उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले में केदारनाथ धाम पैदल यात्रा मार्ग पर चीरबासा के समीप पहाड़ी से लगातार मलबा और बोल्डर गिरने के कारण श्रद्धालुओं की आवाजाही प्रभावित हो गई। गौरीकुंड से लगभग ढाई किलोमीटर आगे स्थित चीरबासा के पास पैदल मार्ग क्षतिग्रस्त होने से प्रशासन ने एहतियातन यात्रियों को रोक दिया था। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस बल, राज्य आपदा मोचन बल (SDRF), जिला आपदा प्रतिक्रिया बल (DDRF) और लोक निर्माण विभाग (PWD) की टीमें मौके पर पहुंचीं और राहत व मार्ग खोलने का कार्य शुरू किया।
सुरक्षा मानकों का विशेष ध्यान रखते हुए श्रमिकों और जवानों ने कड़ी मशक्कत के बाद क्षतिग्रस्त हिस्से से मलबा और पत्थर हटाकर रास्ता साफ कराया। इसके बाद केदारनाथ धाम से वापस लौट रहे श्रद्धालुओं को सुरक्षा बलों की कड़ी निगरानी में सुरक्षित स्थान से पार कराकर गौरीकुंड की ओर भेजा गया। वहीं, सोनप्रयाग में रोके गए यात्रियों को भी मार्ग सुरक्षित पाए जाने के बाद आगे जाने की अनुमति दी गई।
🚩 केदारनाथ धाम पैदल मार्ग अपडेट 🔱
केदारनाथ धाम पैदल मार्ग पर चीरवासा के समीप एसडीआरएफ, डीडीआरएफ, वाईएमएफ, आपदा मित्र एवं पुलिस टीमों द्वारा केदारनाथ धाम से वापस लौट रहे श्रद्धालुओं को सुरक्षित रूप से मार्ग पार कराया गया। 🙏
प्रतिकूल मौसम के बीच मार्ग को सुचारु करने में… pic.twitter.com/np86pttFv9— Rudraprayag Police Uttarakhand (@RudraprayagPol) September 14, 2026
चीरबासा के पास खतरनाक बनी पहाड़ी, सोनप्रयाग में रोके गए थे श्रद्धालु
केदारनाथ पैदल मार्ग पर चीरबासा का इलाका पहाड़ी ढलान के कारण संवेदनशील माना जाता है। पहाड़ी से अचानक पत्थर और मलबा गिरने के कारण पैदल मार्ग का एक हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया था। यात्रियों की सुरक्षा को सर्वोपरि रखते हुए प्रशासन ने तुरंत प्रभाव से मार्ग पर आवागमन बंद कर दिया था। इसके बाद केदारनाथ की ओर बढ़ रहे श्रद्धालुओं को सोनप्रयाग और गौरीकुंड में ही रोक दिया गया था, जिससे वहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु मार्ग खुलने का इंतजार करते नजर आए।
🚩 केदारनाथ धाम पैदल यात्रा अपडेट 🔱
📅 दिनांक: 15 सितम्बर 2026 ⏰ समय: 08:30 बजे
श्री केदारनाथ धाम पैदल मार्ग पर गौरीकुण्ड से लगभग 2.5 किमी ऊपर चीरवासा के समीप क्षतिग्रस्त हुए मार्ग को सुचारु किए जाने तथा मार्ग में आए मलबे, पत्थर आदि को हटाने का कार्य युद्धस्तर पर प्रारम्भ कर… pic.twitter.com/VnwcqiNgI2— Rudraprayag Police Uttarakhand (@RudraprayagPol) September 15, 2026
मार्ग बंद होने की सूचना पर PWD की कार्यदायी संस्था के श्रमिकों और आपदा प्रबंधन की टीमों ने तुरंत मोर्चा संभाला। पहाड़ी से लगातार छोटे-बड़े पत्थर गिरने की आशंका बनी हुई थी, जिसके चलते काम कर रहे मजदूरों और सुरक्षा बलों के जवानों को भी विशेष सतर्कता बरतते हुए मलबा हटाने के निर्देश दिए गए थे।
सुरक्षा मानकों की जांच के बाद दी गई आगे जाने की अनुमति
मार्ग से मलबा हटाने के बाद प्रशासन और पुलिस की तकनीकी टीमों ने क्षतिग्रस्त हिस्से का गहन निरीक्षण किया। केवल मार्ग साफ करना ही नहीं, बल्कि आसपास के अन्य संवेदनशील हिस्सों की स्थिति का भी परीक्षण किया गया। जब यह पूरी तरह सुनिश्चित हो गया कि मार्ग श्रद्धालुओं के पैदल चलने के लिए सुरक्षित है और ऊपर से पत्थर गिरने का जोखिम कम हो गया है, तभी सोनप्रयाग में रोके गए श्रद्धालुओं को आगे बढ़ने की अनुमति प्रदान की गई।
केदारनाथ धाम से दर्शन कर वापस लौट रहे श्रद्धालुओं को SDRF और पुलिस के जवानों ने अपनी देखरेख में संवेदनशील क्षेत्र पार कराया। जवानों ने श्रद्धालुओं को छोटे समूहों में और गति नियंत्रित रखते हुए रास्ता पार कराया ताकि किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके।
प्रशासन व पुलिस की श्रद्धालुओं से सतर्क रहने की अपील
घटना के बाद रुद्रप्रयाग जिला प्रशासन और पुलिस विभाग ने केदारनाथ यात्रा पर आ रहे सभी श्रद्धालुओं से विशेष सतर्कता बरतने की अपील की है। पहाड़ी इलाकों में मौसम और पैदल मार्ग की परिस्थितियां पल-पल बदलती रहती हैं। प्रशासन ने यात्रियों से कहा है कि वे निर्धारित सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन करें और यात्रा के दौरान ड्यूटी पर तैनात पुलिस-प्रशासन व सुरक्षा बलों के दिशा-निर्देशों का ही अनुसरण करें।
अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि यदि मार्ग में कहीं भी मलबा या पत्थर गिरने की स्थिति उत्पन्न होती है, तो यात्री अपनी सुरक्षा को प्राथमिकता दें और सुरक्षा कर्मियों द्वारा दिए जाने वाले निर्देशों का पालन करते हुए सुरक्षित स्थानों पर ही रुकें।