मौसम डेस्क, उत्तर प्रदेश:
\r\n\r\nउत्तर प्रदेश में मानसून ने एक बार फिर विकराल रूप धारण कर लिया है। पहाड़ों पर हो रही लगातार मूसलाधार बारिश और मैदानी इलाकों में सक्रिय हुए नए मानसूनी सिस्टम के कारण पूरा प्रदेश जलभराव और बाढ़ की भीषण चपेट में आ गया है। गुरुवार को प्रदेश के गोरखपुर, आजमगढ़, जौनपुर, लखनऊ और झांसी समेत 15 से अधिक जिलों में हुई भारी बारिश ने जनजीवन को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है।READ ALSO:-मेरठ में लिव-इन का खौफनाक अंत: किन्नर को प्यार के जाल में फंसाकर ले उड़ा 2.5 लाख के जेवर और नकदी, थाने से भगाए जाने पर पहुंची एसएसपी दरबार
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पहाड़ों से आ रहे पानी के कारण गंगा, यमुना, शारदा, घाघरा और सरयू समेत प्रदेश की 10 प्रमुख नदियां खतरे के निशान से ऊपर या उसके करीब बह रही हैं। वर्तमान में राज्य के 16 जिलों के 80 से अधिक गांव बाढ़ के पानी से घिरे हुए हैं। सबसे गंभीर स्थिति फर्रुखाबाद जिले की है, जहां अकेले 49 गांव बाढ़ के पानी में पूरी तरह डूब चुके हैं।
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शहरों में सैलाब: सड़कों पर 1 फीट पानी, लखनऊ-झांसी में झमाझम
\r\n\r\nगुरुवार को प्रदेश के कई प्रमुख शहरों में जलभराव की भयंकर स्थिति देखने को मिली:
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- \r\n जौनपुर और गोरखपुर: जौनपुर में हुई मूसलाधार बारिश के बाद मुख्य सड़कें और गलियां तालाब में तब्दील हो गईं। गोरखपुर में सड़कों पर एक-एक फीट तक पानी भर गया, जिससे कई गाड़ियां और मोटरसाइकिलें पानी में फंसकर बंद हो गईं और चालकों को धक्का लगाना पड़ा।\r\n \r\n
- \r\n राजधानी लखनऊ: लखनऊ में दोपहर बाद अचानक काले बादलों ने डेरा डाल दिया और शाम होते-होते तेज हवाओं के साथ जोरदार बारिश शुरू हो गई। बारिश के कारण निचले इलाकों में पानी भर गया और शाम के वक्त दफ्तरों से लौटने वाले लोगों को लंबे ट्रैफिक जाम का सामना करना पड़ा।\r\n \r\n
- \r\n झांसी: झांसी में दिनभर की भीषण उमस और गर्मी के बाद शाम को मौसम का मिजाज बदला और मूसलाधार बारिश हुई, जिससे तापमान में गिरावट दर्ज की गई।\r\n \r\n
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काशी में घाट जलमग्न: हरिश्चंद्र घाट डूबा, शवदाह के लिए 3 घंटे का इंतजार
\r\n\r\nधर्मनगरी वाराणसी (काशी) में गंगा के बढ़ते जलस्तर ने तबाही मचानी शुरू कर दी है। गंगा का पानी घाटों की ऊपरी सीढ़ियों तक पहुंच चुका है, जिसके चलते तटवर्ती 100 से अधिक छोटे-बड़े मंदिर पूरी तरह जलमग्न हो चुके हैं।
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सबसे विकट स्थिति महाश्मशान हरिश्चंद्र घाट पर उत्पन्न हो गई है। यहाँ मुख्य शवदाह स्थल जलमग्न हो जाने के कारण अंतिम संस्कार का काम घाट की सबसे ऊपरी सीढ़ियों और गलियों में किया जा रहा है। जगह की कमी के कारण परिजनों को अपने स्वजनों के दाह-संस्कार के लिए 2 से 3 घंटे तक का लंबा इंतजार करना पड़ रहा है। मणिकर्णिका घाट पर भी स्थिति चिंताजनक बनी हुई है।
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कानपुर-उन्नाव में बाढ़ का तांडव: छतों पर जिंदगी, जाल में फंसा मगरमच्छ
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- \r\n कानपुर: कानपुर में गंगा नदी चेतावनी बिंदु के बेहद करीब पहुंच गई है। तटवर्ती 5 से अधिक गांवों में बाढ़ का पानी प्रवेश कर चुका है। स्थिति यह है कि बच्चे नावों में बैठकर स्कूल जाने को मजबूर हैं।\r\n \r\n
- \r\n उन्नाव की कॉलोनियों में चलीं नावें: उन्नाव के शुक्लागंज क्षेत्र में गंगा का पानी रिहायशी कॉलोनियों में घुस चुका है। लोग अपने घरों की छतों पर दिन और रात गुजारने को मजबूर हैं। गलियों में गाड़ियों की जगह नावें चल रही हैं।\r\n \r\n
- \r\n जाल में फंसा खूंखार मगरमच्छ: उन्नाव के शुक्लागंज स्थित आनंद घाट के पास गंगा में मछली पकड़ रहे मछुआरों के जाल में एक बड़ा मगरमच्छ फंस गया। जैसे ही मछुआरों ने जाल खींचकर देखा, मगरमच्छ को देखकर वहां हड़कंप मच गया और भारी संख्या में ग्रामीणों की भीड़ जमा हो गई।\r\n \r\n
