मुरादाबाद: स्मार्ट ट्रांसपोर्ट, पर्यावरण संरक्षण और वायु प्रदूषण पर लगाम लगाने की दिशा में उत्तर प्रदेश में एक नई और अनूठी पहल की शुरुआत हुई है। केंद्र सरकार की 'स्मार्ट सिटी योजना' के तहत मुरादाबाद प्रदेश का ऐसा पहला शहर बन गया है, जहां आम नागरिकों के लिए 'ई-स्कूटर शेयरिंग प्रोजेक्ट' (E-Scooter Sharing Project) लॉन्च किया गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस के खास अवसर पर शुरू की गई इस योजना का मुख्य उद्देश्य शहरवासियों को बेहद किफायती दरों पर पर्यावरण-अनुकूल 'ग्रीन राइड' का विकल्प प्रदान करना है। इस पहल से शहर में व्यक्तिगत पेट्रोल और डीजल वाहनों पर निर्भरता कम होगी और कार्बन उत्सर्जन घटाने में मदद मिलेगी।
मात्र 23 रुपये प्रतिदिन के खर्च पर मिलेगा ई-स्कूटर
स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत आम लोगों के बजट का विशेष ध्यान रखा गया है। इस योजना के अंतर्गत कोई भी नागरिक मात्र ₹699 प्रति माह का किराया देकर पूरे एक महीने के लिए ई-स्कूटर ले सकता है। यदि इसका दैनिक हिसाब लगाया जाए, तो एक दिन का खर्च 23 रुपये से भी कम पड़ता है।
पहले चरण में 15 हाई-टेक इलेक्ट्रिक स्कूटरों का पहला बेड़ा सड़कों पर उतारा गया है। स्मार्ट सिटी के मुख्य अभियंता (Chief Engineer) ए.के. मित्तल ने बताया कि वर्तमान में 15 ई-स्कूटरों के साथ इसका ट्रायल व संचालन शुरू किया गया है। नागरिकों की प्रतिक्रिया और इस प्रयोग की सफलता के आधार पर आने वाले समय में स्कूटरों की संख्या में और बढ़ोतरी की जाएगी।
70 किलोमीटर से अधिक की रेंज और डिजिटल डिस्प्ले
प्रोजेक्ट में शामिल किए गए सभी स्कूटर पूरी तरह से बैटरी संचालित (Electric Vehicle) हैं।
Follow the Khabreelal News channel on WhatsApp Join ›- माइलेज/रेंज: एक बार फुल चार्ज होने पर यह स्कूटर 70 किलोमीटर से अधिक की दूरी आसानी से तय कर सकता है।
- डिजिटल डिस्प्ले: स्कूटर में अत्याधुनिक डिस्प्ले स्क्रीन दी गई है, जो चालक को रियल-टाइम में बैटरी का स्तर और रेंज की जानकारी देती रहेगी। इससे सफर के दौरान बैटरी अचानक खत्म होने की आशंका नहीं रहेगी।
- सुरक्षा व्यवस्था: सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए सेवा प्रदाता कंपनी की ओर से ई-स्कूटर के साथ एक गुणवत्तापूर्ण हेलमेट भी दिया जाएगा।
बिना ड्राइविंग लाइसेंस और रजिस्ट्रेशन के चला सकेंगे
इस योजना की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें शामिल ई-स्कूटर 'लो-स्पीड' (Low-Speed) श्रेणी के हैं। मोटर वाहन अधिनियम के तहत कम रफ्तार वाले इन इलेक्ट्रिक वाहनों को चलाने के लिए ड्राइविंग लाइसेंस (DL) या गाड़ी के रजिस्ट्रेशन (RTO Registration) की आवश्यकता नहीं होती है। यह व्यवस्था कॉलेज के छात्रों, महिलाओं और वरिष्ठ नागरिकों के लिए काफी सुविधाजनक साबित होगी जो कम दूरी की यात्राओं के लिए किफायती साधन तलाशते हैं।
4 साल पुरानी ई-बाइक सेवा का अपग्रेडेड मॉडल
मुरादाबाद में करीब चार साल पहले ई-बाइक (E-Bike) शेयरिंग प्रोजेक्ट शुरू किया गया था। नागरिकों की बढ़ती मांग और तकनीकी प्रगति को देखते हुए अब उसी पुरानी सेवा को अपग्रेड कर ई-स्कूटर में बदल दिया गया है। उत्तर प्रदेश में इस प्रकार की स्कूटर शेयरिंग सेवा शुरू करने वाला मुरादाबाद पहला शहर है। यूपी के बाहर की बात करें तो पड़ोसी राज्य राजस्थान के भरतपुर शहर में इस तरह का स्कूटर शेयरिंग मॉडल सफलतापूर्वक संचालित किया जा रहा है।
कैसे मिलेगी यह सेवा?
ई-स्कूटर प्राप्त करने के लिए नागरिकों को सेवा प्रदाता कंपनी द्वारा निर्धारित बुनियादी शर्तों को पूरा करना होगा। इसके तहत आवेदकों को अपना पहचान पत्र जमा कर सत्यापन प्रक्रिया पूरी करनी होगी और निर्धारित शुल्क (₹699 प्रति माह) का भुगतान करना होगा। प्रक्रिया पूरी होते ही स्कूटर नागरिक को सौंप दिया जाएगा। इस योजना के व्यापक स्तर पर लागू होने से मुरादाबाद न केवल अन्य स्मार्ट शहरों के लिए एक रोल मॉडल बनेगा, बल्कि स्थानीय स्तर पर ध्वनि व वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने में भी मील का पत्थर साबित होगा।