उत्तर प्रदेश में खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग (FDA) ने मिलावटखोरी और किचन में फैली अस्वच्छता के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई की है। राज्य के तीन प्रमुख शहरों— नोएडा, लखनऊ और गोरखपुर में 152 टीमों ने एक साथ छापेमारी कर 233 फास्ट फूड कार्ट, स्टॉल, फूड कोर्ट और बड़े रेस्टोरेंट पर कार्रवाई की है। जांच के दौरान नामी-गिरामी आउटलेट्स की रसोइयों में फंगस, चूहे, गंभीर गंदगी, खराब ड्रेनेज सिस्टम और एक्सपायर्ड नॉनवेज समेत कई भयानक अनियमितताएं पाई गईं।

नोएडा के 13 नामी रेस्टोरेंट के लाइसेंस होंगे रद्द

नोएडा में FDA की 57 टीमों ने 71 आउटलेट्स की जांच की और 42 नोटिस थमाए। गंभीर गड़बड़ियों के चलते 13 आउटलेट्स के लाइसेंस रद्द करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इनमें मोती महल डिलक्स, कैसल बारबेक्यू, द येलो चिली, एब्सोल्यूट बारबेक्यूज, निहाऊ, पंजाबी ढाबा-61, रोड हाउस, पैडी हॉस्पिटैलिटी/रोलिंग फ्रेश, मिनिस्ट्री ऑफ दारू, टेस्ट ऑफ दिल्ली एवं जायका, ईट क्लब और कार्निवल फूड डिलाइट शामिल हैं। इन स्थानों पर पके और कच्चे खाने को एक साथ रखना, कीड़े-मकोड़े और गलत तापमान पर रखा भोजन पाया गया।

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लखनऊ में सबवे और बीकानेरवाला पर भी गाज

राजधानी लखनऊ में 52 टीमों ने 78 आउटलेट्स खंगाले और 42 नोटिस जारी किए। आलमबाग स्थित शालीमार गेटवे के सबवे (Subway) में ड्रेनेज और सैनिटेशन की भारी कमी के चलते मौके पर ही लाइसेंस रद्द कर उसे बंद करा दिया गया। इसके अलावा फन मॉल स्थित बीकानेरवाला (Bikanerwala), गोली वड़ा पाव और आर्क बलेनो में खाद्य पदार्थों में फंगस, दुर्गंध, चूहे और वाटर लॉगिंग मिलने पर उन्हें बंद करने की सिफारिश की गई है।

गोरखपुर में 84 प्रतिष्ठानों पर छापेमारी

गोरखपुर में FDA की 43 टीमों ने 84 आउटलेट्स में छापेमारी की और 79 नोटिस जारी किए। खाद्य सुरक्षा विभाग ने सभी कारोबारियों को सख्त निर्देश दिए हैं कि वे किचन की साफ-सफाई, सुरक्षित भंडारण का तापमान, वैलिड लाइसेंस और गुणवत्तापूर्ण कच्चे माल का ध्यान रखें। यदि तय समय सीमा में मानकों का पालन नहीं हुआ, तो सीधे लाइसेंस निरस्त कर सीलिंग की कार्रवाई की जाएगी।

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