उत्तर प्रदेश सरकार ने प्रदेश के पारंपरिक कारीगरों और हस्तशिल्पियों को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। भगवान विश्वकर्मा जयंती के पावन अवसर पर प्रदेश भर में 'विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना 2.0' का भव्य शुभारंभ किया गया। इसी कड़ी में गुरुवार को राजधानी लखनऊ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में आयोजित मुख्य कार्यक्रम का बिजनौर कलेक्ट्रेट स्थित महात्मा विदुर सभागार में सजीव प्रसारण (Live Telecast) किया गया। इस विशेष अवसर पर विश्वकर्मा स्वरोजगार एवं स्वदेशी मेला 2026 पर आधारित एक प्रदर्शनी लगाई गई और नए मार्जिन मनी ऋण पोर्टल की शुरुआत भी की गई।

डीएम जसजीत कौर ने 200 कारीगरों को बांटी निशुल्क टूलकिट लखनऊ के मुख्य कार्यक्रम के सजीव प्रसारण के उपरांत, बिजनौर जिला प्रशासन द्वारा स्थानीय स्तर पर एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस मौके पर बिजनौर की जिलाधिकारी जसजीत कौर ने जिले के 200 चयनित कारीगरों और हस्तशिल्पियों को अपने हाथों से निशुल्क टूलकिट का वितरण किया। नई और आधुनिक टूलकिट पाकर कारीगरों के चेहरे पर खुशी साफ नजर आ रही थी। जिलाधिकारी जसजीत कौर ने कार्यक्रम में उपस्थित महिलाओं और कारीगरों को संबोधित करते हुए कहा कि राज्य सरकार की इस योजना का मुख्य उद्देश्य छोटे कामगारों को सशक्त बनाना है। उन्होंने सभी उपस्थित लोगों से 'विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना 2.0' का अधिक से अधिक लाभ उठाने की अपील की, ताकि वे अपना आर्थिक और सामाजिक उत्थान कर एक बेहतर जीवन यापन कर सकें।

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इस अवसर पर जिले के मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) रणविजय सिंह ने भी कारीगरों का उत्साहवर्धन किया। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि प्रदेश के सर्वांगीण विकास में कारीगरों का अहम योगदान है और "कारीगरों का सम्मान ही आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश की असली पहचान है।"

बिजनौर : विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना 2.0 का शुभारंभ, डीएम जसजीत कौर ने 200 कारीगरों को बांटी निशुल्क टूलकिट

योजना 2.0 में मिलेंगे 10 लाख तक के बिना गारंटी वाले लोन 'विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना 2.0' को पहले से कहीं ज्यादा लाभकारी और व्यापक बनाया गया है। कार्यक्रम में मौजूद बिजनौर के उपायुक्त उद्योग अमित कुमार सिंह ने योजना की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि अब इस नई और अपग्रेडेड योजना के तहत कारीगरों को अपना व्यवसाय शुरू करने या उसे आगे बढ़ाने के लिए 10 लाख रुपये तक का लोन उपलब्ध कराया जाएगा। सबसे बड़ी खासियत यह है कि इस लोन के लिए किसी गारंटी की जरूरत नहीं होगी और यह पूरी तरह से ब्याज मुक्त (Zero Interest) होगा। इसके साथ ही, लाभार्थियों को राज्य सरकार की ओर से 15 प्रतिशत की मार्जिन मनी सब्सिडी भी प्रदान की जाएगी, जिससे उन पर आर्थिक बोझ कम होगा।

अमित कुमार सिंह ने आगे बताया कि बदलते वक्त और बाजार की मांग को देखते हुए योजना का दायरा भी बढ़ाया गया है। 'विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना 2.0' में 16 पारंपरिक ट्रेड (जैसे- बढ़ई, दर्जी, कुम्हार, लोहार आदि) के साथ-साथ 9 नए आधुनिक ट्रेड भी शामिल किए गए हैं। इस प्रकार अब कुल 25 अलग-अलग ट्रेड से जुड़े कारीगर इस सुविधा का लाभ उठा सकते हैं। इसके अतिरिक्त, इस योजना के अंतर्गत कामगारों को प्रशिक्षण के दौरान 5000 रुपये का मानदेय भी दिया जाएगा। कार्यक्रम में कई अन्य विभागीय अधिकारी व बड़ी संख्या में कारीगर मौजूद रहे।

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