उत्तर प्रदेश के बिजनौर जनपद में राष्ट्रीय जनगणना-2027 की प्रशासनिक तैयारियों को गति देते हुए विकास भवन सभागार में एक महत्वपूर्ण प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। जनगणना-2027 के द्वितीय चरण के सफल व त्रुटिरहित संचालन को लेकर मंगलवार, 15 सितंबर 2026 को जनपद स्तरीय अधिकारियों, चार्ज अधिकारियों, जनगणना सहायकों तथा तकनीकी सहायकों के लिए दो दिवसीय विशेष प्रशिक्षण शिविर का शुभारंभ किया गया। Bijnor News की दृष्टि से यह प्रशासनिक प्रक्रिया जिले में जनगणना के पारदर्शी व सटीक आंकड़ों के संकलन में अहम भूमिका निभाएगी।
कार्यों और जिम्मेदारियों का दिया गया विस्तृत विवरण
प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान मास्टर ट्रेनर्स व संबंधित अधिकारियों द्वारा उपस्थित जिला स्तरीय और ब्लॉक स्तरीय प्रशासनिक अधिकारियों को द्वितीय चरण में संपादित किए जाने वाले कार्यों की बारीकियों से अवगत कराया गया। प्रशिक्षण में स्पष्ट किया गया कि प्रत्येक अधिकारी और सहायक को अपनी निर्धारित समय-सीमा के भीतर निष्पक्षता एवं सटीकता के साथ कार्य पूरा करना होगा।

प्रशिक्षण के दौरान निम्नलिखित प्रमुख बिंदुओं पर विस्तृत दिशा-निर्देश प्रदान किए गए:
- डेटा संकलन की निर्धारित प्रक्रिया: डिजिटल व भौतिक माध्यमों से प्राथमिक व द्वितीयक आंकड़ों का सही तरीके से इंद्राज करना।
- तकनीकी सहायकों की भूमिका: तकनीकी पोर्टल, मोबाइल ऐप और सर्वर आधारित प्रणालियों में आने वाली समस्याओं के त्वरित निस्तारण के उपाय।
- क्षेत्रीय प्रगणकों का मार्गदर्शन: फील्ड में तैनात होने वाले प्रगणकों व पर्यवेक्षकों के कार्यों की दैनिक निगरानी और सत्यापन सुनिश्चित करना।
तकनीकी दक्षता और डेटा की सटीकता पर विशेष जोर
प्रशिक्षण शिविर में अधिकारियों ने कहा कि जनगणना एक बेहद संवेदनशील और व्यापक राष्ट्रीय कार्य है, जिसके आधार पर ही भविष्य की सरकारी योजनाओं, बजटीय आवंटन तथा बुनियादी ढांचागत विकास की नीतियां तय होती हैं। इसलिए डेटा संग्रहण के दौरान किसी भी प्रकार की मानवीय या तकनीकी लापरवाही की गुंजाइश नहीं रहनी चाहिए।
दो दिवसीय इस प्रशिक्षण सत्र के समापन के उपरांत सभी चार्ज अधिकारियों और सहायकों को अपने-अपने क्षेत्रों में प्रगणकों को प्रशिक्षित करने की जिम्मेदारी सौंपी जाएगी, ताकि जमीनी स्तर पर जनगणना-2027 के द्वितीय चरण का कार्य सुगमता और पारदर्शिता के साथ संपन्न कराया जा सके।