- \r\n लखीमपुर-खीरी में भूमि कटान: लखीमपुर-खीरी जिले में उफनाई शारदा नदी तबाही मचा रही है। नदी के तेज बहाव और कटान के कारण अब तक किसानों की 70 एकड़ उपजाऊ जमीन नदी के आगोश में समा चुकी है।\r\n \r\n
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मौसम वैज्ञानिक का दावा: अभी और जोर पकड़ेगा मानसून
\r\n\r\nवाराणसी स्थित बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) के प्रसिद्ध मौसम वैज्ञानिक प्रो. मनोज श्रीवास्तव के अनुसार:
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\r\n\r\n\r\n"बंगाल की खाड़ी में एक नया और मजबूत निम्न दबाव का क्षेत्र (Low Pressure System) सक्रिय हुआ है। इस सिस्टम के प्रभाव से पूरे उत्तर प्रदेश में मानसून एक बार फिर पूरी ताकत के साथ सक्रिय हो रहा है। आने वाले दिनों में पूरे प्रदेश में अच्छी और मध्यम से भारी बारिश का दौर जारी रहने की पूरी संभावना है।"\r\n
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14 अगस्त 2026: प्रदेश के सभी 75 जिलों के लिए बारिश का रेड/ऑरेंज अलर्ट
\r\n\r\nभारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 14 अगस्त को उत्तर प्रदेश के सभी 75 जिलों में गरज-चमक और बिजली गिरने की आशंका के साथ बारिश की चेतावनी जारी की है। जिलों को तीन प्रमुख श्रेणियों में विभाजित किया गया है:
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1. भारी बारिश वाले जिले (15 जिले)
\r\n\r\nइन जिलों में मूसलाधार बारिश, आकाशीय बिजली और भारी जलभराव का अलर्ट जारी किया गया है:
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- \r\n पश्चिमी एवं बुंदेलखंड: सहारनपुर, बिजनौर, मुरादाबाद, रामपुर, झांसी, ललितपुर, हमीरपुर, महोबा, बांदा, चित्रकूट।\r\n \r\n
- \r\n पूर्वी व प्रयागराज मंडल: कौशांबी, प्रयागराज, संत रविदास नगर (भदोही), मिर्जापुर और सोनभद्र।\r\n \r\n
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2. मध्यम बारिश वाले जिले (30 जिले)
\r\n\r\nइन जिलों में मध्यम से तेज बारिश के साथ 30 से 40 किमी/घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का अनुमान है:
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- \r\n रुहेलखंड व तराई: शामली, मुजफ्फरनगर, अमरोहा, संभल, पीलीभीत, बरेली, बदायूं, शाहजहांपुर, लखीमपुर खीरी, सीतापुर, हरदोई।\r\n \r\n
- \r\n मध्य व अवध क्षेत्र: फर्रुखाबाद, कन्नौज, उन्नाव, लखनऊ, बाराबंकी, बहराइच, अयोध्या, सुल्तानपुर, अमेठी, प्रतापगढ़, रायबरेली, कानपुर नगर।\r\n \r\n
- \r\n पूर्वांचल: आजमगढ़, मऊ, जौनपुर, गाजीपुर, बलिया, वाराणसी और चंदौली।\r\n \r\n
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3. हल्की बारिश वाले जिले (30 जिले)
\r\n\r\nइन जिलों में रुक-रुक कर हल्की से मध्यम बौछारें पड़ने की संभावना जताई गई है:
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- \r\n एनसीआर व ब्रज क्षेत्र: मेरठ, हापुड़, अलीगढ़, एटा, कासगंज, मैनपुरी, बागपत, गाजियाबाद, गौतमबुद्ध नगर (नोएडा), बुलंदशहर, मथुरा, हाथरस, आगरा, फिरोजाबाद।\r\n \r\n
- \r\n मध्य व बुंदेलखंड: इटावा, औरैया, कानपुर देहात, जालौन।\r\n \r\n
- \r\n पूर्वी तराई क्षेत्र: श्रावस्ती, बलरामपुर, गोंडा, बस्ती, संत कबीर नगर, गोरखपुर, सिद्धार्थनगर, महाराजगंज, कुशीनगर और देवरिया।\r\n \r\n
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प्रशासन की चेतावनी और सुरक्षा उपाय
\r\n\r\nबाढ़ और भारी बारिश की गंभीर स्थिति को देखते हुए राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (SDMA) और स्थानीय प्रशासन ने सभी संवेदनशील जिलों में एनडीआरएफ (NDRF) और एसडीआरएफ (SDRF) की टीमों को अलर्ट पर रखा है।
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तटवर्ती इलाकों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर शरण लेने की सलाह दी गई है। इसके साथ ही, आम जनता से अपील की गई है कि वे जलभराव वाले क्षेत्रों, उफनाई नदियों के किनारों और पुराने जर्जर मकानों से दूर रहें तथा आकाशीय बिजली चमकने के दौरान खुले में खड़े होने से बचें।
Sabse pehle comment karne wale banein.