उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में साइबर पुलिस ने एक बड़े फर्जीवाड़े का पर्दाफाश करते हुए एक बीकॉम पास युवक को गिरफ्तार किया है। आरोपी पर फूड डिलीवरी ऐप स्विगी (Swiggy) पर फर्जी रेस्टोरेंट बनाकर क्रेडिट कार्ड धारकों से लगभग 30 लाख रुपये की साइबर ठगी करने का गंभीर आरोप है। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से चार मोबाइल फोन, एक टैबलेट और एक लैपटॉप भी बरामद किया है। यह शातिर अपराधी बैंक ग्राहकों को बातों में फंसाकर उनके कार्ड की जानकारी हासिल करता था और फिर फर्जी ऑर्डर के जरिए पूरी रकम अपने खाते में ट्रांसफर कर लेता था।

यूट्यूब से सीखा ठगी का तरीका, एफएसएसएआई से कराया रजिस्ट्रेशन एसीपी साइबर क्राइम अमित सक्सेना ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि पकड़े गए आरोपी की पहचान गर्वित के रूप में हुई है। वह मूल रूप से हरियाणा के रोहतक का रहने वाला है और वर्तमान में गाजियाबाद के वैशाली इलाके में रह रहा था। पुलिस की पूछताछ में गर्वित ने बताया कि वह पहले टेक महिंद्रा कंपनी में कस्टमर केयर एग्जीक्यूटिव के तौर पर काम करता था। इसी दौरान उसने यूट्यूब पर वीडियो देखकर ऑनलाइन ठगी के तरीके सीखे। अपनी योजना को असली रूप देने के लिए उसने स्विगी पर दो फर्जी रेस्टोरेंट बनाए और बकायदा एफएसएसएआई (FSSAI) से उनका रजिस्ट्रेशन भी करा लिया, ताकि किसी को शक न हो।

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टेलीग्राम चैनल से निकालता था क्रेडिट कार्ड का डेटा आरोपी गर्वित ने पुलिस को बताया कि उसे यूट्यूब के माध्यम से ही 'फास्ट ओटीपी बॉट' नाम के एक टेलीग्राम चैनल के बारे में पता चला था। इस चैनल से उसे क्रेडिट कार्ड इस्तेमाल करने वाले लोगों का गोपनीय डेटा आसानी से मिल जाता था। पुलिस जांच में पता चला है कि आरोपी ने इस चैनल से करीब 52 एक्सिस बैंक क्रेडिट कार्ड धारकों की जानकारी हासिल की थी। इसके बाद वह खुद को बैंक का ग्राहक सेवा अधिकारी (Customer Care Officer) बताकर इन लोगों को फोन करता था। सर्विस चार्ज या लेट पेमेंट फीस हटाने का झांसा देकर वह बड़ी चालाकी से उनके क्रेडिट कार्ड की पूरी जानकारी और ओटीपी हासिल कर लेता था।

फर्जी डिलीवरी दिखाकर खाते में मंगाता था पैसे कार्ड की जानकारी मिलने के बाद आरोपी अपने ही फर्जी रेस्टोरेंट के नाम से स्विगी पर ऑर्डर जनरेट करता था। इसके बाद वह ऐप पर फर्जी डिलीवरी दिखाकर उस ऑर्डर का पूरा पैसा अपने बैंक खाते में मंगा लेता था। जब कई लोगों ने फ्रॉड की शिकायत की, तो स्विगी ने उसके एक फर्जी रेस्टोरेंट को ब्लॉक कर दिया। लेकिन इसके बाद शातिर गर्वित ने दूसरे नाम से एक नया फर्जी रेस्टोरेंट बनाकर दोबारा ठगी का धंधा शुरू कर दिया। पुलिस के अनुसार, बीते 17 सितंबर को भी उसने इसी टेलीग्राम चैनल से मिले एक क्रेडिट कार्ड डेटा का इस्तेमाल कर करीब 38 हजार रुपये का फर्जी स्विगी ऑर्डर जनरेट किया था। साइबर पुलिस अब टेलीग्राम चैनल से जुड़े नेटवर्क, फर्जी दस्तावेजों और ठगी में इस्तेमाल किए गए मोबाइल नंबरों की गहनता से जांच कर रही है।

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