मचाने लगा, वहीं चाचा राजेश ने 112 नंबर पर पुलिस को कॉल कर दी। शुरुआत में मामला किसी बाहरी द्वारा की गई हत्या का लग रहा था। लेकिन जब पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस की मदद ली, तो मुखबिरों की सूचना पर शक की सुई घर वालों पर ही टिक गई। कड़ाई से पूछताछ करने पर दोनों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया। फिलहाल पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।