हरिद्वार: नोएडा के बहुचर्चित निठारी कांड के मामलों में आरोपी रहे सुरेंद्र कोली की हरिद्वार में मौत हो गई है। शुक्रवार को उत्तरी हरिद्वार के भूपतवाला क्षेत्र में एक चाय की दुकान पर उसका शव फंदे से लटका मिला। शुरुआती जानकारी के मुताबिक कोली पिछले कुछ महीनों से हरिद्वार में रह रहा था और चाय की दुकान चला रहा था। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में लिया और मामले की जांच शुरू कर दी है। 

पुलिस के अनुसार घटना भूपतवाला क्षेत्र में सप्त सरोवर रोड के पास हुई। दुकान से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। पुलिस मौत से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर रही है। 

विज्ञापन
विज्ञापन

2025 में सभी मामलों में मिली थी कानूनी राहत

सुरेंद्र कोली निठारी कांड से जुड़े कई मामलों में आरोपी था। 2023 में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने निठारी से जुड़े 12 मामलों में उसे और सह-आरोपी मनिंदर सिंह पंढेर को बरी कर दिया था। जुलाई 2025 में सुप्रीम कोर्ट ने इन मामलों में उनकी बरी होने की स्थिति को बरकरार रखा।

कोली के खिलाफ एक मामला तब भी लंबित था। 11 नवंबर 2025 को सुप्रीम कोर्ट ने उसकी क्यूरेटिव याचिका स्वीकार करते हुए उस मामले में भी दोषसिद्धि और सजा रद्द कर दी और उसे सभी आरोपों से बरी कर दिया। कोर्ट ने आदेश दिया था कि अगर किसी दूसरे मामले में उसकी जरूरत नहीं है तो उसे तत्काल रिहा किया जाए। 

इस तरह 2025 में निठारी कांड से जुड़े उसके खिलाफ चल रहे सभी मामलों में उसे अदालत से राहत मिल गई थी।

निठारी कांड से कैसे जुड़ा था नाम?

निठारी कांड दिसंबर 2006 में सामने आया था। नोएडा के निठारी गांव में मनिंदर सिंह पंढेर की कोठी के पास नाले से बच्चों के कंकाल और अवशेष मिलने के बाद मामला देशभर में चर्चा में आया था। सुरेंद्र कोली उस समय पंढेर की कोठी में काम करता था और मामले में उसके खिलाफ कई मुकदमे दर्ज हुए थे। 

फिलहाल हरिद्वार पुलिस उसकी मौत की परिस्थितियों की जांच कर रही है।

विज्ञापन
विज्ञापन