उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में पानीपत-खटीमा राष्ट्रीय राजमार्ग पर बीती रात एक बेहद दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। रोहाना थाना क्षेत्र में मन्नत होटल के पास एक तेज रफ्तार कार अनियंत्रित होकर सड़क किनारे खड़े एक भारी ट्रक में पीछे से जा घुसी। यह टक्कर इतनी भयंकर थी कि कार के परखच्चे उड़ गए और उसमें सवार दो दोस्तों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। हादसे की सूचना मिलने पर पहुंची पुलिस ने स्थानीय ग्रामीणों की मदद से भारी मशक्कत के बाद कार को काटकर दोनों शवों को बाहर निकाला और पोस्टमार्टम के लिए जिला मोर्चरी भेज दिया।
हरिद्वार से वापस दिल्ली लौटते समय हुआ हादसा पुलिस द्वारा दी गई आधिकारिक जानकारी के अनुसार, मृतकों की पहचान दिल्ली के घसा क्षेत्र के रहने वाले सतीश (पुत्र स्वर्गीय महेंद्र सिंह) और दिनेश (पुत्र रामकुमार) के रूप में हुई है। दोनों आपस में पक्के दोस्त थे और कुछ दिन पहले अपनी कार से उत्तराखंड के हरिद्वार घूमने के लिए गए थे। बीती रात करीब 2 बजे जब वे हरिद्वार से दर्शन कर वापस दिल्ली लौट रहे थे, तभी रोहाना चौकी क्षेत्र में मन्नत होटल के पास उनकी कार इस भयानक हादसे का शिकार हो गई। तेज आवाज सुनकर आसपास के ग्रामीण मौके पर दौड़े और पुलिस को सूचना दी। रोहाना चौकी प्रभारी मोहित कुमार अपनी पुलिस टीम के साथ तुरंत मौके पर पहुंचे, लेकिन तब तक दोनों युवकों की सांसें थम चुकी थीं।
सीआरपीएफ में तैनात था दिनेश, सतीश था ड्राइवर इस दर्दनाक हादसे की खबर जैसे ही मुजफ्फरनगर पुलिस ने दिल्ली स्थित उनके परिजनों को दी, दोनों परिवारों में कोहराम मच गया। रोते-बिलखते परिजन सुबह ही मुजफ्फरनगर जिला अस्पताल पहुंच गए। परिजनों ने बताया कि सतीश पेशे से एक ड्राइवर था। वह अपने परिवार में सबसे छोटा था और अभी उसकी शादी नहीं हुई थी। वहीं, उसका दोस्त दिनेश केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) में कार्यरत था। दिनेश की अचानक हुई मौत से उसकी पत्नी और तीन छोटे बच्चों के सिर से पिता का साया हमेशा के लिए उठ गया है। दोनों परिवारों पर अचानक दुखों का बड़ा पहाड़ टूट पड़ा है।
हाइवे पर खड़ी गाड़ियों को लेकर ग्रामीणों में भारी आक्रोश इस जानलेवा हादसे के बाद स्थानीय ग्रामीणों में हाइवे पर अवैध रूप से खड़े होने वाले ट्रकों और भारी वाहनों को लेकर भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है। ग्रामीणों ने पुलिस और प्रशासन के सामने सवाल उठाते हुए कहा कि पानीपत-खटीमा राजमार्ग पर अक्सर ट्रक और अन्य भारी वाहन बिना किसी इंडिकेटर या रिफ्लेक्टर के गलत तरीके से सड़क किनारे पार्क कर दिए जाते हैं। रात के अंधेरे में तेज रफ्तार वाहनों के चालकों को ये खड़े वाहन दिखाई नहीं देते, जिसके कारण ऐसे भयानक हादसे होते हैं। ग्रामीणों का दावा है कि कुछ दिन पहले भी इसी इलाके में सड़क किनारे खड़े एक वाहन की वजह से बड़ी दुर्घटना हुई थी। उन्होंने प्रशासन से हाईवे पर होने वाली इस अवैध पार्किंग पर सख्त कार्रवाई करने की मांग की है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।
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