सुशांत सिंह राजपूत की पूर्व मैनेजर रहीं दिशा सालियान की मौत के मामले में एक बार फिर बड़ा कानूनी और राजनीतिक घटनाक्रम सामने आया है। दिशा के पिता सतीश सालियान ने शिवसेना (यूबीटी) नेता आदित्य ठाकरे और महाराष्ट्र के पूर्व गृह मंत्री व एनसीपी (शरद पवार गुट) के वरिष्ठ नेता अनिल देशमुख को 500 करोड़ रुपये का भारी-भरकम मानहानि नोटिस भेजा है। बार एंड बेंच की रिपोर्ट के मुताबिक, इस कानूनी नोटिस में सतीश सालियान ने दोनों नेताओं से 7 दिनों के भीतर सार्वजनिक रूप से माफी मांगने, अपने बयान वापस लेने और हर्जाना भरने की कड़ी मांग की है।

बयानों से आहत पिता ने उठाया यह सख्त कदम इस नोटिस की मुख्य वजह दोनों नेताओं द्वारा हाल ही में दिए गए बयान हैं। दरअसल, मामले की जांच में आदित्य ठाकरे का नाम उछलने पर उन्होंने इसे पूरी तरह से राजनीति से प्रेरित बताया था। 16 सितंबर को आदित्य ने अपनी सफाई में कहा था कि वह दिशा सालियान से कभी नहीं मिले और उनसे उनकी कोई जान-पहचान नहीं थी। उनका आरोप था कि पिछले 6 साल से राजनीतिक और निजी कारणों से बिना किसी पुख्ता सबूत के उनका नाम इस केस में घसीटा जा रहा है। वहीं, पूर्व गृह मंत्री अनिल देशमुख ने भी इस मामले को आदित्य को बदनाम करने की एक सोची-समझी साजिश करार दिया था। दिशा के पिता सतीश सालियान का स्पष्ट कहना है कि इन नेताओं के बयानों ने उनकी निष्पक्ष जांच की मांग को जनता के सामने गलत तरीके से पेश किया है, जिससे परिवार की भावनाएं बुरी तरह आहत हुई हैं।

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हाईकोर्ट के सख्त आदेश पर सीबीआई ने दर्ज की है एफआईआर गौरतलब है कि 28 वर्षीय दिशा सालियान की 8 जून 2020 को मुंबई की एक ऊंची इमारत से गिरने के कारण संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। इसके ठीक 6 दिन बाद 14 जून को मशहूर बॉलीवुड अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत भी अपने फ्लैट में मृत पाए गए थे। मुंबई पुलिस की शुरुआती दोनों जांचों में दिशा की मौत को आत्महत्या करार दिया गया था। लेकिन न्याय की गुहार लगाते हुए सतीश सालियान ने बॉम्बे हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया। उनकी याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने 2 सितंबर को सीबीआई को इस मामले की नए सिरे से जांच करने और एफआईआर दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसी आदेश के अनुपालन में 14 सितंबर को सीबीआई ने केस दर्ज कर अपनी विस्तृत जांच शुरू कर दी है।

सीबीआई की जांच के घेरे में कई बड़े नाम सीबीआई द्वारा हाल ही में दर्ज की गई एफआईआर में आदित्य ठाकरे के अलावा बॉलीवुड अभिनेता डीनो मोरिया, सूरज पंचोली और रिया चक्रवर्ती सहित कई जाने-माने लोगों के नाम शामिल बताए गए हैं। इसके साथ ही उस रात ड्यूटी पर मौजूद पुलिसकर्मियों, मेडिकल स्टाफ और अन्य संबंधित लोगों की भूमिका की भी बारीकी से जांच की जा रही है। हालांकि, कानूनी जानकारों और जांच एजेंसी का भी यही कहना है कि सिर्फ एफआईआर में नाम शामिल होना ही किसी का अपराध साबित नहीं करता है। सभी आरोपों की असली सच्चाई सीबीआई की निष्पक्ष जांच पूरी होने के बाद ही सामने आ सकेगी। फिलहाल सभी की निगाहें आदित्य ठाकरे और अनिल देशमुख के अगले कदम पर टिकी हैं कि वे इस 7 दिन के अल्टीमेटम वाले नोटिस का क्या कानूनी जवाब देते हैं।

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