उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले के धामपुर स्थित शिखर शिशु सदन सी० सै० स्कूल में एक भव्य और प्रेरणादायी विश्व शांति यात्रा का आयोजन किया गया। इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों और समाज के बीच शांति, अहिंसा, प्रेम, सद्भाव और 'वसुधैव कुटुम्बकम्' (पूरा विश्व एक परिवार है) की भावना को मजबूत करना था। इस भव्य आयोजन में विद्यालय के करीब 1100 छात्र-छात्राओं ने पूरे उत्साह और अनुशासन के साथ भाग लिया और जन-जन तक मानवता का संदेश पहुंचाया।
शांति पाठ के साथ हुई यात्रा की शुरुआत कार्यक्रम का शुभारंभ विद्यालय परिसर में सामूहिक शांति पाठ से किया गया। इसमें सभी छात्र-छात्राओं और शिक्षकों ने हिस्सा लिया। शांति पाठ के जरिए यह संदेश दिया गया कि ब्रह्मांड, अंतरिक्ष और पृथ्वी सहित प्रत्येक प्राणी के जीवन में शांति का वास हो। बच्चों को समझाया गया कि वास्तविक शांति बाहरी परिस्थितियों से नहीं, बल्कि विचारों और अंतर्मन से शुरू होती है।
इसके बाद विद्यालय के प्रबंधक नरेन्द्र कुमार गुप्ता, प्रबंध समिति की सदस्या मधुश्री गुप्ता, धामपुर नगर के चेयरमैन रवि चौधरी, प्रधानाचार्या भारती सिंह और डायरेक्टर डॉ० शेखर अवस्थी ने हरी झंडी दिखाकर इस विश्व शांति यात्रा को रवाना किया। यह आयोजन मैत्री बोध परिवार, अखिल भारतीय आध्यात्मिक समिति और विद्यालय प्रबंधन के संयुक्त तत्वावधान में संपन्न हुआ।

शहर के प्रमुख मार्गों से गुजरी अनुशासित रैली विद्यालय परिसर से शुरू हुई यह विशाल शांति यात्रा शहर के मालवीय चौक होते हुए सुभाष चौक पहुंची और वहां से नगीना चौराहे की ओर आगे बढ़ी। मार्ग में छात्रों के अनुशासन और उत्साह ने पूरे वातावरण को सकारात्मक बना दिया। सुभाष चौक और नगीना चौराहे के बीच विद्यालय प्रबंध समिति के कोषाध्यक्ष सुनील गुप्ता ने यात्रा का भव्य स्वागत किया।
Follow the Khabreelal News channel on WhatsApp Join ›छात्रों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि विश्व शांति की शुरुआत हमारे अंतर्मन से होती है। अगर हर व्यक्ति क्रोध, द्वेष और नफरत को त्याग कर प्रेम और करुणा को अपना ले, तो विश्व शांति की दिशा में यह एक बड़ा कदम होगा। उन्होंने बच्चों से इस संदेश को अपनी दैनिक जीवनशैली का हिस्सा बनाने की अपील की।
युवाओं में मानवीय मूल्यों का विकास समय की मांग विद्यालय की प्रधानाचार्या भारती सिंह ने कहा कि आज जब दुनिया युद्ध, हिंसा और आतंकवाद जैसी गंभीर चुनौतियों का सामना कर रही है, तब शांति और 'वसुधैव कुटुम्बकम्' का संदेश देना सबसे ज्यादा जरूरी हो गया है। विद्यालय के प्रबंधक नरेन्द्र कुमार गुप्ता ने जोर देते हुए कहा कि आज के समय में युवाओं को प्रेम, अहिंसा और भाईचारे की शिक्षा देना वक्त की मांग है, क्योंकि यही बच्चे भविष्य के शांतिपूर्ण समाज का निर्माण करेंगे। डायरेक्टर डॉ० शेखर अवस्थी ने भी कहा कि शिक्षा का असली उद्देश्य केवल किताबी ज्ञान देना नहीं, बल्कि बच्चों को एक जिम्मेदार और संवेदनशील इंसान बनाना है।
इस शांति यात्रा को सफल और व्यवस्थित बनाने में विद्यालय के शिक्षक आर० एन० सिंह, गुरप्रीत सिंह, राकेश कुमार, अंकित सिसौदिया, अंकित शर्मा, आकान्शु रंजन, राजेश कुमार, शोभित कुमार और संजीव कुमार सहित पूरे स्टाफ का विशेष योगदान रहा।