खबरीलाल डेस्क
न्यूज़ डेस्क, चमोली (उत्तराखंड):
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उत्तराखंड के चमोली जिले से एक बेहद दर्दनाक और डराने वाली खबर सामने आई है। जिले के पीपलकोटी इलाके में स्थित टीएचडीसी (THDC) की विष्णुगाड-पीपलकोटी जलविद्युत परियोजना की एक निर्माणाधीन टनल (सुरंग) में अचानक भारी मात्रा में मलबा और पानी घुसने से एक बड़ा हादसा हो गया। इस अचानक आई आपदा के कारण सुरंग के भीतर काम कर रहे कई मजदूर अंदर ही फंस गए हैं।READ ALSO:-यूपी में मानसून का महा-तांडव: जलमग्न हुए शहर, उफान पर 10 नदियां; काशी के घाट डूबे, उन्नाव में सड़कों पर चलीं नावें और 75 जिलों में अलर्ट
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शुरुआती जानकारी के अनुसार, हादसे के वक्त टनल के अंदर करीब 20 से 25 मजदूर मौजूद थे। सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन, पुलिस और बचाव दल तुरंत मौके पर पहुंच गए हैं। फिलहाल रेस्क्यू ऑपरेशन पूरी तेजी से चलाया जा रहा है और फंसे हुए लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने की जद्दोजहद जारी है।
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कैसे हुआ हादसा और कैसे मची अफरा-तफरी?

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यह हादसा गुरुवार (13 अगस्त 2026) शाम के वक्त का बताया जा रहा है। अब तक सामने आई जानकारी के मुताबिक:
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    टीएचडीसी (टिहरी हाइड्रो डेवलपमेंट कारपोरेशन लिमिटेड) और उसकी सहयोगी कंपनी एचसीसी (HCC) द्वारा पीपलकोटी में DRT टनल के निर्माण का काम चल रहा था।
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    मजदूर अपनी शिफ्ट में रोजमर्रा की तरह सुरंग के अंदर खुदाई और अन्य निर्माण कार्यों में जुटे हुए थे।
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    शाम करीब 6:10 बजे अचानक सुरंग के एक हिस्से में जोरदार भू-धंसाव (Landslide) हुआ, जिसके चलते भारी मात्रा में मलबा और पानी टनल के अंदर घुसने लगा।
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    मलबे और पानी की रफ्तार इतनी तेज थी कि मजदूरों को बाहर निकलने का मौका ही नहीं मिला। सुरंग के भीतर काम कर रहे वाहन और मशीनें भी इसी मलबे में फंस गईं, जिससे अंदर अफरा-तफरी मच गई।
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रेस्क्यू ऑपरेशन जारी: अब तक 10 मजदूर सुरक्षित निकाले गए

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हादसे की सूचना जैसे ही प्रशासन तक पहुंची, इलाके में हड़कंप मच गया। तुरंत एक्शन लेते हुए स्थानीय प्रशासन ने राहत कार्य शुरू कर दिया:
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    चमोली के जिलाधिकारी (DM) और अन्य प्रशासनिक अधिकारी दल-बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे और कमान संभाली।
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    SDRF (राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल) और NDRF (राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल) की टीमों को तत्काल मोर्चे पर लगा दिया गया।
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    बचाव दल ने त्वरित कार्रवाई करते हुए अब तक के रेस्क्यू ऑपरेशन में करीब 8 से 10 मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया है
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    निकाले गए सभी मजदूरों को तुरंत नजदीकी अस्पताल भेजा गया है, जहां उनकी स्थिति फिलहाल खतरे से बाहर बताई जा रही है।
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    टनल में अभी भी 10 से 15 अन्य मजदूरों के फंसे होने की आशंका है, जिन्हें निकालने के लिए मशीनरी का इस्तेमाल कर मलबा हटाने का काम तेजी से किया जा रहा है।
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सीएम पुष्कर सिंह धामी ने दिए युद्धस्तर पर रेस्क्यू के निर्देश

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इस गंभीर हादसे पर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने तुरंत संज्ञान लिया है। उन्होंने रेस्क्यू ऑपरेशन की मॉनिटरिंग खुद शुरू कर दी है। सीएम धामी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर जानकारी साझा करते हुए कहा:
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"पीपलकोटी स्थित THDC टनल के भीतर मलबा एवं पानी आने की सूचना प्राप्त हुई है। घटना की गंभीरता को देखते हुए NDRF और SDRF की टीमों को तत्काल मौके पर भेजा गया है। जिला प्रशासन सहित सभी संबंधित एजेंसियों को युद्धस्तर पर राहत एवं बचाव अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं। मैं खुद भी अधिकारियों से निरंतर संपर्क में हूं और स्थिति की लगातार जानकारी ले रहा हूं। हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता टनल में फंसे प्रत्येक व्यक्ति को जल्द से जल्द सुरक्षित बाहर निकालना है।"
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रेस्क्यू टीम के सामने हैं ये बड़ी चुनौतियां

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सुरंग के अंदर लगातार पानी का रिसाव और भारी मलबे का ढेर बचाव कार्य में सबसे बड़ी बाधा बन रहा है। टनल के भीतर अंधेरा, ऑक्सीजन की कमी और संकरी जगह होने के कारण रेस्क्यू टीमों को बेहद सावधानी बरतनी पड़ रही है। फिलहाल, टनल के बाहर एंबुलेंस और मेडिकल टीमों को हाई-अलर्ट मोड पर रखा गया है, ताकि अंदर से निकाले जाने वाले मजदूरों को बिना किसी देरी के फर्स्ट एड और चिकित्सा सुविधा मुहैया कराई जा सके।
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प्रशासनिक अधिकारियों ने साफ किया है कि हादसे में कितने लोग फंसे हैं, इसकी सटीक संख्या की आधिकारिक पुष्टि रेस्क्यू खत्म होने के बाद ही हो सकेगी। पूरा प्रशासन और स्थानीय लोग इसी उम्मीद में हैं कि टनल में फंसे सभी मजदूरों को सकुशल बाहर निकाल लिया जाए।