उत्तर प्रदेश के मेरठ शहर में रविवार को आसमान में एक अद्भुत, ऐतिहासिक और बेहद रोमांचक नजारा देखने को मिला। भारतीय वायुसेना (IAF) की विश्व प्रसिद्ध 'सूर्यकिरण' एयरोबैटिक टीम ने लगातार दूसरे दिन अपने शानदार मेरठ एयर शो से दर्शकों का दिल जीत लिया। मेरठ की न्यू इंटीग्रेटेड टाउनशिप के आसमान में जब 9 हॉक MK-132 (Hawk MK-132) लड़ाकू विमानों ने तेज गड़गड़ाहट के साथ एक साथ उड़ान भरी, तो नीचे खड़े करीब 50 हजार दर्शकों के रोंगटे खड़े हो गए। इन विमानों ने जमीन से महज 100 फीट की ऊंचाई पर हैरतअंगेज करतब दिखाकर वायुसेना के अदम्य साहस, अनुशासन और बेजोड़ कौशल का उत्कृष्ट प्रमाण पेश किया। इस नजारे ने हर भारतीय का सीना गर्व से चौड़ा कर दिया।
आसमान में विमानों की कलाबाजी और तिरंगे का रंग वायुसेना के इन धुरंधर पायलटों ने आसमान में एयरोबैटिक्स का ऐसा विश्वस्तरीय प्रदर्शन किया, जिसे देखकर लोग दांतों तले उंगली दबाने को मजबूर हो गए। लड़ाकू विमानों ने हवा में एक-दूसरे से 5-10 मीटर से भी कम की बेहद खतरनाक दूरी पर शानदार फॉर्मेशन में उड़ान भरी। सबसे मनमोहक और यादगार दृश्य तब उत्पन्न हुआ, जब इन जेट्स ने आसमान में धुएं की मदद से एक विशाल 'दिल' की आकृति बनाई। इसके ठीक बाद विमानों ने अपने पीछे से केसरिया, सफेद और हरे रंग का धुआं छोड़कर पूरे आसमान को भारतीय तिरंगे के रंगों से रंग दिया। शो के दौरान विमान कभी बेहद तेजी से जमीन की ओर गोता लगाते और फिर अचानक पलटी मारकर सीधे आसमान की अनंत ऊंचाइयों में खो जाते। जब दो लड़ाकू विमान तेज गति से आमने-सामने से आकर एक-दूसरे को बेहद करीब से क्रॉस करते, तो रोमांच के चरम पर लोगों की चीखें निकल जाती थीं। लगभग 30 मिनट तक चले इस भव्य एयर शो के दौरान दर्शक दीर्घा से लगातार तालियों और सीटियों की गूंज सुनाई देती रही। पूरा माहौल 'भारत माता की जय' और 'जय हिंद' के नारों से गुंजायमान रहा।
@khabreelal_news मेरठ में लगातार दूसरे दिन भारतीय वायुसेना की 'सूर्यकिरण' टीम ने शानदार मेरठ एयर शो का प्रदर्शन किया। 9 हॉक MK-132 लड़ाकू विमानों ने 100 फीट की ऊंचाई पर आसमान में 'दिल' और तिरंगा बनाकर 50 हजार दर्शकों को रोमांचित कर दिया। pic.twitter.com/wTpjFJzW6X
— MK Vashisth (@vadhisth) September 20, 2026
मेरठ के लाल और वीआईपी मेहमानों की मौजूदगी इस ऐतिहासिक एयर शो की एक और सबसे खास बात यह रही कि 'सूर्यकिरण' टीम में मेरठ के ही तीन जांबाज अफसर शामिल रहे, जिससे स्थानीय लोगों का उत्साह दोगुना हो गया। स्क्वाड्रन लीडर अमन गोयल और स्क्वाड्रन लीडर राहुल सिंह ने आसमान में हॉक विमानों की कमान संभाल कर अपने कौशल का प्रदर्शन किया, जबकि स्क्वाड्रन लीडर शरद गोयल ने जमीन से इस पूरे शो का उत्कृष्ट मैनेजमेंट किया। इन सभी 9 लड़ाकू विमानों ने गाजियाबाद के हिंडन एयरबेस से अपनी उड़ान भरी थी। इस भव्य आयोजन को देखने के लिए केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ, उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री सोमेंद्र तोमर, राज्यसभा सांसद लक्ष्मीकांत वाजपेयी सहित मेरठ के डीएम और एसएसपी भी सपरिवार कार्यक्रम स्थल पर मौजूद रहे। हालांकि, एयर शो को लेकर लोगों में इतना अधिक उत्साह था कि कार्यक्रम स्थल के बाहर करीब 2 किलोमीटर लंबा भारी जाम लग गया। इस कारण कई लोग ग्राउंड तक नहीं पहुंच सके और उन्होंने रास्तों, छतों और हाईवे पर रुककर ही आसमान में हो रहे इन करतबों का आनंद लिया।
क्या है वायुसेना की 'सूर्यकिरण' टीम? 'सूर्यकिरण' भारतीय वायुसेना की एक विशिष्ट और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ख्याति प्राप्त एयरोबैटिक्स प्रदर्शन टीम है, जिसकी स्थापना साल 1996 में की गई थी। यह टीम वायुसेना के प्रतिष्ठित 52वें स्क्वाड्रन का एक अहम हिस्सा है। इस टीम में कुल 13 अत्यंत कुशल और अनुभवी पायलट होते हैं, जिनमें से एक समय में केवल 9 पायलट ही डायमंड या अन्य फॉर्मेशन में उड़ान भरते हैं। सूर्यकिरण टीम में शामिल होने के लिए पायलटों का चयन बेहद कड़े मानकों के आधार पर होता है। केवल लड़ाकू विमान उड़ाने वाले उन चुनिंदा पायलटों को ही इसमें जगह मिलती है, जिनके पास किरण एयरक्राफ्ट उड़ाने का कम से कम 1,000 घंटे और लड़ाकू उड़ान का लगभग 2,000 घंटे का गहन अनुभव हो। पायलटों के अलावा इस टीम में एक फ्लाइट कमांडर, एक प्रशासक और क्वालिफाइड फ्लाइंग इंस्ट्रक्टर भी शामिल होते हैं।