गणेश चतुर्थी के पावन अवसर पर बिजनौर जिले की धामपुर नगरी पूरी तरह से गणपति बप्पा की भक्ति में रंग गई है। शहर भर में विभिन्न स्थानों पर भव्य पंडाल सजाए गए हैं, जहां वैदिक मंत्रोच्चार और विधि-विधान के साथ भगवान श्री गणेश की प्रतिमाएं स्थापित की गई हैं। ढोल-नगाड़ों और 'गणपति बप्पा मोरिया' के जयकारों के साथ विघ्नहर्ता का स्वागत किया गया। धामपुर में आगामी 25 सितंबर तक इस गणपति महोत्सव की धूम रहेगी, और इस दौरान शहर के कोने-कोने में भगवान गणेश के विभिन्न मनमोहक स्वरूपों के दर्शन भक्तों को प्राप्त होंगे।
विभिन्न समितियों और प्रमुख स्थानों पर गणपति स्थापना धामपुर में कई प्रमुख स्थानों पर गणपति स्थापना कर धार्मिक अनुष्ठान शुरू कर दिए गए हैं। बड़ी मंडी क्षेत्र में 'गणेश शोभायात्रा समिति' के वरिष्ठ स्वयंसेवक विजय जैन ने अपनी पूरी टीम के साथ अपार भक्ति भावना से गणपति बप्पा को विराजमान किया। वहीं, शहर के अंकुर परिसर में अंकुर अग्रवाल, रवि माथुर और उनके अन्य सहयोगियों द्वारा भगवान गणेश की एक भव्य प्रतिमा स्थापित की गई है। यहां सुबह-शाम होने वाली आरती में बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं।

शहर के प्रमुख मंदिरों में गूंजे बप्पा के जयकारे सार्वजनिक पंडालों के साथ-साथ धामपुर के प्रमुख मंदिरों और समितियों ने भी गणेशोत्सव में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया है। मराठा समिति धामपुर, मंदिर बजरिया, सैनी मोहल्ला बड़वान स्थित मंदिर और श्री राधा कृष्ण मंदिर में भी भगवान गणपति की स्थापना कर विशेष पूजा-अर्चना प्रारंभ कर दी गई है। इन सभी स्थानों पर रंग-बिरंगी लाइटों और फूलों से मनमोहक सजावट की गई है। शाम के समय विशेष आरती, भजन संध्या और प्रसाद वितरण का आयोजन किया जा रहा है, जिससे पूरे धामपुर का वातावरण पूरी तरह से आध्यात्मिक और भक्तिमय हो गया है।
श्री राधा कृष्ण मंदिर में विशेष आयोजन धामपुर के प्राचीन और प्रसिद्ध श्री राधा कृष्ण मंदिर में गणपति महोत्सव को लेकर विशेष और व्यापक तैयारियां की गई हैं। इस मंदिर में महोत्सव का पूरा जिम्मा कार्यक्रम प्रभारी इंजीनियर अनिल कुमार शर्मा और विनीत कौशिक के कंधों पर है। श्री राधा कृष्ण मंदिर कमेटी द्वारा इस पूरे महोत्सव में भरपूर सहयोग दिया जा रहा है। आयोजन समिति यह सुनिश्चित कर रही है कि 25 सितंबर तक चलने वाले इस महोत्सव में प्रतिदिन आने वाले श्रद्धालुओं को सुगमता से दर्शन प्राप्त हों और सभी धार्मिक अनुष्ठान सुचारू रूप से संपन्न हो सकें।