दिवंगत बॉलीवुड अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की पूर्व मैनेजर दिशा सालियान की मौत के मामले में 6 साल बाद एक बड़ा और अहम अपडेट सामने आया है। बॉम्बे हाईकोर्ट के सख्त निर्देश के बाद केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने इस मामले में एफआईआर (FIR) दर्ज कर ली है, जिससे अब दिशा की मौत के अनसुलझे रहस्य से पर्दा उठने की उम्मीद बंध गई है। इस हाई-प्रोफाइल मामले में शिवसेना (UBT) प्रमुख उद्धव ठाकरे के बेटे आदित्य ठाकरे, बॉलीवुड अभिनेता सूरज पंचोली, डीनो मोरिया, रिया चक्रवर्ती और शोविक चक्रवर्ती की भूमिकाओं की सीबीआई द्वारा गहन जांच की जाएगी। इसके अलावा, मामले को शुरुआत में हैंडल करने वाले कुछ पुलिसकर्मियों पर भी जांच की आंच आ सकती है।

पिता सतीश सालियान का आरोप- गैंगरेप के बाद हुई हत्या सीबीआई ने इस मामले में दिशा के पिता सतीश सालियान का बयान दर्ज कर लिया है, जिसमें अधिकारियों को लगभग 4 घंटे का समय लगा। सतीश सालियान अपने वकील नीलेश ओझा के साथ सीबीआई दफ्तर पहुंचे थे। उन्होंने जांच एजेंसी को दिए अपने बयान में बेहद गंभीर आरोप लगाते हुए दावा किया है कि उनकी बेटी के साथ गैंगरेप किया गया और उसके बाद उसकी बेरहमी से हत्या कर दी गई। सतीश सालियान ने मामले में शामिल कई जानी-मानी हस्तियों और भ्रष्ट पुलिसकर्मियों पर सबूतों को मिटाने और मामले को दबाने का भी आरोप लगाया है।

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बॉम्बे हाईकोर्ट ने 2 सितंबर 2026 को दिया था आदेश गौरतलब है कि पुलिस की शुरुआती जांच से असंतुष्ट दिशा के पिता ने न्याय के लिए बॉम्बे हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। उनकी याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने 2 सितंबर 2026 को सीबीआई को तुरंत एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया। अदालत ने निर्देश दिया है कि इस संवेदनशील मामले की जांच किसी बेहद अनुभवी और वरिष्ठ अधिकारी द्वारा की जाए। हालांकि, कोर्ट ने जांच एजेंसी को यह हिदायत भी दी है कि जब तक ठोस सबूत न मिलें और जांच पूरी न हो जाए, तब तक किसी भी व्यक्ति को सीधे तौर पर दोषी या आरोपी न माना जाए।

मुंबई पुलिस ने बताया था सुसाइड, आदित्य ठाकरे ने आरोपों को नकारा बता दें कि 8 जून 2020 को दिशा सालियान का खून से लथपथ शव मुंबई के मलाड इलाके में स्थित एक हाईराइज बिल्डिंग के नीचे से बरामद हुआ था। शुरुआत में मुंबई पुलिस ने इस मामले में एक्सीडेंटल डेथ (ADR) का केस दर्ज किया था और बाद में इसे आत्महत्या करार देकर फाइल बंद कर दी थी। पुलिस ने किसी भी तरह की साजिश होने से साफ इनकार किया था, लेकिन दिशा का परिवार लगातार इसे हत्या बताता रहा।

वहीं, इस मामले में जांच के घेरे में आए शिवसेना (UBT) नेता आदित्य ठाकरे ने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को सिरे से खारिज किया है। आदित्य ठाकरे का कहना है कि यह उन्हें बदनाम करने की एक राजनीतिक साजिश है। उन्होंने स्पष्ट किया कि दिशा सालियान की मौत से उनका कोई लेना-देना नहीं है और लगाए गए सभी आरोप पूरी तरह से झूठे और बेबुनियाद हैं।