देशभर में मानसून के सक्रिय रहने से मौसम के मिजाज में बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। इस ताजा Weather Update के मुताबिक, उत्तर भारत के पहाड़ी राज्यों हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर में समय से लगभग एक महीना पहले ही सीजन की पहली बर्फबारी दर्ज की गई है। वहीं मैदानी इलाकों की बात करें तो उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, राजस्थान, हरियाणा और पंजाब समेत छह राज्यों में तेज बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। दूसरी ओर, बिहार में गंडक, गंगा और सरयू जैसी प्रमुख नदियों के उफान से बाढ़ की स्थिति भयावह बनी हुई है।
पहाड़ों पर समय से पहले बिछी बर्फ की सफेद चादर हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर के ऊंचे पहाड़ी इलाकों में गुरुवार तड़के अचानक मौसम बदल गया। हिमाचल के रोहतांग, मनाली और भरमौर के पहाड़ों पर लगभग एक से डेढ़ इंच तक बर्फ की मोटी चादर बिछ गई है। आमतौर पर इन पर्वतीय क्षेत्रों में 15 अक्टूबर के आसपास पहली बर्फबारी होती है, लेकिन इस बार करीब एक महीने पहले ही हिमपात देखने को मिला है। इसी तरह जम्मू-कश्मीर के बांदीपोरा जिले की गुरेज घाटी और श्रीनगर के कुछ हिस्सों में झमाझम बारिश के साथ बर्फबारी हुई। उत्तराखंड के प्रसिद्ध धार्मिक स्थलों केदारनाथ, हेमकुंड साहिब और चमोली में भी हल्की बर्फबारी के साथ ओले गिरे हैं, जिससे पूरे पहाड़ी क्षेत्र में तापमान गिर गया है और ठंड ने दस्तक दे दी है।
मैदानी राज्यों में बारिश का अलर्ट मौसम विभाग ने मैदानी राज्यों के लिए चेतावनी जारी करते हुए उत्तर प्रदेश के 35 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार 20 सितंबर से पश्चिमी यूपी और 22 सितंबर से पूरे राज्य में मौसम शुष्क होने की संभावना है। मध्य प्रदेश में इस मानसूनी सीजन में अब तक औसतन 33.1 इंच बारिश दर्ज की जा चुकी है, जो कि इसके सामान्य कोटे की 88.7 प्रतिशत है। राजस्थान और पंजाब के 23 से अधिक जिलों में आंधी-तूफान के साथ बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। इसके अलावा हरियाणा और दिल्ली-एनसीआर में तेज हवाओं के साथ हुई बारिश से लोगों को उमस भरी गर्मी से बड़ी राहत मिली है।
बिहार में बिगड़े हालात, 50 लाख आबादी प्रभावित एक तरफ जहां पहाड़ी राज्यों में बर्फबारी से ठंड बढ़ रही है, वहीं बिहार में बारिश और नदियों के बढ़ते जलस्तर ने भारी तबाही मचाई है। बिहार के 15 जिलों में करीब 50 लाख की आबादी अभी भी बाढ़ के पानी से बुरी तरह प्रभावित है। राज्य में गंगा नदी का जलस्तर वर्ष 2016 के पिछले सारे रिकॉर्ड तोड़ते हुए एक फीट ऊपर बह रहा है। बाढ़ का पानी उतरते ही 700 से अधिक ग्रामीण सड़कें क्षतिग्रस्त पाई गई हैं, जिनमें से 100 से अधिक सड़कें पूरी तरह से बह चुकी हैं। मौसम विभाग ने बिहार के 26 जिलों में बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है, जिससे राहत एवं बचाव कार्यों में चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है।
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