उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां चांदपुर थाना क्षेत्र के ग्राम मंसूरपुर में पुलिस ने एक ऐसी कथित लूट की घटना का खुलासा किया है, जिसका मास्टरमाइंड कोई और नहीं बल्कि खुद शिकायतकर्ता ही निकला। मेडिकल स्टोर के गल्ले की रकम और ऑनलाइन गेमिंग की लत से जुड़े कर्ज को परिवार और मालिक से छिपाने के लिए युवक ने अपने ही साथ लूट होने की एक फिल्मी और फर्जी कहानी पुलिस को सुनाई थी।
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थाना चांदपुर पुलिस मु0अ0सं0 556/26 धारा 217/305(ए)/ 317(2) बीएनएस से संबंधित अभियुक्त को ₹40,200/- की नगदी एवं एक मोबाइल फोन सहित गिरफ्तार किया गया। इस संबंध में पुलिस अधीक्षक, जनपद बिजनौर की बाइट।#UPPolice pic.twitter.com/fBLQt5me6J— BIJNOR POLICE (@bijnorpolice) September 18, 2026
ऑनलाइन गेमिंग और कर्ज के जाल में फंसा युवक
Follow the Khabreelal News channel on WhatsApp Join ›पुलिस द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, 14 सितंबर को सुमित कुमार नाम के युवक ने पुलिस थाने में एक तहरीर दी थी। उसने आरोप लगाया था कि तीन अज्ञात बदमाशों ने उसके साथ मारपीट की और उसका मोटो G84 मोबाइल फोन तथा 1 लाख 4 हजार 500 रुपये लूट लिए। इस गंभीर शिकायत के आधार पर पुलिस ने तत्काल अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर मामले की छानबीन शुरू कर दी।
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थाना चांदपुर पुलिस द्वारा मु0अ0सं0 556/26 धारा 217/305(ए)/317(2) बीएनएस से संबंधित अभियुक्त को 40,200/- रुपये की नगदी एव एक मोबाईल फोन सहित गिरफ्तार किया गया । #UPPolice pic.twitter.com/nWxRxH7aeP— BIJNOR POLICE (@bijnorpolice) September 18, 2026
पुलिस की जांच में संदिग्ध मिले तथ्य
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस टीम ने जब घटनाक्रम और सुमित के बयानों की गहराई से पड़ताल की, तो कथित लूट की इस पूरी घटना में कई झोल नजर आए। सुमित की बातों और घटनास्थल के साक्ष्यों का आपस में मेल नहीं खा रहा था। विवेचना में सामने आए ठोस तथ्यों के आधार पर पुलिस ने इस कथित लूट को पूरी तरह से झूठा पाया और 18 सितंबर को कहानी रचने वाले शिकायतकर्ता सुमित कुमार को ही गिरफ्तार कर लिया।
झाड़ियों में छिपाए थे मोबाइल और नकदी
पुलिसिया पूछताछ में सुमित टूट गया और उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया। उसने बताया कि वह मेडिकल स्टोर के गल्ले से बिना अनुमति के रकम निकालता था और मेडिकल फर्मों से मिली कलेक्शन की रकम को अपने निजी खातों तथा ऑनलाइन गेमिंग में लगा चुका था। जब कर्ज बढ़ गया, तो बचने के लिए उसने यह झूठी कहानी रची। कथित घटना को असली दिखाने के लिए उसने अपना मोबाइल फोन और 40,200 रुपये चकरोड तिराहे पर लगी एक शिलापट्टिका के पीछे घास और झाड़ियों में छिपा दिए थे, जिसे पुलिस ने बरामद कर लिया है।
इस खुलासे के बाद पुलिस ने मुकदमे में दर्ज लूट की धारा को हटा दिया है और आरोपी के खिलाफ धारा 217, 305(ए) और 317(2) बीएनएस के तहत कार्रवाई करते हुए आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी है।