मेरठ के मोदीपुरम स्थित पल्लवपुरम फेस-2 के एन पॉकेट में मंगलवार, 15 सितंबर को सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) से क्लोरीन गैस का रिसाव हुआ। गैस फैलने के बाद आसपास रहने वाले कुछ लोगों को सांस लेने में परेशानी हुई। कई लोगों की तबीयत बिगड़ने पर उन्हें अस्पताल ले जाया गया।

करीब 50 मीटर तक महसूस हुआ असर

स्थानीय रिपोर्ट के अनुसार, गैस का असर STP के आसपास करीब 50 मीटर के दायरे में महसूस किया गया। स्थिति को देखते हुए प्रभावित क्षेत्र के करीब 100 मीटर के हिस्से को खाली कराया गया। आसपास के लोगों को सुरक्षित स्थान पर जाने की सलाह दी गई।

विज्ञापन
विज्ञापन

लोगों से घरों की खिड़कियां और दरवाजे बंद रखने को कहा गया। सांस लेने में परेशानी या गैस के संपर्क से जुड़ी कोई अन्य समस्या होने पर चिकित्सा सहायता लेने की सलाह दी गई।

STP से गैस रिसाव के बाद टीमें सक्रिय

घटना की जानकारी मिलने के बाद संबंधित टीमें मौके पर पहुंचीं। गैस के रिसाव को नियंत्रित करने और क्षेत्र को सुरक्षित बनाने का काम शुरू किया गया। प्रशासन की ओर से स्थिति पर नजर रखी गई।

पल्लवपुरम फेस-2 में 11 MLD क्षमता का सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट संचालित है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के उपलब्ध रिकॉर्ड में भी पल्लवपुरम-2 STP की क्षमता 11 MLD दर्ज है।

रिसाव के कारणों की जांच

गैस रिसाव किस वजह से हुआ, इसकी जांच की जा रही है। फिलहाल उपलब्ध रिपोर्टों में किसी जनहानि की सूचना नहीं है। अस्पताल ले जाए गए लोगों का उपचार कराया गया।

प्रशासन की प्राथमिकता गैस रिसाव को पूरी तरह नियंत्रित करना और आसपास के लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। जांच पूरी होने के बाद ही रिसाव की वास्तविक वजह और सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े पहलुओं की स्थिति स्पष्ट होगी।